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धर्म-संस्कृति के प्रचार का लिया संकल्प
अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 21 Jun 2016 11:49 PM IST
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केशवधाम में केंद्रीय रथ योजना के प्रशिक्षण शिविर का समापन
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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विहिप के प्रकल्प हरि सत्संग समिति की केंद्रीय रथ योजना के केशवधाम में चल रहे त्रिदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। इस दौरान विभिन्न प्रांतों से आए 70 कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र और समाज की सेवा के साथ धर्म और संस्कृति के प्रचार का भी संकल्प लिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केशवधाम के निदेशक ललित ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की गहराइयां और विशेषताएं अनंत है। देश के सुदूर प्रांतों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह संस्कृति आज भी जनमानस को आपस में जोड़ने का कार्य कर रही है।
केंद्रीय रथ योजना संगठन के प्रभारी श्याम गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में 24 रथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को धर्म-संस्कृति से जोड़ने का काम कर रहे है। भविष्य में इन रथों की संख्या 50 की जाएगी।
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केंद्रीय रथ योजना के प्रमुख सपन मुखर्जी ने कहा कि धर्म-संस्कृति का महत्व लोगों को समझाने के लिए विहिप प्रयत्नशील है। इस अवसर पर राधावल्लभ, बुलाठीदास बियानी, भगवानदास बंसल, बच्चू सिंह, उमाशंकर मिश्र, सत्यनारायण आदि उपस्थित थे।
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समापन सत्र को संबोधित करते हुए केशवधाम के निदेशक ललित ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की गहराइयां और विशेषताएं अनंत है। देश के सुदूर प्रांतों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह संस्कृति आज भी जनमानस को आपस में जोड़ने का कार्य कर रही है।
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केंद्रीय रथ योजना संगठन के प्रभारी श्याम गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में 24 रथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को धर्म-संस्कृति से जोड़ने का काम कर रहे है। भविष्य में इन रथों की संख्या 50 की जाएगी।
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केंद्रीय रथ योजना के प्रमुख सपन मुखर्जी ने कहा कि धर्म-संस्कृति का महत्व लोगों को समझाने के लिए विहिप प्रयत्नशील है। इस अवसर पर राधावल्लभ, बुलाठीदास बियानी, भगवानदास बंसल, बच्चू सिंह, उमाशंकर मिश्र, सत्यनारायण आदि उपस्थित थे।