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बढ़ गई गैस सिलिंडरों की खपत, 9681 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी
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मथुरा। कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन में गैस सिलिंडरों की खपत जनपद में बढ़ गई है। पहले जहां 5-6 हजार सिलिंडर की आपूर्ति प्रतिदिन हो रही थी, वह बढ़कर 9 से 10 हजार सिलिंडर जा पहुंची है। घर में सिलिंडर होने के बावजूद लोग अतिरिक्त गैस मंगा रहे हैं। इसके अलावा राशन वितरण के लिए 9681 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी कर दिया गया है।
लॉकडाउन में आपाधापी का दौर बना हुआ है। जनपद में अब तक खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रहने के बाद भी लोग स्टॉक करने में जुटे हैं। इससे खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुएं जुटाने में प्रशासन को पसीना आ रहा है। जनपद में एपीजी के लिए औसतन 5 से 6 हजार सिलिंडर प्रतिदिन खपत होती थी, जो वर्तमान में बढ़कर 9 सेे 10 हजार प्रतिदिन हो गई है। हालांकि जनपद में 25 हजार से अधिक सिलिंडरों की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अलावा जनपद में पेट्रोल की उपलब्धता 11282 और डीजल की उपलब्धता 1912.180 किलोग्राम है। जिलापूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किसी प्रकार की कोई कमी गैस, पेट्रोल और डीजल की जनपद में नहीं है। पेट्रोलियम कंपनियों ने वर्तमान दौर में आपूर्ति और बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से होने जा रहे राशन वितरण के लिए 9681.535 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी कर दिया गया है। इसमें 5767.485 मीट्रिक टन गेहूं और 3914.050 मीट्रिक टन चावल है। इसका वितरण निर्धारित व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर होगा। इस दौरान राशन कार्ड धारकों को कोरोना वायरस के संदर्भ में दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। किसी भी दुकान पर भीड़ एकत्रित नहीं होगी। पंजीकृत श्रमिक, डूडा श्रमिक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक और अंत्यजोदय कार्ड धारकों को राशन फ्री मिलेगा। बाकी को पूर्व निर्धारित दरों पर राशन मिलेगा। इस वितरण के लिए अब तक जनपद में 88.06 प्रतिशत खाद्यान्न का उठान हो गया है।
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लॉकडाउन में आपाधापी का दौर बना हुआ है। जनपद में अब तक खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रहने के बाद भी लोग स्टॉक करने में जुटे हैं। इससे खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुएं जुटाने में प्रशासन को पसीना आ रहा है। जनपद में एपीजी के लिए औसतन 5 से 6 हजार सिलिंडर प्रतिदिन खपत होती थी, जो वर्तमान में बढ़कर 9 सेे 10 हजार प्रतिदिन हो गई है। हालांकि जनपद में 25 हजार से अधिक सिलिंडरों की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अलावा जनपद में पेट्रोल की उपलब्धता 11282 और डीजल की उपलब्धता 1912.180 किलोग्राम है। जिलापूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किसी प्रकार की कोई कमी गैस, पेट्रोल और डीजल की जनपद में नहीं है। पेट्रोलियम कंपनियों ने वर्तमान दौर में आपूर्ति और बढ़ा दी है।
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उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से होने जा रहे राशन वितरण के लिए 9681.535 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी कर दिया गया है। इसमें 5767.485 मीट्रिक टन गेहूं और 3914.050 मीट्रिक टन चावल है। इसका वितरण निर्धारित व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर होगा। इस दौरान राशन कार्ड धारकों को कोरोना वायरस के संदर्भ में दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। किसी भी दुकान पर भीड़ एकत्रित नहीं होगी। पंजीकृत श्रमिक, डूडा श्रमिक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक और अंत्यजोदय कार्ड धारकों को राशन फ्री मिलेगा। बाकी को पूर्व निर्धारित दरों पर राशन मिलेगा। इस वितरण के लिए अब तक जनपद में 88.06 प्रतिशत खाद्यान्न का उठान हो गया है।
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