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टीटीजेड में तीन प्रोजेक्ट को हरी झंडी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:57 PM IST
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पेड़, डमी फोटो
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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टीटीजेड में पेड़ों से जुडे़ तीन प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित सेंट्रल कमेटी ने हरी झंडी दिखा दी है। इसमेें मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक फोरलेन सड़क, गंगा जल प्रोजेक्ट और मथुरा-कासगंज रेलवे लाइन शामिल हैं, जहां अनेक पेड़ इन प्रोजेक्ट में बाधा बने हुए हैं।
ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत जल निगम, पीडब्ल्यूडी और रेलवे ने अपने विभिन्न प्रोजेक्ट में अवरोध बन रहे पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। इसमें जल निगम ने गंगा जल प्रोजेक्ट में बिछाई जा रही पाइप लाइन में अवरोध बन रहे नौ पेड़ को काटने की अनुमति मांगी थी, जबकि पीडब्लूडी ने मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक 16.71 करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 33 पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी।
इसी तरह पूर्वोत्तर रेलवे ने मथुरा से मुरसान के बीच कई स्थानों पर रेलवे लाइन के निकटवर्ती पेड़ों को काटने की स्वीकृति मांगी। रेलवे का कहना था कि तेज अंधड़ से ये पेड़ दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा आगरा में गंगा जल प्रोेजेक्ट के तहत संरक्षित वन क्षेत्र में 111 पौधे काटे जाने हैं।
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मंगलवार को इस पर विचार के लिए सेंट्रल कमेटी मथुरा पहुंची। यहां कमेटी ने संबंधित विभागीय अफसरों के साथ संबंधित स्थल पर पेड़ों को देखा और मौखिक आश्वासन दे दिया। जल निगम के अफसरों को अपना कार्य जारी रखने के लिए निर्देशित कर दिया। इसी तरह पीडब्ल्यूडी को भी निर्माण के लिए सहमति प्रदान कर दी।
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ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत जल निगम, पीडब्ल्यूडी और रेलवे ने अपने विभिन्न प्रोजेक्ट में अवरोध बन रहे पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। इसमें जल निगम ने गंगा जल प्रोजेक्ट में बिछाई जा रही पाइप लाइन में अवरोध बन रहे नौ पेड़ को काटने की अनुमति मांगी थी, जबकि पीडब्लूडी ने मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक 16.71 करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 33 पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी।
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इसी तरह पूर्वोत्तर रेलवे ने मथुरा से मुरसान के बीच कई स्थानों पर रेलवे लाइन के निकटवर्ती पेड़ों को काटने की स्वीकृति मांगी। रेलवे का कहना था कि तेज अंधड़ से ये पेड़ दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा आगरा में गंगा जल प्रोेजेक्ट के तहत संरक्षित वन क्षेत्र में 111 पौधे काटे जाने हैं।
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मंगलवार को इस पर विचार के लिए सेंट्रल कमेटी मथुरा पहुंची। यहां कमेटी ने संबंधित विभागीय अफसरों के साथ संबंधित स्थल पर पेड़ों को देखा और मौखिक आश्वासन दे दिया। जल निगम के अफसरों को अपना कार्य जारी रखने के लिए निर्देशित कर दिया। इसी तरह पीडब्ल्यूडी को भी निर्माण के लिए सहमति प्रदान कर दी।