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हाईटेक मुखबिरी का जरिया बनेंगे डिजिटल वालंटियर
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 02 May 2016 11:42 PM IST
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पुलिस
- फोटो : Desk
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पुराने ढर्रे को छोड़ पुलिस अब हाईटेक मुखबिरी की तैयारी कर रही है। इसके लिए व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक आदि पर लगातार एक्टिव रहने वाले युवाओं को चुना जाएगा। पुलिस के डिजिटल वालंटियर बनकर ये लोग अपने इलाके की घटनाओं की सूचना देने और उन्हें रोकने में सहयोग करेंगे। इसके लिए डीजीपी के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
मथुरा से एसपी क्राइम राजेश सोनकर ने डीजीपी जावीद अहमद के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। डिजिटल वालंटियर के बारे में एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि अब पुलिस गांव में शिक्षित और सहयोगी प्रवृत्ति वाले ऐसे युवाओं की तलाश करेगी जो सोशल मीडिया पर खुद को लगातार अपडेट रखते हैं।
हर थाना क्षेत्र में ऐसे युवाओं का डिजिटल वालंटियर्स नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। ट्विटर और फेसबुक के जरिए भी इन्हें जोड़ा जाएगा। ये डिजिटल वालंटियर पुलिस अधिकारी और इलाका इंचार्ज को अपने क्षेत्र में होने वाले अपराध और उनमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही भ्रामक सूचनाओं और सही जानकारी की पुष्टि में भी मददगार साबित हो सकेंगे। पुलिस का दावा है कि इससे मुखबिरों की पहचान उजागर नहीं होगी और पुलिस को कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।
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मथुरा से एसपी क्राइम राजेश सोनकर ने डीजीपी जावीद अहमद के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। डिजिटल वालंटियर के बारे में एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि अब पुलिस गांव में शिक्षित और सहयोगी प्रवृत्ति वाले ऐसे युवाओं की तलाश करेगी जो सोशल मीडिया पर खुद को लगातार अपडेट रखते हैं।
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हर थाना क्षेत्र में ऐसे युवाओं का डिजिटल वालंटियर्स नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। ट्विटर और फेसबुक के जरिए भी इन्हें जोड़ा जाएगा। ये डिजिटल वालंटियर पुलिस अधिकारी और इलाका इंचार्ज को अपने क्षेत्र में होने वाले अपराध और उनमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही भ्रामक सूचनाओं और सही जानकारी की पुष्टि में भी मददगार साबित हो सकेंगे। पुलिस का दावा है कि इससे मुखबिरों की पहचान उजागर नहीं होगी और पुलिस को कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।
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