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सीआरपीएफ जवान के पक्ष में बोले उनके कस्बेवासी
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:28 AM IST
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सीअारपीएफ
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सीआरपीएफ जवान जीत सिंह के वीडियो से दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। जवान के कस्बा सौंख के लोग उसके समर्थन में खड़े हो गए हैं। जीत सिंह की मां ने कहा कि उनका बेटा ट्रेन में खड़े होकर मथुरा तक पहुंचता है। इतना लंबा सफर करने के कारण घर आकर बीमार हो जाता है। पेंशन भी नहीं है। जब रिटायर होकर आएगा तो कैसे परिवार का पालन होगा।
जिले की नगर पंचायत सौंख के मुहल्ला सहजुआ थोक निवासी सीआरपीएफ के जवान जीत सिंह के वीडियो के माध्यम से दर्द बयां करने की बात पर उनके कस्बे के लोगों ने भी समर्थन किया है। सौंख के लोगों का कहना है कि जवान हर वक्त ड्यूटी पर रहते हैं लेकिन उन्हें उस प्रकार से सहूलियतें नहीं मिल पा रहीं हैं। घर पर कोई जरूरत हो तो छुट्टी नहीं मिलती। पेंशन भी नहीं मिलती है।
जीत सिंह की मां कमलेश देवी ने बताया कि माउंटआबू में तैनाती है। घर आने में भी लंबा वक्त लग जाता है। रिजर्वेशन की सुविधा न होने के कारण ट्रेन में खड़े-खड़े सफर करना होता है। उसने कई दफा ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं का भी जिक्र किया है। कमलेश देवी ने सरकार से जवानों की पेंशन शुरू करने, छुट्टियां दिलाने, मेडिकल की सुविधा, वेलफेयर की सुविधा देने की मांग की है। जीत सिंह के भाई का कहना है यदि पेंशन ही नहीं होगी तो रिटायरमेंट के बाद परिवार की जीविका कैसे चलेगी।
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सेना की तरह मिलें सुविधाएं
सीआरपीएफ के जवान जीत सिंह की पत्नी लक्ष्मी का कहना है कि पेंशन की सुविधा तो होनी ही चाहिए। जब परिवार के साथ आते हैं तो रिजर्वेशन तक नहीं मिलता है। आर्मी के जवानों से कम ड्यूटी नहीं होती है, लिहाजा उसी तरह सुविधाएं भी दी जाएं।
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जिले की नगर पंचायत सौंख के मुहल्ला सहजुआ थोक निवासी सीआरपीएफ के जवान जीत सिंह के वीडियो के माध्यम से दर्द बयां करने की बात पर उनके कस्बे के लोगों ने भी समर्थन किया है। सौंख के लोगों का कहना है कि जवान हर वक्त ड्यूटी पर रहते हैं लेकिन उन्हें उस प्रकार से सहूलियतें नहीं मिल पा रहीं हैं। घर पर कोई जरूरत हो तो छुट्टी नहीं मिलती। पेंशन भी नहीं मिलती है।
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जीत सिंह की मां कमलेश देवी ने बताया कि माउंटआबू में तैनाती है। घर आने में भी लंबा वक्त लग जाता है। रिजर्वेशन की सुविधा न होने के कारण ट्रेन में खड़े-खड़े सफर करना होता है। उसने कई दफा ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं का भी जिक्र किया है। कमलेश देवी ने सरकार से जवानों की पेंशन शुरू करने, छुट्टियां दिलाने, मेडिकल की सुविधा, वेलफेयर की सुविधा देने की मांग की है। जीत सिंह के भाई का कहना है यदि पेंशन ही नहीं होगी तो रिटायरमेंट के बाद परिवार की जीविका कैसे चलेगी।
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सेना की तरह मिलें सुविधाएं
सीआरपीएफ के जवान जीत सिंह की पत्नी लक्ष्मी का कहना है कि पेंशन की सुविधा तो होनी ही चाहिए। जब परिवार के साथ आते हैं तो रिजर्वेशन तक नहीं मिलता है। आर्मी के जवानों से कम ड्यूटी नहीं होती है, लिहाजा उसी तरह सुविधाएं भी दी जाएं।