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Mathura News: जिला जेल की छाया से बचेगा मासूम बचपन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:36 AM IST
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Innocent childhoods will be saved from the shadow of the district jail
मथुरा। जिला जेल में अपनों के साथ रहने को मजबूर छह साल से कम उम्र के 15 मासूम बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें जेल की छाया से बचाने के लिए सुरक्षित बचपन योजना लागू की गई है। इन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और एक बाल-हितैषी माहौल दिया जाएगा, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
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यह योजना महिला कल्याण विभाग के नेतृत्व में कारागार प्रशासन, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार जैसे कई विभागों के समन्वय से चलाई जाएगी। इसकी निगरानी के लिए डीएम चंद्रप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति में जेल अधीक्षक, वरिष्ठ बाल चिकित्सक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य और जिला प्रोबेशन अधिकारी शामिल हैं।
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यह समिति हर महीने जेल का दौरा कर बच्चों की जरूरतों को देखेगी और जेल के माहौल को गहना से परखेगी। साथ ही उन्हें ऐसा माहौल प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा। वर्तमान में जिला जेल में ऐसे 15 बच्चे हैं, जिनकी उम्र छह साल से भी कम है। कोई अपनी मां के साथ जेल में रह रहा है, तो कोई अपनों के साथ रहने को मजबूर है।
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बच्चों के विकास पर पड़ता है प्रभाव
दरअसल, बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को यह योजना लागू करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट का मानना है कि बच्चे के मस्तिष्क का सर्वाधिक विकास जन्म से छह वर्ष की आयु में होता है। ऐसे में जेल का तनावपूर्ण और सीमित संसाधनों वाला माहौल उनके विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए यह योजना बनाई गई है।
बच्चों के रहने की जगह को बनाया जाएगा चाइल्ड फ्रेंडली
इस योजना के तहत जेल में रह रहे छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मनोरंजन और मनोवैज्ञानिक जरूरतों को पूरा किया जाएगा। उनके रहने की जगह को चाइल्ड फ्रेंडली बनाया जाएगा। चार से छह वर्ष के बच्चों का जेल से बाहर के स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करना, ताकि वे अन्य बच्चों के साथ घुल-मिल सकें, जेल में खेलकूद की व्यवस्था करना तथा बच्चों का नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण भी सुनिश्चित कराया जाएगा।

वर्जन
शासनादेश के अनुसार योजना को लागू करना सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे मासूम बच्चों का सर्वांगीण विकास और उनका भविष्य सुरक्षित होगा। जिला जेल में छह साल से कम के 15 बच्चे हैं, जिन्हें योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
विकास चंद्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी व समिति के सचिव
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