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कान्हा तोइऐ बुलाय गई नथबारी
अमर उजाला ब्यूरो मथ्ाुरा
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:44 AM IST
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भोर से सखियों की राह तकते रहे ग्वाले
- फोटो : अमर उजाला
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नंदगांव में ग्वालों को भोर से सखियों का इंतजार था। सुबह के 10 बजते-बजते तो ग्वाल बाल बेचैन हो गए। घड़ी की सुई 11 बजाने लगीं तभी पीली धोती, सफेद बगलबंदी और कमर में पटुका बांधे एक गोस्वामी युवक ने नंदभवन के सेवायत गोस्वामी को खबर दी कि बरसाना से बैंड बाजों के साथ लाड़ली जी की सखियां नंदभवन की ओर आ रही हैं।
राधा नाम की सखी के सिर पर वृषभानुभवन से भेजी गई गुलाल की हांडी और गोपाल बाबा के हाथों में एक पोटली लगी हुई है। सेवायतों ने जल्द ही मंदिर के अंदर तैयारियां पूरी कीं। सखियों के नंदभवन में प्रवेश करते ही ग्वालों ने सभी का चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके बाद गोस्वामीजन सखियों को कन्हैया के निज महल की ओर ले गए। मंदिर के अंदर पहुंचकर सखियों ने फाग के निमंत्रण रूपी गुलाल और लाड़ली जू की भेंट सेवायतों को कन्हैया के श्री चरणों में रखने के लिए दी।
सखियों ने लाड़लीजी का संदेश सुनाया और कन्हैया से बोलीं कि कल आप अपने सखाओं के साथ बरसाना की लठामार होली के लिए आमंत्रित हैं। निमंत्रण पाकर ग्वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। सब एक दूसरे को बधाई देने लगे। सेवायत ने गुलाल की हांडी कन्हैया के श्रीचरणों में रखी। इसके बाद सखियों का प्रतिनिधित्व कर रही राधा सखी को प्रसादी लड्डू, इत्र, फोहा आदि भेंट किया।
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ग्वाल बाल सखियों से बरजोरी कर उन्हें जगमोहन तक लेकर आए। यहां होली के रसिया पर जमकर नृत्य हुआ। एक सखी चार ग्वालों पर भारी पड़ रही थी। रसिया के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। ग्वालों ने सखियों को राजभोग कराया और बरसाना आकर होली खेलने का आश्वासन दिया। इसके बाद सखियां बरसाना के लिए प्रस्थान कर गईं।
ब्रज से शोभा फाग की, ब्रज की शोभा फाग
फाग निमंत्रण उत्सव के दौरान नंदभवन में होली के रसिया गाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ केदार गोस्वामी और दिनेश गोस्वामी ने ‘गिरि शंकर शिखर नंदगांव है...’ गाकर किया। रसिका पागल बाबा के शिष्य चित्र, विचित्र ने ‘हे रंग डार गयौ मोपे सांवरा...’ की प्रस्तुति दी।
चंद्रकला ने ‘मत छेड़ो सांवरिया डगरिया मैं तो फंस गई बीच बजरिया’ की प्रस्तुति दे कन्हैंया के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई। संगीताचार्य राधारमण गेास्वामी ने राग काफी में ‘होरी खेलत नंदकुमार ब्रज में धूम मची...’ की प्रस्तुति देकर लोगों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया।
लठामार के लिए तैयार हुए ग्वाले
लठामार होली का न्यौता मिलने केबाद हुरियारे तैयारियों में जुट गए हैं। बुधवार को समाज गायन के दौरान बरसाना से आए गुलाल को वितरित किया गया। हरीमोहन गोस्वामी ने बताया कि ढालों को गोटा, सितारे आदि की सहायता से विभिन्न प्रकार से सजाया जा रहा है। कोई हुरियारा अपनी ढाल पर श्री राधे तो कोई खूब खेलो, कोई दै भाभी प्रेम ते लिख रहा है। गुरुवार को बरसाना प्रस्थान से पूर्व गोस्वामीजनों द्वारा चौपई निकाली जाएगी।
नंदबाबा मंदिर से गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघनजी की चौपाल तक चौपई को लाया जाएगा। यहां से सभी हुरियारे नंदगांव हमारौ खेरौ, बाबा नंद जशोदा मइया श्याम सखा संग मेरौ का गान करते हुए सिंहपौर पर पहुंचेंगे। बरसाना जाते समय ग्वाने संकेतवट मार्ग से प्रियाकुंड पहुंचेंगे। यहां बरसाना के लोग उनकी अगवानी भांग ठंडाई, रंग ,गुलाल आदि देकर करेंगे। प्रिया कुंड पर स्वागत सत्कार के बाद नंदगांव के सभी हुरियारे ठाकुर जी की ध्वजा लेकर श्रीजी मंदिर की ओर होली गाते हुए प्रस्थान करेंगे।
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राधा नाम की सखी के सिर पर वृषभानुभवन से भेजी गई गुलाल की हांडी और गोपाल बाबा के हाथों में एक पोटली लगी हुई है। सेवायतों ने जल्द ही मंदिर के अंदर तैयारियां पूरी कीं। सखियों के नंदभवन में प्रवेश करते ही ग्वालों ने सभी का चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके बाद गोस्वामीजन सखियों को कन्हैया के निज महल की ओर ले गए। मंदिर के अंदर पहुंचकर सखियों ने फाग के निमंत्रण रूपी गुलाल और लाड़ली जू की भेंट सेवायतों को कन्हैया के श्री चरणों में रखने के लिए दी।
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सखियों ने लाड़लीजी का संदेश सुनाया और कन्हैया से बोलीं कि कल आप अपने सखाओं के साथ बरसाना की लठामार होली के लिए आमंत्रित हैं। निमंत्रण पाकर ग्वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। सब एक दूसरे को बधाई देने लगे। सेवायत ने गुलाल की हांडी कन्हैया के श्रीचरणों में रखी। इसके बाद सखियों का प्रतिनिधित्व कर रही राधा सखी को प्रसादी लड्डू, इत्र, फोहा आदि भेंट किया।
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ग्वाल बाल सखियों से बरजोरी कर उन्हें जगमोहन तक लेकर आए। यहां होली के रसिया पर जमकर नृत्य हुआ। एक सखी चार ग्वालों पर भारी पड़ रही थी। रसिया के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। ग्वालों ने सखियों को राजभोग कराया और बरसाना आकर होली खेलने का आश्वासन दिया। इसके बाद सखियां बरसाना के लिए प्रस्थान कर गईं।
ब्रज से शोभा फाग की, ब्रज की शोभा फाग
फाग निमंत्रण उत्सव के दौरान नंदभवन में होली के रसिया गाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ केदार गोस्वामी और दिनेश गोस्वामी ने ‘गिरि शंकर शिखर नंदगांव है...’ गाकर किया। रसिका पागल बाबा के शिष्य चित्र, विचित्र ने ‘हे रंग डार गयौ मोपे सांवरा...’ की प्रस्तुति दी।
चंद्रकला ने ‘मत छेड़ो सांवरिया डगरिया मैं तो फंस गई बीच बजरिया’ की प्रस्तुति दे कन्हैंया के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई। संगीताचार्य राधारमण गेास्वामी ने राग काफी में ‘होरी खेलत नंदकुमार ब्रज में धूम मची...’ की प्रस्तुति देकर लोगों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया।
लठामार के लिए तैयार हुए ग्वाले
लठामार होली का न्यौता मिलने केबाद हुरियारे तैयारियों में जुट गए हैं। बुधवार को समाज गायन के दौरान बरसाना से आए गुलाल को वितरित किया गया। हरीमोहन गोस्वामी ने बताया कि ढालों को गोटा, सितारे आदि की सहायता से विभिन्न प्रकार से सजाया जा रहा है। कोई हुरियारा अपनी ढाल पर श्री राधे तो कोई खूब खेलो, कोई दै भाभी प्रेम ते लिख रहा है। गुरुवार को बरसाना प्रस्थान से पूर्व गोस्वामीजनों द्वारा चौपई निकाली जाएगी।
नंदबाबा मंदिर से गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघनजी की चौपाल तक चौपई को लाया जाएगा। यहां से सभी हुरियारे नंदगांव हमारौ खेरौ, बाबा नंद जशोदा मइया श्याम सखा संग मेरौ का गान करते हुए सिंहपौर पर पहुंचेंगे। बरसाना जाते समय ग्वाने संकेतवट मार्ग से प्रियाकुंड पहुंचेंगे। यहां बरसाना के लोग उनकी अगवानी भांग ठंडाई, रंग ,गुलाल आदि देकर करेंगे। प्रिया कुंड पर स्वागत सत्कार के बाद नंदगांव के सभी हुरियारे ठाकुर जी की ध्वजा लेकर श्रीजी मंदिर की ओर होली गाते हुए प्रस्थान करेंगे।