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Mathura News: बुजुर्ग के नाम पर फर्जी बैनामा कर 1.05 करोड़ की जमीन हड़पी
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चौमुहां। थाना जैत क्षेत्र में बुजुर्ग के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर पैतृक जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने बुजुर्ग के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति का फोटो लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर दो अलग-अलग बैनामे करा लिए। इसके बाद जमीन का करीब 1.05 करोड़ रुपये में सौदा कर इकरारनामा भी कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम राल (नगला मोहर सिंह) निवासी धर्मवीर सिंह पुत्र भिक्की ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मौजा राल स्थित खाता संख्या 538 और खसरा संख्या 415 की कुल 4.0830 हेक्टेयर पैतृक जमीन में उनके पिता भिक्की सिंह, धर्मवीर सिंह और उनके दो भाइयों समवीर सिंह व बलवीर सिंह के नाम दर्ज हैं।
आरोप है कि भरतपुर राजस्थान निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने रियांश चौधरी निवासी टाउनशिप मथुरा और राजेश निवासी गुलावली भरतपुर के साथ मिलकर जमीन हड़पने की साजिश रची। आरोपियों ने 17 दिसंबर 2024 को मथुरा रजिस्ट्री कार्यालय में भिक्की सिंह की 1.0120 हेक्टेयर जमीन का बैनामा करा लिया। इसमें भिक्की सिंह के स्थान पर किसी अन्य बुजुर्ग व्यक्ति का फोटो लगाया गया और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। पीड़ित के अनुसार, फोटो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की मूंछें भी नहीं थीं, जबकि उनके पिता मूंछ रखते हैं। उनका आरोप है कि बैनामा कराए जाने के दिन उनके पिता रजिस्ट्री कार्यालय गए ही नहीं थे।
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पीड़ित ने बताया कि इसी तारीख को वंदना गुप्ता पत्नी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर और प्रदीप कुमार अग्रवाल निवासी नदिया मोहल्ला भरतपुर ने भी गवाहों के साथ मिलकर उनके पिता की शेष 0.5060 हेक्टेयर जमीन का कथित रूप से फर्जी बैनामा करा लिया। इस तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पैतृक जमीन को अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, जमीन का नामांतरण कराने के बाद मनोज कुमार गुप्ता ने उसका आगे सौदा करना शुरू कर दिया। 15 जनवरी 2025 को 1.0120 हेक्टेयर जमीन का इकरारनामा अलवर राजस्थान निवासी आशीष कुमार सेठी के नाम 47 लाख रुपये में किया गया। इसमें 45 लाख रुपये एडवांस लेने का आरोप है। इस इकरारनामे में द्वारिका प्रसाद और प्रदीप कुमार गवाह बनाए गए।
इसके बाद आठ अप्रैल 2025 को मैसर्स श्री श्याम डेवलपर्स के पार्टनर सुरेश कुमार सेठी निवासी अलवर के नाम 1.5530 हेक्टेयर जमीन का 66 लाख रुपये में इकरारनामा किया गया। इसमें 60 लाख रुपये एडवांस लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है। दोनों इकरारनामों की कुल रकम एक करोड़ 13 लाख रुपये है, जबकि एडवांस के रूप में एक करोड़ पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनोज कुमार गुप्ता पुत्र बद्रीप्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर, रियांश चौधरी पुत्र रामवीर सिंह निवासी टाउनशिप मथुरा, राजेश पुत्र रामबाबू सिंह निवासी भरतपुर, वंदना गुप्ता पत्नी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर, प्रदीप कुमार अग्रवाल पुत्र सुरेशचंद अग्रवाल निवासी भरतपुर, आशीष कुमार सेठी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सेठी निवासी अलवर, द्वारिका प्रसाद पुत्र छीतरमल निवासी अलवर, प्रदीप कुमार पुत्र कुंवर सिंह निवासी भरतपुर, मैसर्स श्री श्याम डेवलपर्स जैत मथुरा और सुरेश कुमार सेठी पुत्र ग्यारसी मल सेठी निवासी अलवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस रजिस्ट्री कार्यालय के अभिलेखों, बैनामों पर लगे फोटो और हस्ताक्षरों समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम राल (नगला मोहर सिंह) निवासी धर्मवीर सिंह पुत्र भिक्की ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मौजा राल स्थित खाता संख्या 538 और खसरा संख्या 415 की कुल 4.0830 हेक्टेयर पैतृक जमीन में उनके पिता भिक्की सिंह, धर्मवीर सिंह और उनके दो भाइयों समवीर सिंह व बलवीर सिंह के नाम दर्ज हैं।
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आरोप है कि भरतपुर राजस्थान निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने रियांश चौधरी निवासी टाउनशिप मथुरा और राजेश निवासी गुलावली भरतपुर के साथ मिलकर जमीन हड़पने की साजिश रची। आरोपियों ने 17 दिसंबर 2024 को मथुरा रजिस्ट्री कार्यालय में भिक्की सिंह की 1.0120 हेक्टेयर जमीन का बैनामा करा लिया। इसमें भिक्की सिंह के स्थान पर किसी अन्य बुजुर्ग व्यक्ति का फोटो लगाया गया और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। पीड़ित के अनुसार, फोटो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की मूंछें भी नहीं थीं, जबकि उनके पिता मूंछ रखते हैं। उनका आरोप है कि बैनामा कराए जाने के दिन उनके पिता रजिस्ट्री कार्यालय गए ही नहीं थे।
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पीड़ित ने बताया कि इसी तारीख को वंदना गुप्ता पत्नी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर और प्रदीप कुमार अग्रवाल निवासी नदिया मोहल्ला भरतपुर ने भी गवाहों के साथ मिलकर उनके पिता की शेष 0.5060 हेक्टेयर जमीन का कथित रूप से फर्जी बैनामा करा लिया। इस तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पैतृक जमीन को अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, जमीन का नामांतरण कराने के बाद मनोज कुमार गुप्ता ने उसका आगे सौदा करना शुरू कर दिया। 15 जनवरी 2025 को 1.0120 हेक्टेयर जमीन का इकरारनामा अलवर राजस्थान निवासी आशीष कुमार सेठी के नाम 47 लाख रुपये में किया गया। इसमें 45 लाख रुपये एडवांस लेने का आरोप है। इस इकरारनामे में द्वारिका प्रसाद और प्रदीप कुमार गवाह बनाए गए।
इसके बाद आठ अप्रैल 2025 को मैसर्स श्री श्याम डेवलपर्स के पार्टनर सुरेश कुमार सेठी निवासी अलवर के नाम 1.5530 हेक्टेयर जमीन का 66 लाख रुपये में इकरारनामा किया गया। इसमें 60 लाख रुपये एडवांस लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है। दोनों इकरारनामों की कुल रकम एक करोड़ 13 लाख रुपये है, जबकि एडवांस के रूप में एक करोड़ पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनोज कुमार गुप्ता पुत्र बद्रीप्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर, रियांश चौधरी पुत्र रामवीर सिंह निवासी टाउनशिप मथुरा, राजेश पुत्र रामबाबू सिंह निवासी भरतपुर, वंदना गुप्ता पत्नी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता निवासी भरतपुर, प्रदीप कुमार अग्रवाल पुत्र सुरेशचंद अग्रवाल निवासी भरतपुर, आशीष कुमार सेठी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सेठी निवासी अलवर, द्वारिका प्रसाद पुत्र छीतरमल निवासी अलवर, प्रदीप कुमार पुत्र कुंवर सिंह निवासी भरतपुर, मैसर्स श्री श्याम डेवलपर्स जैत मथुरा और सुरेश कुमार सेठी पुत्र ग्यारसी मल सेठी निवासी अलवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस रजिस्ट्री कार्यालय के अभिलेखों, बैनामों पर लगे फोटो और हस्ताक्षरों समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।