{"_id":"57f15ae24f1c1b9911574d9a","slug":"agrasen-shobhayatra-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 राजकुमारों संग महाराजा अग्रसेन का स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 राजकुमारों संग महाराजा अग्रसेन का स्वागत
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
महाराजा अग्रसेन का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अग्रवाल सभा के तत्वावधान में नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों और झांकियों के साथ पूरा शहर जगमगा गया। जगह-जगह लगे तोरन द्वार, नफीरी और उपहार देकर महाराजा अग्रसेन व 18 राजकुमारों का स्वागत किया गया। अश्वों पर सवार द्वारपाल अग्र पताकाओं को लेकर चल रहे थे।
शोभायात्रा चंपा अग्रवाल इंटर कालेज से दोपहर चार बजे प्रारंभ हुई। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर, मुख्य जयंती संयोजक अशोक टैंटीवाल, नगेंद्र एडवोकेट, गोपाल काजू, शशिभानु गर्ग, डॉ. अनुराग कैटर्स, शोभा यात्रा संयोजक कन्हैयालाल, मेला संयोजक अंशुल, महावीर मित्तल, मूलचंद गर्ग, चंदा संयोजक कृष्ण मुरारी, गिरधारी लाल सर्राफ, मीडिया प्रभारी आशीष गर्ग सुपारी वाले व मयंक एडवोकेट और कार्यकारिणी सदस्यों ने महाराजा अग्रसेन के स्वरूप का पूजन किया।
शोभा यात्रा में सर्वप्रथम ऊंट, ताशे, अग्रवाल सभा का बैनर, घोड़ों पर सवार द्वारपाल, हाथी, बैंडबाजों के साथ श्रीगणेश की झांकी सबसे आगे चल रही थी। पीछे-पीछे अग्रवंश की कुल देवी महालक्ष्मी फूलों से सजी भव्य झांकी, बांकेबिहारी महाराज, मां सरस्वती, दुर्गाजी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की झांकी के साथ अग्र महिलाएं चल रही थीं।
विज्ञापन
शहर में विभिन्न गोत्र स्वरूप 51 स्वागत द्वार बनाए गए। सुप्रसिद्ध बैंड और अग्रकुल की कीर्ति का चिन्ह, सूरज चांद, घोड़ों पर सवार 18 राजकुमार और भव्य रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन के प्रतीक स्वरूप विराजमान थे। अंत में प्रकाश बैंड की मधुर ध्वनि के साथ अग्रसमाज के लोग और विदेशी फूलों से सजा महाराजा अग्रसेन का डोला था। डोले के साथ समाज के गण्यमान्य नागरिक चल रहे थे। शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत कर महाराजा अग्रसेन, गोत्र स्वरूप राजकुमारों और कुल देवी महालक्ष्मी, मां सरस्वती और देवी दुर्गा स्वरूपों को उपहार भेंट किए।
स्थान-स्थान पर शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर महाराजा अग्रसेन की आरती उतारी गई। कोई शर्बत, दूध, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई आदि से स्वागत करने में लगा था तो कई लोग उपहार भेंट कर रहे थे। शोभायात्रा भरतपुर गेट होती हुई घीया मंडी, चौक बाजार, स्वामी घाट, विश्राम घाट, छत्ता बाजार, होली गेट और कोतवाली रोड होती हुई अग्रवाल अतिथि भवन भरतपुर गेट पहुंची। यहां धर्मशाला समिति के आतिथ्य के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।
शोभायात्रा का स्वागत तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति के अध्यक्ष राजेश बजाज, मंत्री सुरेश चंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल ने महाराजजी की आरती उतार, प्रसाद वितरण कर, महाराज प्रतीक और 18 राजकुमारों को उपहार भेंटकर किया। समिति के मीडिया प्रभारी आशीष गर्ग सुपारी वाले ने बताया कि तीन, चार और पांच अक्तूबर को विशाल अग्रसेन मेले का आयोजन बीएसए डिग्री कालेज में रात आठ बजे से किया जाएगा।
शोभायात्रा में डॉ. अशोक अग्रवाल, महावीर मित्तल, गोवर्धन दास, गौरांग सिंघल, सुशील गर्ग, प्रशांत अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल, राघव गोयल, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, अजयकांत गर्ग, श्यामसुंदर, महेश चंद, बॉबी हाथी वाले, राकेश अग्रवाल सुल्ली, पूर्व चेयरमैन वीरेन्द्र अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, नवीन मित्तल, देवीदास कसेरे, डॉ. अशोक अग्रवाल, सतीश चन्द बृजवासी, सुरेश चन्द, बांके बिहारी, मनोज, मोनू, राधारमन, कैलाशचंद, महावीर प्रसाद, हेमन्त खंदौली वाले और हजारों की संख्या में लोग साथ चल रहे थे।
विज्ञापन
शोभायात्रा चंपा अग्रवाल इंटर कालेज से दोपहर चार बजे प्रारंभ हुई। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर, मुख्य जयंती संयोजक अशोक टैंटीवाल, नगेंद्र एडवोकेट, गोपाल काजू, शशिभानु गर्ग, डॉ. अनुराग कैटर्स, शोभा यात्रा संयोजक कन्हैयालाल, मेला संयोजक अंशुल, महावीर मित्तल, मूलचंद गर्ग, चंदा संयोजक कृष्ण मुरारी, गिरधारी लाल सर्राफ, मीडिया प्रभारी आशीष गर्ग सुपारी वाले व मयंक एडवोकेट और कार्यकारिणी सदस्यों ने महाराजा अग्रसेन के स्वरूप का पूजन किया।
विज्ञापन
शोभा यात्रा में सर्वप्रथम ऊंट, ताशे, अग्रवाल सभा का बैनर, घोड़ों पर सवार द्वारपाल, हाथी, बैंडबाजों के साथ श्रीगणेश की झांकी सबसे आगे चल रही थी। पीछे-पीछे अग्रवंश की कुल देवी महालक्ष्मी फूलों से सजी भव्य झांकी, बांकेबिहारी महाराज, मां सरस्वती, दुर्गाजी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की झांकी के साथ अग्र महिलाएं चल रही थीं।
विज्ञापन
शहर में विभिन्न गोत्र स्वरूप 51 स्वागत द्वार बनाए गए। सुप्रसिद्ध बैंड और अग्रकुल की कीर्ति का चिन्ह, सूरज चांद, घोड़ों पर सवार 18 राजकुमार और भव्य रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन के प्रतीक स्वरूप विराजमान थे। अंत में प्रकाश बैंड की मधुर ध्वनि के साथ अग्रसमाज के लोग और विदेशी फूलों से सजा महाराजा अग्रसेन का डोला था। डोले के साथ समाज के गण्यमान्य नागरिक चल रहे थे। शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत कर महाराजा अग्रसेन, गोत्र स्वरूप राजकुमारों और कुल देवी महालक्ष्मी, मां सरस्वती और देवी दुर्गा स्वरूपों को उपहार भेंट किए।
स्थान-स्थान पर शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर महाराजा अग्रसेन की आरती उतारी गई। कोई शर्बत, दूध, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई आदि से स्वागत करने में लगा था तो कई लोग उपहार भेंट कर रहे थे। शोभायात्रा भरतपुर गेट होती हुई घीया मंडी, चौक बाजार, स्वामी घाट, विश्राम घाट, छत्ता बाजार, होली गेट और कोतवाली रोड होती हुई अग्रवाल अतिथि भवन भरतपुर गेट पहुंची। यहां धर्मशाला समिति के आतिथ्य के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।
शोभायात्रा का स्वागत तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति के अध्यक्ष राजेश बजाज, मंत्री सुरेश चंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल ने महाराजजी की आरती उतार, प्रसाद वितरण कर, महाराज प्रतीक और 18 राजकुमारों को उपहार भेंटकर किया। समिति के मीडिया प्रभारी आशीष गर्ग सुपारी वाले ने बताया कि तीन, चार और पांच अक्तूबर को विशाल अग्रसेन मेले का आयोजन बीएसए डिग्री कालेज में रात आठ बजे से किया जाएगा।
शोभायात्रा में डॉ. अशोक अग्रवाल, महावीर मित्तल, गोवर्धन दास, गौरांग सिंघल, सुशील गर्ग, प्रशांत अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल, राघव गोयल, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, अजयकांत गर्ग, श्यामसुंदर, महेश चंद, बॉबी हाथी वाले, राकेश अग्रवाल सुल्ली, पूर्व चेयरमैन वीरेन्द्र अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, नवीन मित्तल, देवीदास कसेरे, डॉ. अशोक अग्रवाल, सतीश चन्द बृजवासी, सुरेश चन्द, बांके बिहारी, मनोज, मोनू, राधारमन, कैलाशचंद, महावीर प्रसाद, हेमन्त खंदौली वाले और हजारों की संख्या में लोग साथ चल रहे थे।