{"_id":"580283274f1c1b6c6128f297","slug":"jai-gurudev-followers-are-in-11-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश के 11 राज्यों में जयगुरुदेव के अनुयायी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश के 11 राज्यों में जयगुरुदेव के अनुयायी
पुनीत शर्मा
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:57 AM IST
विज्ञापन
जयगुरुदेव के अनुयायी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के 11 राज्यों में बाबा जयगुरुदेव के अनुयायी हैं। बाबा जयगुरुदेव के ब्रह्मलीन होने के बाद पंकज बाबा और उमाकांत तिवारी बाबा जयगुरुदेव का आध्यात्मिक संदेश देश के कोने-कोने में दे रहे हैं। उमाकांत तिवारी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सत्संग करते हैं जबकि पंकज बाबा यूपी, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश समेत कई दूसरे राज्यों में सत्संग करते हैं। सत्संग का सिलसिला साल भर चलता है।
बाबा जयगुरुदेव का धर्म प्रचार ट्रस्ट मथुरा में है। यहां साल भर में तीन बड़े मेलों का आयोजन होता है। मई में बाबा जयगुरुदेव का भंडारा होता है, जिसमें लाखों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचते हैं। गुरु पूर्णिमा पर होने वाले आयोजनों में भी भारी भीड़ रहती है। अब नवंबर, दिसंबर में घूरेलाल (दादा गुरु) के भंडारे में भी बड़ी संख्या में शिष्य यहां पहुंचेंगे। यह तो बड़े आयोजन हैं जबकि यहां छोटे-छोटे तमाम कार्यक्रम होते ही रहते हैं। मथुरा में आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित बाबा जयगुरुदेव के आश्रम में हर वक्त अनुयायियों की भीड़ मिलेगी।
इस आश्रम की कमान पंकज बाबा के हाथ में है। पंकज बाबा यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में सत्संग करने के लिए जाते हैं। इसके लिए बाकायदा आश्रम से साल भर का कलेंडर जारी किया जाता है। उसी कलेंडर के आधार पर कार्यक्रमों का आयोजन होता है। आश्रम प्रशासन का कहना है कि पंकज बाबा सत्संग करने के लिए शुक्रवार को मथुरा से वाराणसी के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ आश्रम से जुड़े कई दूसरे लोग भी गए थे। बताया जाता है कि सत्संग में पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा पूर्वांचल के जनपदों के लोग हैं।
विज्ञापन
इन राज्यों में बाबा जयगुुरुदेव के अनुयायी
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, दिल्ली, असम, कर्नाटक, उत्तराखंड।
साल भर में मथुरा आते 18 लाख अनुयायी
बाबा जयगुुरुदेव आश्रम पर साल भर में होने वाले आयोजनों में 18 लाख अनुयायी पहुंचते हैं। यह तो प्रशासनिक आंकड़ा है जबकि संख्या कहीं ज्यादा ही रहती है। प्रशासन को भी भीड़ के लिए खासे इंतजाम करने पड़ते हैं। कई प्वाइंट पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को तैनात किया जाता है। बाबा जयगुरुदेव के नाम से होने वाले भंडारे में सबसे ज्यादा लोग पहुंचते हैं। यूं तो सभी राज्यों से भीड़ पहुंचती है लेकिन यूपी के गोरखपुर, कानपुर, झांसी, आजमगढ़, फैजाबाद, इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, आगरा और अलीगढ़ के लोग सबसे ज्यादा होते हैं।
अनुमान से ज्यादा आती थी भीड़
सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव का कहना है कि जब बाबा जयगुरुदेव जीवित थे तब तो भारी भीड़ आती थी। जो अनुमान होता था उससे कहीं अधिक लोग पहुंचते थे। लेकिन अब जो अनुमान लगाया जाता है वही भीड़ पहुंचती है।
विज्ञापन
बाबा जयगुरुदेव का धर्म प्रचार ट्रस्ट मथुरा में है। यहां साल भर में तीन बड़े मेलों का आयोजन होता है। मई में बाबा जयगुरुदेव का भंडारा होता है, जिसमें लाखों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचते हैं। गुरु पूर्णिमा पर होने वाले आयोजनों में भी भारी भीड़ रहती है। अब नवंबर, दिसंबर में घूरेलाल (दादा गुरु) के भंडारे में भी बड़ी संख्या में शिष्य यहां पहुंचेंगे। यह तो बड़े आयोजन हैं जबकि यहां छोटे-छोटे तमाम कार्यक्रम होते ही रहते हैं। मथुरा में आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित बाबा जयगुरुदेव के आश्रम में हर वक्त अनुयायियों की भीड़ मिलेगी।
विज्ञापन
इस आश्रम की कमान पंकज बाबा के हाथ में है। पंकज बाबा यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में सत्संग करने के लिए जाते हैं। इसके लिए बाकायदा आश्रम से साल भर का कलेंडर जारी किया जाता है। उसी कलेंडर के आधार पर कार्यक्रमों का आयोजन होता है। आश्रम प्रशासन का कहना है कि पंकज बाबा सत्संग करने के लिए शुक्रवार को मथुरा से वाराणसी के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ आश्रम से जुड़े कई दूसरे लोग भी गए थे। बताया जाता है कि सत्संग में पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा पूर्वांचल के जनपदों के लोग हैं।
विज्ञापन
इन राज्यों में बाबा जयगुुरुदेव के अनुयायी
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, दिल्ली, असम, कर्नाटक, उत्तराखंड।
साल भर में मथुरा आते 18 लाख अनुयायी
बाबा जयगुुरुदेव आश्रम पर साल भर में होने वाले आयोजनों में 18 लाख अनुयायी पहुंचते हैं। यह तो प्रशासनिक आंकड़ा है जबकि संख्या कहीं ज्यादा ही रहती है। प्रशासन को भी भीड़ के लिए खासे इंतजाम करने पड़ते हैं। कई प्वाइंट पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को तैनात किया जाता है। बाबा जयगुरुदेव के नाम से होने वाले भंडारे में सबसे ज्यादा लोग पहुंचते हैं। यूं तो सभी राज्यों से भीड़ पहुंचती है लेकिन यूपी के गोरखपुर, कानपुर, झांसी, आजमगढ़, फैजाबाद, इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, आगरा और अलीगढ़ के लोग सबसे ज्यादा होते हैं।
अनुमान से ज्यादा आती थी भीड़
सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव का कहना है कि जब बाबा जयगुरुदेव जीवित थे तब तो भारी भीड़ आती थी। जो अनुमान होता था उससे कहीं अधिक लोग पहुंचते थे। लेकिन अब जो अनुमान लगाया जाता है वही भीड़ पहुंचती है।