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UP: रिश्वतकांड में फंसी महिला PCS अधिकारी को लगा बड़ा झटका, कोर्ट से नहीं मिली राहत; जमानत अर्जी खारिज

Wed, 19 Feb 2025 02:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 19 Feb 2025 02:54 PM IST
सार

Mathura PCS Officer Case: मथुरा की निलंबित डीपीआरओ की जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया गया है। दलील दी गई कि यदि उन्हें जमानत मिलती है, तो वे जांच के प्रभावित कर सकती हैं। 
 

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Female PCS officer trapped in bribery scandal got a big shock bail application rejected
मथुरा की निलंबित जिला पंचायत राज अधिकारी किरन चौधरी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

निलंबित डीपीआरओ किरन चौधरी की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ ने खारिज कर दी। अब उन्हें जेल में ही रहना होगा। न्यायालय ने विजिलेंस टीम आगरा द्वारा डीपीआरओ के विरुद्ध पेश किए गए साक्ष्यों को आधार बनाकर ये निर्णय दिया है। इससे निलंबित डीपीआरओ को बड़ा झटका लगा है।
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विजिलेंस लखनऊ द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार डीपीआरओ किरन चौधरी मेरठ जेल में हैं। शासन ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है। इसके बाद किरन चौधरी ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। 
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14 फरवरी को जमानत पर सुनवाई के दौरान विजिलेंस आगरा की टीम ने जमानत देने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि अगर जमानत मिली तो जांच प्रभावित होने की आशंका है। इस पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय कर दी थी। डीपीआरओ के अधिवक्ता ने उनके गर्भवती होने और डेढ़ साल की बेटी को स्तनपान कराने के आधार पर जमानत देने की मांग की थी।
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18 फरवरी को भी विजिलेंस आगरा की टीम ने जमानत का विरोध किया। साथ ही अब तक की जांच में किरन चौधरी के खिलाफ मिले साक्ष्य और शिकायतों को भी न्यायालय के सामने रखा। इस पर न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाने का आदेश दिया था। बुधवार को न्यायालय ने विजिलेंस टीम द्वारा प्रस्तुत किए साक्ष्यों को आधार मानते हुए जमानत की अर्जी खारिज कर दी।


न्यायालय ने कहा कि विजिलेंस टीम के पास कार्रवाई के पर्याप्त साक्ष्य हैं। साथ ही ये भी जांच में सामने आया है कि किरन चौधरी के विरुद्ध 7 अन्य मामलों में भी जांच चल रही है। जहां तक स्वास्थ्य और बेटी को स्तनपान कराने की बात है तो जेल प्रशासन की रिपोर्ट में उनका स्वास्थ्य बेहतर बताया गया और बेटी की देखभाल के लिए उनका परिवार भी है। जमानत न मिलने से उन्हें अब जेल में ही रहना होगा। विकास भवन में दिन भर जमानत अर्जी खारिज होने की दिन भर चर्चा रही।
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