फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   lathamar holi at sri krishna janmsthan

झमाझम बरसौ फागुन, भक्त भए सराबोर

Mon, 02 Mar 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 02 Mar 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
बरसाना और नंदगांव के बाद रंगभरनी एकादशी को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जमकर गुलाल की बरसात हुई। गीत, संगीत की स्वर लहरियों के बीच आसमान से उड़ते गुलाल को देख मौजूद जनसमुदाय राधा-कृष्ण की भक्ति में सराबोर हो गया।
विज्ञापन



श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली आयोजन का शुभारंभ गीतांजलि के नेतृत्व में मथुरा, गोवर्धन, भरतपुर और हरियाणा के 50 से ज्यादा कलाकारों की लीला मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ। ब्रज वंदना के रूप में श्रीजुगल किशोरी की आरती हुई। मंजू और रेखा ने लोकगीत ‘यमुना किनारे मेरौ गांव, श्याम रे आजइयो’ पर नृत्य की प्रस्तुति दी। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई।
विज्ञापन



मंच पर अंतिम प्रस्तुति के रूप में ‘आज खेलन बरसाने में आए हैं नटवर नंदकिशोर’ के बोलों के साथ फूलों की होली हुई। अनुपम दृश्य देख भक्त भावविभोर हो गए। ढोल की तेज आवाज के साथ मंच और संपूर्ण परिसर आनंदित हो झूम उठा।
विज्ञापन
विज्ञापन



रविवार को शाम पांच बजे अभी फूलों की होली का दौर खत्म भी नहीं हुआ था कि आसमान में गुलाल उड़ने लगा। देखते ही देखते जन्मस्थान परिसर में गुलाल के बादल छा गए। गुलाबी, पीले और हरे। हर तरफ से बरस रहे गुलाल से बचने की किसी ने कोशिश की तो टोलियों में आईं हुरियारिनों ने उन्हें लठिया लिया। गुलाल की बरसात के बीच हुरियारिनों की प्रेम पगीं लाठियां बरसतीं रहीं। हुरियारिनों की लाठियों की आवाज के साथ जुगल सरकार की जयजयकार से श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर गूंज उठा। करीब 30 मिनट तक आस्था के आनंद में सभी सराबोर होते रहे।


इससे पूर्व लीला मंच पर विराजमान श्रीयुगल सरकार श्रीराधा-कृष्ण की आरती कार्ष्णि गुुरु शरणानंद महाराज ने की। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, किशोर भरतिया, नंदकिशोर अग्रवाल भी मौजूद रहे।


मयूर नृत्य ने बांधा समां
‘आयो रसिया मोर बन आयो रसिया’ पर मयूर नृत्य की प्रस्तुति में कृष्ण बने राजेश शर्मा और राधा बनी गीतांजलि के साथ तन्वी शर्मा, स्वाती, राखी, मंजू, दीपक, माधव ने लीला मंच पर समां बांध दिया। भरतपुर के कुमार पाल और होशियार सिंह ने चरकुला नृत्य प्रस्तुत किया।


हरियाणा के कलाकार वर्षा सैनी, पूजा, दीपिका, उमेश, मुकेश, दीपक और मंजीत ने शिव की भक्ति में बम लहरी प्रस्तुत की। मथुरा की कलाकार एकता, रेखा और स्वाती ने ‘होरी में कोई नार नैना मार गई रे’ पर नृत्य प्रस्तुत किया।


आयो रसिया आज होली खेलन कू आयो रसिया..., ओ गोवर्धन महाराज के साथ मेरे मन में बस गया श्याम..., कुएं की पनिहारी मैं घंणी दूर तै आया..., फागण आया रंग भर्या..., मारेगी गांव की गोरी... जैसे एक के बाद हरियाणवी लोकगीतों पर लोकनृत्य की प्रस्तुति ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

ठंड के बावजूद भीड़ का रहा दबाव
मौसम की करवट से लग रहा था कि जन्मस्थान पर भीड़ कम रहेगी। लेकिन अंदाजा गलत रहा। भक्तों से लीला मंच के चारों ओर खुले मैदान के साथ भागवत भवन को जाने वाली सीढ़ियां और गर्भगृह मंदिर से पूर्व छत भक्तों से भर गईं। जन्मस्थान को जाने वाले दोनों रास्ते भी ठसाठस चले।



कैमरे में कैद करने में जुटे रहे वीआईपी
वीआईपी भी रंग और गुलाल की मार से नहीं बच सके। सभी ने कैमरों में इस पल को कैद किया।

डीजे, डीएम, एसएसपी पहुंचे परिवार सहित
जन्मस्थान पर लठामार होली देखने के लिए रविवार को जिला जज दिनेश कुमार सिंह, डीएम राजेश कुमार और एसएसपी मंजिल सैनी आदि अधिकारी परिवार के साथ पहुंचे। वीआईपी की लिस्ट में सीआरपीएफ के अफसरों का परिवार भी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed