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बेशकीमती मूर्तियों की निगहबानी भगवान भरोसे
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:48 PM IST
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जवाहर बाग में कार्रवाई के दौरान हमराहों को भागने का डर शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को पहले से ही था। इसी के चलते उन्होंने भरोसे के 12 दरोगा मांगे थे। मुकुल द्विवेदी के नजदीक रहे एक दरोगा ने इस संबंध में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जवाहर बाग के संबंध में अक्सर उनकी एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी से बात होती थी।
फिलहाल हाथरस में तैनात दरोगा ने बताया कि मुकुल ने उनसे कहा था, वे कार्रवाई के दौरान मथुरा में ड्यूटी के लिए उन्हें मांगेंगे। इसके लिए आधिकारिक तौर पर एसएसपी की ओर से हाथरस एसएसपी को पत्र भिजवा देंगे। उन्होंने हाथरस के मेंडू, सादाबाद, स्वाट टीम, अलीगढ़ और आसपास के जनपदों में तैनात भरोसेमंद 12 दरोगाओं की सूची तैयार की थी।
उनको भरोसा था कि वे कार्रवाई के दौरान उनका साथ निभाएंगे। इस संबंध में आगे क्या हुआ उनको नहीं पता। कार्रवाई चार जून को तड़के होनी थी, लेकिन फोर्स को रास्ता दिखाने और बाउंड्री तोड़ने की प्रक्रिया के दौरान हुए हमले में मुकुल द्विवेदी शहीद हो गए।
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फिलहाल हाथरस में तैनात दरोगा ने बताया कि मुकुल ने उनसे कहा था, वे कार्रवाई के दौरान मथुरा में ड्यूटी के लिए उन्हें मांगेंगे। इसके लिए आधिकारिक तौर पर एसएसपी की ओर से हाथरस एसएसपी को पत्र भिजवा देंगे। उन्होंने हाथरस के मेंडू, सादाबाद, स्वाट टीम, अलीगढ़ और आसपास के जनपदों में तैनात भरोसेमंद 12 दरोगाओं की सूची तैयार की थी।
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उनको भरोसा था कि वे कार्रवाई के दौरान उनका साथ निभाएंगे। इस संबंध में आगे क्या हुआ उनको नहीं पता। कार्रवाई चार जून को तड़के होनी थी, लेकिन फोर्स को रास्ता दिखाने और बाउंड्री तोड़ने की प्रक्रिया के दौरान हुए हमले में मुकुल द्विवेदी शहीद हो गए।
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