{"_id":"572108064f1c1bf631a9243b","slug":"homage-to-the-people-of-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":" नेपाल भूकंप की प्रथम बरसी पर हुई श्रद्धांजलि सभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल भूकंप की प्रथम बरसी पर हुई श्रद्धांजलि सभा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
भूकंप पीड़ितों के लिए सरकार के प्रयासों को सराहा
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल भूकंप की पहली बरसी पर नेपाली मित्र परिषद् की नगर इकाई ने बुधवार को मोतीझील क्षेत्र स्थित नेपाली कालोनी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इसमें नेपाली समाज के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर भूकंप में मारे गए हजारों लोगों की आत्मा शांति की कामना ठाकुर बांकेबिहारी महाराज से की।
सभा में परिसर संरक्षक प्रेमप्रसाद शर्मा और डाक्टर शांता तीर्थ ने कहा कि भूकंप के बाद नेपाल में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। भूकंप पीड़ितों के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से वहां के लोगों को बहुत राहत मिली। नारायणाचार्य, शंकर प्रसाद शर्मा और कुमार खनाल ने कहा कि मानवता का धर्म सर्वोपरि है।
सभी के प्रयास निरंतर नेपाल में बेहतर व उच्च जीवन के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। मधु ओझा और पार्वती आचार्य ने कहा कि भूकंप जैसी त्रासदी को रोकने के लिए हमें पर्यावरण और प्रकृति से खिलवाड़ को बंद करना होगा। तभी हम सुरक्षित होंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर पुरुषोत्तम काफ्ले, जर्नादन भट्टाराई, किशोरी ढुंगाना, सुष्मिता कौशिक, सुप्रिना आचार्य, वृंदावन शरण, यमुना शरण, उद्धव शरण आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
सभा में परिसर संरक्षक प्रेमप्रसाद शर्मा और डाक्टर शांता तीर्थ ने कहा कि भूकंप के बाद नेपाल में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। भूकंप पीड़ितों के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से वहां के लोगों को बहुत राहत मिली। नारायणाचार्य, शंकर प्रसाद शर्मा और कुमार खनाल ने कहा कि मानवता का धर्म सर्वोपरि है।
विज्ञापन
सभी के प्रयास निरंतर नेपाल में बेहतर व उच्च जीवन के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। मधु ओझा और पार्वती आचार्य ने कहा कि भूकंप जैसी त्रासदी को रोकने के लिए हमें पर्यावरण और प्रकृति से खिलवाड़ को बंद करना होगा। तभी हम सुरक्षित होंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर पुरुषोत्तम काफ्ले, जर्नादन भट्टाराई, किशोरी ढुंगाना, सुष्मिता कौशिक, सुप्रिना आचार्य, वृंदावन शरण, यमुना शरण, उद्धव शरण आदि उपस्थित थे।