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प्रशासन के आदेश ठुकराए तोड़ी मंदिर की परंपरा भी
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:03 AM IST
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- फोटो : amarujala
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श्रीजी मंदिर परिसर में बुधवार को बिना अनुमति भजन गायक अनूप जलोटा का कार्यक्रम आयोजित कर प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन के साथ मंदिर की प्राचीन परंपरा से भी खिलवाड़ की गई। मामले में मंदिर रिसीवर और सेवायत कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। आयोजक भी अपना बचाव करते नजर आए। रिसीवर ने आज गोस्वामी समाज की बैठक बुलाई है।
बता दें कि बरसाना के श्रीजी मंदिर में राधारानी प्राकट्योत्सव नाम से परंपरा के विपरीत आयोजन कराने पर मंदिर प्रबंधन और आयोजक गोस्वामी समाज के लोगों के बीच विवाद था। मामले में बढ़ते विरोध के बात आयोजकों ने कार्यक्रम का स्वरूप बदल दिया। इसमें सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा को प्रस्तुति देने के लिए आना था। तय तिथि पर मथुरा-वृंदावन में जगन्नाथ रथयात्रा और अगले दिन जिले भर में ईद का आयोजन होने के चलते उपजिलाधिकारी गोवर्धन ने फोर्स की कमी बताते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद मंदिर परिसर में कार्यक्रम होने से अब मंदिर प्रशासन सवालों के घेरे में है।
मंदिर के पट शयन आरती के बाद बंद हो जाते हैं। कार्यक्रम शयन आरती के समय नौ बजे के बाद शुरू हुआ, जो करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसके बाद मंदिर का मुख्यद्वार खुलवाकर अतिथियों को प्रसाद ग्रहण कराया। इससे मंदिर की प्राचीन परंपरा टूटने की बात भी कही जा रही है।
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मामले में जब मंदिर रिसीवर डॉ. कृष्ण मुरारी गोस्वामी से बात की गई तो वे सवालों से बचते नजर आए। उन्होंने सिर्फ यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि शुक्रवार को अपने सहयोगियों और गोस्वामी समाज बैठक बुलाई है। आरोपी आयोजकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, आयोजक अभिषेक कृष्ण गोस्वामी का कहना है कि हमने कोई अपराध नहीं किया है। अन्य सह आयोजक हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। थानाध्यक्ष बरसाना जितेंद्र दीखित ने मामले में जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की बात कही है।
जलोटा नहीं कर पाए श्रीजी के दर्शन
बताया गया है कि भजन गायक अनूप जलोटा करीब 8.45 बजे मंदिर पहुंचे थे। उस समय श्रीजी का भोग आने के कारण पट बंद थे। इधर कार्यक्रम में देरी के चलते वे श्रीजी के दर्शन नहीं कर सके और नीचे हाल में आयोजन स्थल पर पहुंच गए। देर रात कार्यक्रम में उन्होंने चार भजनों की प्रस्तुति दी। ‘जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम...’ और ‘ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन...’ भजनों को सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
हादसा होता तो कौन लेता जिम्मेदारी
श्रीजी मंदिर परिसर में प्रशासन की बिना अनुमति कार्यक्रम होने पर सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। अभी कुछ दिन मंदिर परिसर में लगे कूलर में करंट आने से ललितपुर के श्रद्धालु की मौत हो गई थी। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान कोई घटना होती तो जिम्मेदारी कौन लेता। मंदिर रिसीवर इस सवाल भी चुप नजर आए। वहीं अनूप जलोटा के कार्यक्रम में करीब 800 लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस व्यवस्था तक नहीं थी। ऐसे में असामाजिक तत्व भी कार्यक्रम में हावी रहे।
रात को 10.30 बजे मंदिर का मुख्य द्वार खुलवा कर मंदिर के चौक और छत पर अनूप जलोटा सहित सैकड़ों आयोजकों को प्रसाद ग्रहण कराना मंदिर की प्राचीन परंपरा के साथ खिलवाड़ है। इससे मंदिर की पवित्रता और मर्यादा भंग हुई है।
- मुकेश गोस्वामी
सेवायत, श्रीजी मंदिर बरसाना
बरसाना में श्रीजी की सेवा बाल स्वरूप की है। श्रीजी को सुलाने के बाद हम अपने बच्चों को भी तेज आवाज में बोलने की अनुमति नहीं देते। इसके बावजूद मंदिर में देर रात तक शोर शराबा होने से परंपरा का उल्लंघन हुआ है।
- जगदीश गोस्वामी
सेवायत, श्रीजी मंदिर बरसाना
मंदिर परिसर में बिना अनुमति के आयोजन किया गया है। इसकी पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
- डॉ. वैभव शर्मा
एसडीएम, गोवर्धन
बता दें कि बरसाना के श्रीजी मंदिर में राधारानी प्राकट्योत्सव नाम से परंपरा के विपरीत आयोजन कराने पर मंदिर प्रबंधन और आयोजक गोस्वामी समाज के लोगों के बीच विवाद था। मामले में बढ़ते विरोध के बात आयोजकों ने कार्यक्रम का स्वरूप बदल दिया। इसमें सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा को प्रस्तुति देने के लिए आना था। तय तिथि पर मथुरा-वृंदावन में जगन्नाथ रथयात्रा और अगले दिन जिले भर में ईद का आयोजन होने के चलते उपजिलाधिकारी गोवर्धन ने फोर्स की कमी बताते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद मंदिर परिसर में कार्यक्रम होने से अब मंदिर प्रशासन सवालों के घेरे में है।
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मंदिर के पट शयन आरती के बाद बंद हो जाते हैं। कार्यक्रम शयन आरती के समय नौ बजे के बाद शुरू हुआ, जो करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसके बाद मंदिर का मुख्यद्वार खुलवाकर अतिथियों को प्रसाद ग्रहण कराया। इससे मंदिर की प्राचीन परंपरा टूटने की बात भी कही जा रही है।
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मामले में जब मंदिर रिसीवर डॉ. कृष्ण मुरारी गोस्वामी से बात की गई तो वे सवालों से बचते नजर आए। उन्होंने सिर्फ यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि शुक्रवार को अपने सहयोगियों और गोस्वामी समाज बैठक बुलाई है। आरोपी आयोजकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, आयोजक अभिषेक कृष्ण गोस्वामी का कहना है कि हमने कोई अपराध नहीं किया है। अन्य सह आयोजक हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। थानाध्यक्ष बरसाना जितेंद्र दीखित ने मामले में जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की बात कही है।
जलोटा नहीं कर पाए श्रीजी के दर्शन
बताया गया है कि भजन गायक अनूप जलोटा करीब 8.45 बजे मंदिर पहुंचे थे। उस समय श्रीजी का भोग आने के कारण पट बंद थे। इधर कार्यक्रम में देरी के चलते वे श्रीजी के दर्शन नहीं कर सके और नीचे हाल में आयोजन स्थल पर पहुंच गए। देर रात कार्यक्रम में उन्होंने चार भजनों की प्रस्तुति दी। ‘जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम...’ और ‘ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन...’ भजनों को सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
हादसा होता तो कौन लेता जिम्मेदारी
श्रीजी मंदिर परिसर में प्रशासन की बिना अनुमति कार्यक्रम होने पर सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। अभी कुछ दिन मंदिर परिसर में लगे कूलर में करंट आने से ललितपुर के श्रद्धालु की मौत हो गई थी। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान कोई घटना होती तो जिम्मेदारी कौन लेता। मंदिर रिसीवर इस सवाल भी चुप नजर आए। वहीं अनूप जलोटा के कार्यक्रम में करीब 800 लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस व्यवस्था तक नहीं थी। ऐसे में असामाजिक तत्व भी कार्यक्रम में हावी रहे।
रात को 10.30 बजे मंदिर का मुख्य द्वार खुलवा कर मंदिर के चौक और छत पर अनूप जलोटा सहित सैकड़ों आयोजकों को प्रसाद ग्रहण कराना मंदिर की प्राचीन परंपरा के साथ खिलवाड़ है। इससे मंदिर की पवित्रता और मर्यादा भंग हुई है।
- मुकेश गोस्वामी
सेवायत, श्रीजी मंदिर बरसाना
बरसाना में श्रीजी की सेवा बाल स्वरूप की है। श्रीजी को सुलाने के बाद हम अपने बच्चों को भी तेज आवाज में बोलने की अनुमति नहीं देते। इसके बावजूद मंदिर में देर रात तक शोर शराबा होने से परंपरा का उल्लंघन हुआ है।
- जगदीश गोस्वामी
सेवायत, श्रीजी मंदिर बरसाना
मंदिर परिसर में बिना अनुमति के आयोजन किया गया है। इसकी पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
- डॉ. वैभव शर्मा
एसडीएम, गोवर्धन