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कलक्ट्रेट में सेना ने संभाला मोर्चा

Tue, 12 Apr 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 12 Apr 2016 11:43 PM IST
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army deployed in mathura collectorate
कलक्ट्रेट में सेना ने संभाला मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
थाना हाईवे क्षेत्र स्थित मंडी समिति में सब्जी खरीदने पहुंचे सत्याग्रहियों ने जीप से बाइक टकराने पर दो किसानों की पिटाई कर दी। इसके बाद सत्याग्रहियों और अन्य किसानों में मारपीट हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आठ सत्याग्रहियों को दबोच लिया और सत्याग्रहियों की गाड़ी सीज कर दी।
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इससे भड़के सत्याग्रही सुबह सड़क पर आ गए और हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से सत्याग्रहियों की बहस हुई और उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के विरोध में अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। बवाल की आशंका पर मंगलवार को पूरा कलक्ट्रेट परिसर छावनी बना रहा। अधिकारी दिनभर सड़क पर जमे रहे। सेना की क्यूआरटी और अलीगढ़ से एक कंपनी पीएसी बुला ली गई थी।
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जवाहर बाग में दो साल से 2000 से अधिक कथित सत्याग्रही कब्जा जमाए हैं। बाग खाली करने के पीछे इनका कई बार पुलिस से टकराव हो चुका है। बीती चार अप्रैल को करीब 20-25 लोगों ने सदर तहसील पर हमला कर कर्मचारी, अधिवक्ताओं और वादकारियों को पीटा था। मंगलवार को सुबह इनमें से कुछ लोग एक ट्रक और दो जीप लेकर हाईवे स्थित मंडी समिति में सब्जी खरीदने गए थे।
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सुबह 10:00 बजे करीब जब वे वापस आ रहे थे तो मंडी में गेहूं बेचने आए उस्फार और नगला माना के किसानों की बाइक सत्याग्रहियों की जीप से टकरा गई। टक्कर से किसान गिर गए और उन्हें चोट आई। उन्होंने विरोध किया तो सत्याग्रहियों ने दोनों की पिटाई कर दी। इतने में आसपास के अन्य किसान आ गए और उन्होंने आठ सत्याग्रहियों को पकड़ लिया। मारपीट की सूचना पर मंडी समिति पुलिस मौके पर पहुंच गई। तभी मंडी पहुंचे एक अधिवक्ता ने सत्याग्रहियों को पहचान लिया और चार अप्रैल को हुए तहसील पर हमले में शामिल होना बताया। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और एक वाहन को कब्जे में ले लिया। 

इसकी सूचना मिलते ही जवाहरबाग में जमे सैकड़ों लोग बाहर आगरा मार्ग पर आ गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ सदर आरके गौतम, सीओ रिफाइनरी कुंवर अनुपम सिंह और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी जवाहर बाग के गेट पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों और सत्याग्रहियों में बातचीत के दौरान सत्याग्रही अभद्रता करने लगे और चार बजे तक पकड़े लोगों को न छोड़ने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने पूरे जिले का फोर्स, पीएसी बुलाकर सदर तहसील, जज कालोनी, जवाहर बाग कालोनी, जवाहर बाग गेट और आसपास के इलाके में तैनात कर दी। दूसरी ओर पुलिस ने पकड़े गए सभी आठ सत्याग्रहियों का 151 में चालान कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 


गोपनीय रही पुलिस की कार्रवाई 
सत्याग्रहियों की गिरफ्तारी, शांति भंग में चालान और जमानत खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई बेहद गोपनीय रही। इसमें मंडी समिति से पकड़कर सभी आठ सत्याग्रहियों को वृंदावन के सौ शैया अस्पताल ले जाया गया और वहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। सिटी मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश किए। इसके बाद अपराह्न तीन बजे निजी वाहनों से सभी सत्याग्रहियों को लेकर वृंदावन पुलिस जेल पहुंची। इसके चलते दोपहर 12 बजे से शाम तक कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस, पीएसी तैनात रही। 

तीन बजे पहुंची सेना की क्यूआरटी 
सदर क्षेत्र में जवाहर बाग में कब्जा जमाए लोगों की गिरफ्तारी के बाद बवाल की आशंका पर प्रशासन ने सेना की मदद ली। दोपहर में करीब तीन बजे कैप्टन दीपक धवन के नेतृत्व में सेना की क्यूआरटी टीम कलक्ट्रेट पहुंच गई थी। सेना के जवान भी सड़क पर शस्त्र के साथ तैनात रहे। जिले में जगह-जगह चल रहे नवरात्र मेला और अन्य आयोजन के चलते फोर्स की कमी को देखते हुए अलीगढ़ से एक कंपनी पीएसी बुलाई गई। दोपहर 2:30 बजे अलीगढ़ से आई पीएसी के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। 


इन पर कार्रवाई 
मंडी समिति में झगड़ा करने के आरोप में पकड़े गए श्रीरामायण, नवल किशोर, योगेन्द्र, चरण सिंह, विक्रम गुप्ता, प्रिंस, प्रेमपाल सिंह और एक अन्य का शांतिभंग में चालान किया गया। 


दो बार हुई अधिकारियों की बैठक 
मंडी समिति में हुई गिरफ्तारी और सत्याग्रहियों की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आपात बैठक हुई। इसमें तुरंत पूरे जिले से फोर्स को कचहरी मूव करने को कहा गया। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि सत्याग्रहियों की ओर से चार बजे तक उनके लोगों को न छोड़ने पर बवाल का अल्टीमेटम है। इस पर फिर से अधिकारियों ने बैठक ली और सेना से संपर्क साधा गया। इसके बाद सेना की क्यूआरटी आ गई और जवानों ने मोर्चा संभाला। 

अन्य जिलों से मांगा फोर्स 
जवाहर बाग प्रकरण में हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने निकटवर्ती जिलों से फोर्स मांगा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि धीरे-धीरे फोर्स मथुरा पहुंच रहा है। 


मंडी समिति में हुई मारपीट के मामले में आठ सत्याग्रही पकड़े गए हैं। उनका शांति भंग में चालान कर जेल भेजा है। इनके खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों की जानकारी की जा रही है, उनकी पहचान कराई जाएगी। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और पीएसी तैनात है। पूरे प्रकरण पर अधिकारी नजर रखे हुए हैं।  
विजय कुमार 
सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा 
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