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Mathura News: आंखों में आंसू लेकर किस्मत को कोस रहे किसान
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बलदेव। क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और खरबूजा अन्य फसलें बुरी तरह प्रभावित हैं। कई गांवों में हालात ऐसे हैं कि खेत तालाब के रूप में नजर आ रहे हैं। खेतों में पानी भरने के कारण फसलें सड़ने लगीं हैं। अब किसान अपनी मेहनत को बर्बाद होता देख किस्मत को कोस रहे हैं।
बरौली, जादोपुर, हथकौली, गढ़सौली, सैलखेड़ा समेत दो दर्जन से ज्यादा गांवों में किसानों की पीड़ा उनके चेहरे से दिखाई दे रही है। रुंधे हुए गले से किसान एक ही बात रहे हैं कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अचानक आई आफत ने सारी उम्मीदों को तोड़ दिया है। बरौली निवासी हरिओम सिंह परिहार ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। भारी नुकसान हुआ है। कर्ज लेकर फसल बोई थी। लागत तो छोड़िए अब कर्ज को कैसे चुकाएंगे, इसकी चिंता सता रही है। सरकार आर्थिक मदद करे तो कुछ राहत मिले।
जादोपुर निवासी विनय ने बताया उनके 5 बीघा खरबूज और 20 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। फसल नष्ट होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हथकौली निवासी रामकुमार सिंह सिकरवार ने बताया कि बर्बाद फसलों को देखकर आंखों में आंसू निकल रहे हैं। पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब परिवार के भरण-पोषण को लेकर परेशान हैं।
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उधर, भाकियू (चढ़ूनी) के मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर ने कहा किसानों के नुकसान का त्वरित और पारदर्शी सर्वे कराया जाए, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने मांग की कि बर्बाद फसलों पर ऋण वसूली न हो और फसल बीमा योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे।
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बरौली, जादोपुर, हथकौली, गढ़सौली, सैलखेड़ा समेत दो दर्जन से ज्यादा गांवों में किसानों की पीड़ा उनके चेहरे से दिखाई दे रही है। रुंधे हुए गले से किसान एक ही बात रहे हैं कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अचानक आई आफत ने सारी उम्मीदों को तोड़ दिया है। बरौली निवासी हरिओम सिंह परिहार ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। भारी नुकसान हुआ है। कर्ज लेकर फसल बोई थी। लागत तो छोड़िए अब कर्ज को कैसे चुकाएंगे, इसकी चिंता सता रही है। सरकार आर्थिक मदद करे तो कुछ राहत मिले।
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जादोपुर निवासी विनय ने बताया उनके 5 बीघा खरबूज और 20 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। फसल नष्ट होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हथकौली निवासी रामकुमार सिंह सिकरवार ने बताया कि बर्बाद फसलों को देखकर आंखों में आंसू निकल रहे हैं। पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब परिवार के भरण-पोषण को लेकर परेशान हैं।
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उधर, भाकियू (चढ़ूनी) के मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर ने कहा किसानों के नुकसान का त्वरित और पारदर्शी सर्वे कराया जाए, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने मांग की कि बर्बाद फसलों पर ऋण वसूली न हो और फसल बीमा योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे।