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बांसुरी बजाई रंग सो मुरारी...
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 16 Dec 2014 01:03 AM IST
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ठाकुर राधारमण मंदिर में शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव भव्य आयोजनों के साथ जारी है। जगद्गुरु पुरुषोत्तम गोस्वामी के सानिध्य में सुबह ब्राह्मणों द्वारा भागवत पाठ, राग सेवा और ठाकुरजी का अद्भुत शृंगार यहां का क्रम है।
एक ओर श्रद्धालु ठाकुर की एक छटा पाने के लिए आतुर हैं तो दूसरी ओर राधारमण लाल भक्तों की ललक देख विभिन्न शृंगार में दर्शन देते आ रहे हैं।
इस बार राग सेवा में आस्था गोस्वामी ने प्रस्तुति दी। नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंद..., राधारमण गोपाल भट्ट जू के प्राणधन... भजन से ठाकुरजी को पुकारा गया।
इसके बाद जैसे ही बांसुरी बजाई रंग सो मुरारी... भजन से तो संपूर्ण मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इसके बाद आस्था ने जय प्राणधन राधारमण लाल..., रास रच्यौ वन कुंजवर किशोरी... और आली म्हानै लागे वृंदावन नीको.... आदि भजन गाए।
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भक्तिमय वातावरण के बीच आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने श्याम कुंड और राधाकुंड का जीर्णोद्धार चैतन्य महाप्रभु द्वारा करने का प्रसंग सुनाया। इसके बाद शयन आरती सुवर्ण गोस्वामी ने की। आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी और अभिनव गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत किया।
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एक ओर श्रद्धालु ठाकुर की एक छटा पाने के लिए आतुर हैं तो दूसरी ओर राधारमण लाल भक्तों की ललक देख विभिन्न शृंगार में दर्शन देते आ रहे हैं।
इस बार राग सेवा में आस्था गोस्वामी ने प्रस्तुति दी। नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंद..., राधारमण गोपाल भट्ट जू के प्राणधन... भजन से ठाकुरजी को पुकारा गया।
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इसके बाद जैसे ही बांसुरी बजाई रंग सो मुरारी... भजन से तो संपूर्ण मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इसके बाद आस्था ने जय प्राणधन राधारमण लाल..., रास रच्यौ वन कुंजवर किशोरी... और आली म्हानै लागे वृंदावन नीको.... आदि भजन गाए।
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भक्तिमय वातावरण के बीच आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने श्याम कुंड और राधाकुंड का जीर्णोद्धार चैतन्य महाप्रभु द्वारा करने का प्रसंग सुनाया। इसके बाद शयन आरती सुवर्ण गोस्वामी ने की। आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी और अभिनव गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत किया।