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वृंदावन में बंदरों के आतंक को हाईकोर्ट ने बताया गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो वृंदावन(मथुरा)।
Updated Wed, 31 May 2017 11:56 PM IST
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नगर में बंदरों के उत्पात को रोकने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और एमके गुप्ता की खंडपीठ ने इसे संवेदनशील और गंभीर मामला बताया। इस संबंध में न्यायालय ने पार्टी बनाए गए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी मथुरा, जिला वन अधिकारी एवं वृंदावन नगर पालिका ईओ को तलब कर अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। यह जानकारी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आलोक कृष्ण त्रिपाठी और धीरज कुमार पांडेय ने दी।
बंदरों की समस्या के संबंध में महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल पूर्व में प्रशासन से पत्राचार कर ठोस कदम उठाने की मांग करते रहे हैं। कई बार सरकार के प्रतिनिधियों के समक्ष की मामला रखा, लेकिन कोई कारगर और ठोस कदम अब तक नहीं उठाए जा सका है। इसके बाद उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रखा है।
पशु-पक्षियों, हरियाली और लोगों को हानि पहुंचा रहे बंदर
धर्मनगरी में बंदर पशु-पक्षियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसके अलावा हरियाली को भी नष्ट कर रहे हैं। यहां अक्सर बंदर राहगीरों से चश्मा, पर्स आदि सामान छीनकर ले जाते हैं। कई मामलों में बंदरों का उत्पात जानलेवा साबित हुआ है।
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बंदरों के हमले से जा चुकी हैं कई जानें
मई 2017 में गोपीनाथ बाजार में बंदरों के हमले से छत से गिरकर महिला घायल हुई।
मार्च 2017 में इस्कॉन मंदिर के पीछे रसियन विल्डिंग की सातवीं मंजिल से बंदरों के कारण रूसी महिला की गिरकर मौत।
जुलाई 2016 में राधा वल्लभ मंदिर के सेवायत को बंदरों ने हमला कर छत से गिराया, घायल।
अप्रैल 2015 में दर्शन करने जा रही दान गली निवासी मायादेवी को बंदरों ने किया घायल।
अप्रैल 2015 में गोविंदबाग में अंजनी नामक महिला की बंदरों के हमले के कारण छत से गिरकर मौत।
फरवरी 2015 में गोधूलिपुरम में लालदा बाबा की बंदरों के हमले के कारण छत से गिरकर मौत।
फरवरी 2015 में केशीघाट क्षेत्र में बंदरों के हमले से महिला छत से गिरकर घायल।
दिसंबर 2011 में दावानल कुंड क्षेत्र में महिला पर बंदरों ने हमला कर छत से गिरा दिया।
बंदरों की समस्या के संबंध में महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल पूर्व में प्रशासन से पत्राचार कर ठोस कदम उठाने की मांग करते रहे हैं। कई बार सरकार के प्रतिनिधियों के समक्ष की मामला रखा, लेकिन कोई कारगर और ठोस कदम अब तक नहीं उठाए जा सका है। इसके बाद उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रखा है।
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पशु-पक्षियों, हरियाली और लोगों को हानि पहुंचा रहे बंदर
धर्मनगरी में बंदर पशु-पक्षियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसके अलावा हरियाली को भी नष्ट कर रहे हैं। यहां अक्सर बंदर राहगीरों से चश्मा, पर्स आदि सामान छीनकर ले जाते हैं। कई मामलों में बंदरों का उत्पात जानलेवा साबित हुआ है।
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बंदरों के हमले से जा चुकी हैं कई जानें
मई 2017 में गोपीनाथ बाजार में बंदरों के हमले से छत से गिरकर महिला घायल हुई।
मार्च 2017 में इस्कॉन मंदिर के पीछे रसियन विल्डिंग की सातवीं मंजिल से बंदरों के कारण रूसी महिला की गिरकर मौत।
जुलाई 2016 में राधा वल्लभ मंदिर के सेवायत को बंदरों ने हमला कर छत से गिराया, घायल।
अप्रैल 2015 में दर्शन करने जा रही दान गली निवासी मायादेवी को बंदरों ने किया घायल।
अप्रैल 2015 में गोविंदबाग में अंजनी नामक महिला की बंदरों के हमले के कारण छत से गिरकर मौत।
फरवरी 2015 में गोधूलिपुरम में लालदा बाबा की बंदरों के हमले के कारण छत से गिरकर मौत।
फरवरी 2015 में केशीघाट क्षेत्र में बंदरों के हमले से महिला छत से गिरकर घायल।
दिसंबर 2011 में दावानल कुंड क्षेत्र में महिला पर बंदरों ने हमला कर छत से गिरा दिया।