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पांच सड़क बनाने में लाखों का गोलमाल
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:36 PM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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सांसद हेमामालिनी द्वारा चुनी गईं और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन पांच सड़कों की गुणवत्ता पर निर्माण से पहले ही सवाल उठने लगे हैं। इनके निर्माण में सत्रह करोड़ की लागत आ रही है। मामले में स्टेट क्वालिटी मानीटर ने जांच बैठा दी है। लाखों का गोलमाल होने का अनुमान है।
महावन और छाता तहसील क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पांच सड़कों का निर्माण आकाशदीप और केके कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी कर रही हैं। 17 करोड़ की लागत से बन रही 49.33 किलोमीटर लंबी इन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत गूंज रही थीं।
बताया गया है कि सड़कों पर बिछाए गए पत्थर मानकों के अनुरूप नहीं हैं। निर्धारित आकार से छोटे पत्थर सड़कों पर डाले गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति पटरियों पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का न डालना और फिर उसकी मरम्मत न करना है। इन शिकायतों पर कार्यदायी संस्था आरईएस ने आपत्ति जताते हुए प्रथम किस्त जारी करने के बाद ठेकेदारों का अगला भुगतान रोक दिया है। स्थानीय विभागीय स्तर पर इन सड़कों की क्वालिटी की जांच के लिए स्टेट क्वालिटी मानीटर मथुरा आ गए हैं।
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1.5 करोड़ कम में खरीदे टेंडर
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पांच सड़कों के निर्माण के लिए 18.5 करोड़ का स्टीमेट बनाया गया था लेकिन संबंधित फर्मों ने यह कार्य 1.5 करोड़ के घाटे के साथ 17 करोड़ में ही करना स्वीकार किया और टेंडर खरीद लिए।
ये हैं सड़क
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर अकबरपुर से पाली तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर अकबरपुर से बझेरा तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छाता से पैगांव तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कोसी-कोटवन कामर तक
- महावन तहसील क्षेत्र अंतर्गत बलदेव क्षेत्र
सीडीओ ने भी जताई थी आपत्ति
इन सड़कों के निरीक्षण के दौरान सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने भी निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरईएस के एक्सईएन को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए थे।
विभागीय संस्तुति पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए मथुरा आए हैं। अब तक पत्थरों का साइज काफी कुछ स्थानों पर अंडर साइज मिला है। पटरियों पर मिट्टी की शिकायत भी सही पाई गई है। संबंधित फर्म को सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
- एसआर राय
स्टेट क्वालिटी मानीटर
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महावन और छाता तहसील क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पांच सड़कों का निर्माण आकाशदीप और केके कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी कर रही हैं। 17 करोड़ की लागत से बन रही 49.33 किलोमीटर लंबी इन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत गूंज रही थीं।
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बताया गया है कि सड़कों पर बिछाए गए पत्थर मानकों के अनुरूप नहीं हैं। निर्धारित आकार से छोटे पत्थर सड़कों पर डाले गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति पटरियों पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का न डालना और फिर उसकी मरम्मत न करना है। इन शिकायतों पर कार्यदायी संस्था आरईएस ने आपत्ति जताते हुए प्रथम किस्त जारी करने के बाद ठेकेदारों का अगला भुगतान रोक दिया है। स्थानीय विभागीय स्तर पर इन सड़कों की क्वालिटी की जांच के लिए स्टेट क्वालिटी मानीटर मथुरा आ गए हैं।
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1.5 करोड़ कम में खरीदे टेंडर
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पांच सड़कों के निर्माण के लिए 18.5 करोड़ का स्टीमेट बनाया गया था लेकिन संबंधित फर्मों ने यह कार्य 1.5 करोड़ के घाटे के साथ 17 करोड़ में ही करना स्वीकार किया और टेंडर खरीद लिए।
ये हैं सड़क
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर अकबरपुर से पाली तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर अकबरपुर से बझेरा तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छाता से पैगांव तक
- राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कोसी-कोटवन कामर तक
- महावन तहसील क्षेत्र अंतर्गत बलदेव क्षेत्र
सीडीओ ने भी जताई थी आपत्ति
इन सड़कों के निरीक्षण के दौरान सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने भी निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरईएस के एक्सईएन को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए थे।
विभागीय संस्तुति पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए मथुरा आए हैं। अब तक पत्थरों का साइज काफी कुछ स्थानों पर अंडर साइज मिला है। पटरियों पर मिट्टी की शिकायत भी सही पाई गई है। संबंधित फर्म को सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
- एसआर राय
स्टेट क्वालिटी मानीटर