{"_id":"6a8609c5155d1dffd60b359f","slug":"life-imprisonment-for-parents-who-killed-their-daughter-mathura-news-c-369-1-mt11002-151222-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बेटी के हत्यारे माता-पिता को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बेटी के हत्यारे माता-पिता को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। बेटी की गोली मारकर हत्या करने वाले माता-पिता को विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) अरविंद कुमार द्वितीय ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पिता पर सात तथा मां पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
राया स्थित यमुना एक्सप्रेस के लिंक रोड स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के पास 18 नवंबर 2022 को लाल रंग के ट्रॉली बैग में एक 21 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। युवती की छाती में बाईं ओर गोली का निशान था। सिर, हाथ और पैरों में चोट के निशान उसके ऊपर हुई बेरहमी की तरफ इशारा कर रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज युवती का शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस ने 21 नवंबर को मृतका की पहचान दिल्ली के बदरपुर स्थित मोड़ बंद एक्सटेंशन निवासी 21 वर्षीय आयुषी यादव के रूप में की।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आयुषी की हत्या उसके पिता नितेश यादव ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर की थी। हत्या के बाद पत्नी ब्रजबाला की मदद से शव को छिपाने के लिए यमुना एक्सप्रेस के लिंक मार्ग पर फेंक दिया। पुलिस ने युवती की मां ब्रजबाला और पिता नितेश यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया। कुछ समय बाद दोनों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष साबित करने का काफी प्रयास किया लेकिन एडीजीसी क्राइम की दलील, 11 गवाह, साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला आने के बाद दोनों को सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया गया है।
विज्ञापन
राया स्थित यमुना एक्सप्रेस के लिंक रोड स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के पास 18 नवंबर 2022 को लाल रंग के ट्रॉली बैग में एक 21 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। युवती की छाती में बाईं ओर गोली का निशान था। सिर, हाथ और पैरों में चोट के निशान उसके ऊपर हुई बेरहमी की तरफ इशारा कर रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज युवती का शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस ने 21 नवंबर को मृतका की पहचान दिल्ली के बदरपुर स्थित मोड़ बंद एक्सटेंशन निवासी 21 वर्षीय आयुषी यादव के रूप में की।
विज्ञापन
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आयुषी की हत्या उसके पिता नितेश यादव ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर की थी। हत्या के बाद पत्नी ब्रजबाला की मदद से शव को छिपाने के लिए यमुना एक्सप्रेस के लिंक मार्ग पर फेंक दिया। पुलिस ने युवती की मां ब्रजबाला और पिता नितेश यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया। कुछ समय बाद दोनों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष साबित करने का काफी प्रयास किया लेकिन एडीजीसी क्राइम की दलील, 11 गवाह, साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला आने के बाद दोनों को सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया गया है।