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यमुना स्नान को आए, पूजन करके ही लौटे
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:49 PM IST
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गंगा दशहरा
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धर्मनगरी में गंगा दशहरा पर्व मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति केे साथ मनाया गया। इस दौरान घाटों पर स्नान करने आने वाले श्रद्धालु यमुना में व्याप्त गंदगी देख आहत हुए। बहुत से लोग यहां पूजा-अर्चना कर बगैर यमुना स्नान किए ही लौट गए।
गंगा दशहरा पर यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी न होने के कारण जुगलघाट, चीरघाट और केशीघाट पर यमुना स्नान करने वालों की इस बार कम भीड़ देखी गई। कुछ ही बच्चे, युवा, महिलाएं और वृद्ध यमुना में स्नान करते दिखे।
गंगा दशहरा पर सुबह से ही यमुनातट पर श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। गंगानगर निवासी महिमा और अमितसे परिवार के साथ आए मुकेश चौधरी और उनके मित्र दुष्यंत ने यमुना में गंदगी और पानी की मात्रा कम होने पर दुख प्रकट किया। लेकिन धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखकर स्नान कर ही लिया। यमुना के घाटों पर पालिका और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे।
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सुबह से ही शुरू हो गई पतंगबाजी
गंगा दशहरा पर सुबह से ही बच्चे हाथों में चरखी और पतंग लिए छत पर चढ़ गए। पतंगों से अटा आसमान ही रंगबिरंगा नजर आ रहा था। दोपहर बाद पतंग उड़ाने के लिए बच्चों के साथ बड़े लोगों में भी जोश दिखा। पतंग विक्रेताओं की दुकान पर भीड़ लगी रही।
गंगा दशहरा पर मंदिरों में सजे फूलबंगले
गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार शाम नगर के मंदिरों में फूलबंगले में विराजकर ठाकुरजी ने दर्शन दिए। आराध्य की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का देर रात तक मंदिरों में तांता लगा रहा। नगर के प्रसिद्ध प्राचीन गंगा मंदिर, ठा. राधासनेह बिहारी मंदिर, राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर, श्यामसुंदर, गोकुलानंद आदि मंदिरों में फूलबंगले सजाए गए। ठाकुरजी को गंगा दशहरा पर तरबूज, खरबूजा, सत्तू, फालसेब, ठंडाई आदि शीतल खाद्य पदार्थ निवेदित किए गए। कुछ मंदिरों में ठाकुरजी के समाज गायन और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन भी किया गया।
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गंगा दशहरा पर यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी न होने के कारण जुगलघाट, चीरघाट और केशीघाट पर यमुना स्नान करने वालों की इस बार कम भीड़ देखी गई। कुछ ही बच्चे, युवा, महिलाएं और वृद्ध यमुना में स्नान करते दिखे।
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गंगा दशहरा पर सुबह से ही यमुनातट पर श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। गंगानगर निवासी महिमा और अमितसे परिवार के साथ आए मुकेश चौधरी और उनके मित्र दुष्यंत ने यमुना में गंदगी और पानी की मात्रा कम होने पर दुख प्रकट किया। लेकिन धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखकर स्नान कर ही लिया। यमुना के घाटों पर पालिका और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे।
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सुबह से ही शुरू हो गई पतंगबाजी
गंगा दशहरा पर सुबह से ही बच्चे हाथों में चरखी और पतंग लिए छत पर चढ़ गए। पतंगों से अटा आसमान ही रंगबिरंगा नजर आ रहा था। दोपहर बाद पतंग उड़ाने के लिए बच्चों के साथ बड़े लोगों में भी जोश दिखा। पतंग विक्रेताओं की दुकान पर भीड़ लगी रही।
गंगा दशहरा पर मंदिरों में सजे फूलबंगले
गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार शाम नगर के मंदिरों में फूलबंगले में विराजकर ठाकुरजी ने दर्शन दिए। आराध्य की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का देर रात तक मंदिरों में तांता लगा रहा। नगर के प्रसिद्ध प्राचीन गंगा मंदिर, ठा. राधासनेह बिहारी मंदिर, राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर, श्यामसुंदर, गोकुलानंद आदि मंदिरों में फूलबंगले सजाए गए। ठाकुरजी को गंगा दशहरा पर तरबूज, खरबूजा, सत्तू, फालसेब, ठंडाई आदि शीतल खाद्य पदार्थ निवेदित किए गए। कुछ मंदिरों में ठाकुरजी के समाज गायन और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन भी किया गया।