{"_id":"576e82c04f1c1b625fb480aa","slug":"children-ran-away-from-home-in-vrindavan","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की डांट से नाराज बच्चे घर से भागे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता की डांट से नाराज बच्चे घर से भागे
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव सुनरख निवासी दो बालक पिता के डांटने से नाराज होकर शुक्रवार शाम घर छोड़कर चले गए। दोनों को शनिवार दोपहर एक साधु ने पकड़कर घर पहुंचाया।
गांव सुनरख निवासी हरिशंकर तिवारी ने अपने पुत्र गोपाल (11) और गोविंद (9) को शुक्रवार दोपहर किसी बात पर डांटा था। इसके बाद नाराज गोपाल और गोविंद शाम छह बजे बाहर खेलने के लिए गए और रात आठ बजे तक घर नहीं लौटे। जानकारी पर हरिशंकर तिवारी ने आसपास और वृंदावन में देर रात तक काफी तलाश की लेकिन दोनों बालकों का पता नहीं चला। थकहार कर उन्होंने कोतवाली वृंदावन में गुमशुदगी की तहरीर दी।
शनिवार दोपहर को गोधूलिपुरम क्षेत्र स्थित बगलामुखी आश्रम के महंत प्रदीपानंद बाबा दोनों बच्चों को लेकर गांव सुनरख पहुंचे। बाबा ने परिवारीजनों को बताया कि गोविंद और गोपाल शुक्रवार रात 11 बजे परिक्रमा मार्ग गोरे दाऊजी क्षेत्र में घूम रहे थे। उन्होंने दोनों को टोका तो बच्चों ने अपने बारे में कुछ नहीं बताया।
बस घर से मंदिरों के दर्शन करने आने की बात कहने लगे। रात में बाबा प्रदीपानंद ने बच्चों को भोजन खिलाकर सुला दिया। सुबह होते ही दोनों आश्रम से मौका मिलते ही भाग निकले लेकिन क्षेत्रवासियों के सहयोग से उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद बच्चों ने बमुश्किल अपना नाम और पता बताया। जिस पर बाबा ने शनिवार दोपहर करीब दो बजे बच्चों को घर पहुंचा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव सुनरख निवासी हरिशंकर तिवारी ने अपने पुत्र गोपाल (11) और गोविंद (9) को शुक्रवार दोपहर किसी बात पर डांटा था। इसके बाद नाराज गोपाल और गोविंद शाम छह बजे बाहर खेलने के लिए गए और रात आठ बजे तक घर नहीं लौटे। जानकारी पर हरिशंकर तिवारी ने आसपास और वृंदावन में देर रात तक काफी तलाश की लेकिन दोनों बालकों का पता नहीं चला। थकहार कर उन्होंने कोतवाली वृंदावन में गुमशुदगी की तहरीर दी।
शनिवार दोपहर को गोधूलिपुरम क्षेत्र स्थित बगलामुखी आश्रम के महंत प्रदीपानंद बाबा दोनों बच्चों को लेकर गांव सुनरख पहुंचे। बाबा ने परिवारीजनों को बताया कि गोविंद और गोपाल शुक्रवार रात 11 बजे परिक्रमा मार्ग गोरे दाऊजी क्षेत्र में घूम रहे थे। उन्होंने दोनों को टोका तो बच्चों ने अपने बारे में कुछ नहीं बताया।
विज्ञापन
बस घर से मंदिरों के दर्शन करने आने की बात कहने लगे। रात में बाबा प्रदीपानंद ने बच्चों को भोजन खिलाकर सुला दिया। सुबह होते ही दोनों आश्रम से मौका मिलते ही भाग निकले लेकिन क्षेत्रवासियों के सहयोग से उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद बच्चों ने बमुश्किल अपना नाम और पता बताया। जिस पर बाबा ने शनिवार दोपहर करीब दो बजे बच्चों को घर पहुंचा दिया।
विज्ञापन