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यमुना में आक्सीजन की कमी से मरीं मछलियां
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:18 AM IST
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यमुना में मरी मछलियां
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यमुना में लाखों मछलियों की मौत का कारण औद्योगिक इकाइयों से निकल रहा जहरीला पानी बना है। नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूने के पानी में घुलित आक्सीजन की मात्रा शून्य मिली है। इस पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और एसपीएस के संचालन में लापरवाह बनी नगर पालिका के खिलाफ रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
लाखों मछलियां मरने की खबर पर रविवार को नोडल अधिकारी एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने यमुना, मसानी नाला और मसानी पंपिंग स्टेशन का जायजा लिया। यमुना के साथ नाले में भी मरी हुई मछलियों की भरमार थी। राल ड्रेन से पानी नाले के रास्ते सीधे यमुना में गिर रहा था।
एडीएम ने पालिका से नाले के पानी को यमुना में गिरने से रोकने का प्रबंध कराया।
इस दौरान मसानी नाले के पानी का नमूना लेकर याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने अपनी मौजूदगी में जांच कराई। इसमें घुलित आक्सीजन की मात्रा शून्य पाई गई है। नोडल अधिकारी ने नगर पालिका और प्रदूषण विभाग के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति डीएम से की है।
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राल ड्रेन से पहुंचा यमुना में पानी
बरसात में उफनने वाली राल ड्रेन इस बार बगैर बरसात के ही उफन गई। इससे ड्रेन का पानी मसानी नाले के औद्योगिक कचरे को लेकर यमुना में समा गया। ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में शामिल होने आए गुजराती ब्रज में यमुना की बदहाली देख बेहद दुखी हैं। लोग तर्पण के लिए विश्रामघाट, स्वामीघाट के बजाए यमुना पार जा रहे हैं।
यमुना के लिए जहर उगल रही औद्योगिक इकाइयों के संचालक जन स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। बगैर ईटीपी के ही जहरीला पानी नालियों में बहाया जा रहा है, जो यमुना में पहुंचता है। ऐसे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए।
- कांतानाथ चतुर्वेदी, याची, एनजीटी
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लाखों मछलियां मरने की खबर पर रविवार को नोडल अधिकारी एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने यमुना, मसानी नाला और मसानी पंपिंग स्टेशन का जायजा लिया। यमुना के साथ नाले में भी मरी हुई मछलियों की भरमार थी। राल ड्रेन से पानी नाले के रास्ते सीधे यमुना में गिर रहा था।
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एडीएम ने पालिका से नाले के पानी को यमुना में गिरने से रोकने का प्रबंध कराया।
इस दौरान मसानी नाले के पानी का नमूना लेकर याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने अपनी मौजूदगी में जांच कराई। इसमें घुलित आक्सीजन की मात्रा शून्य पाई गई है। नोडल अधिकारी ने नगर पालिका और प्रदूषण विभाग के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति डीएम से की है।
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राल ड्रेन से पहुंचा यमुना में पानी
बरसात में उफनने वाली राल ड्रेन इस बार बगैर बरसात के ही उफन गई। इससे ड्रेन का पानी मसानी नाले के औद्योगिक कचरे को लेकर यमुना में समा गया। ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में शामिल होने आए गुजराती ब्रज में यमुना की बदहाली देख बेहद दुखी हैं। लोग तर्पण के लिए विश्रामघाट, स्वामीघाट के बजाए यमुना पार जा रहे हैं।
यमुना के लिए जहर उगल रही औद्योगिक इकाइयों के संचालक जन स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। बगैर ईटीपी के ही जहरीला पानी नालियों में बहाया जा रहा है, जो यमुना में पहुंचता है। ऐसे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए।
- कांतानाथ चतुर्वेदी, याची, एनजीटी