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Mathura News: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 3.10 लाख की ठगी
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नौहझील। नौहझील क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने न केवल युवक से 3 लाख 10 हजार रुपये हड़प लिए, बल्कि पैसे वापस मांगने पर उसे जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना नौहझील में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्राम बरौठ निवासी पीड़ित नरेंद्र सिंह ने एसएसपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह काफी समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसके घर क्षेत्र के गांव पालखेड़ा निवासी लोकेश चौधरी और गांव शहदगढ़ी निवासी वीरेंद्र चौधरी का आना-जाना था। 20 अक्तूबर 2023 को दोनों ने नरेंद्र को विश्वास में लिया कि उनकी ऊंची पहुंच है और वे उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत अलग-अलग किस्तों में नरेंद्र से कुल 3 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित के अनुसार, उसने 1 लाख 13 हजार रुपये फोन पे (डिजिटल) के माध्यम से ट्रांसफर किए, जबकि 1 लाख 97 हजार रुपये आरोपियों ने उसके घर आकर नकद लिए।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी, तो नरेंद्र ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि 19 मई 2025 को जब उसने फोन कर अपनी रकम वापस मांगी, तो लोकेश और वीरेंद्र आगबबूला हो गए। उन्होंने पीड़ित को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और रुपये लौटाने से साफ मना करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। डरे-सहमे पीड़ित ने बैंक स्टेटमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के साथ पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। सीओ आशीष शर्मा ने बताया कि एसएसपी के आदेशानुसार लोकेश चौधरी और वीरेंद्र चौधरी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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ग्राम बरौठ निवासी पीड़ित नरेंद्र सिंह ने एसएसपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह काफी समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसके घर क्षेत्र के गांव पालखेड़ा निवासी लोकेश चौधरी और गांव शहदगढ़ी निवासी वीरेंद्र चौधरी का आना-जाना था। 20 अक्तूबर 2023 को दोनों ने नरेंद्र को विश्वास में लिया कि उनकी ऊंची पहुंच है और वे उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत अलग-अलग किस्तों में नरेंद्र से कुल 3 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित के अनुसार, उसने 1 लाख 13 हजार रुपये फोन पे (डिजिटल) के माध्यम से ट्रांसफर किए, जबकि 1 लाख 97 हजार रुपये आरोपियों ने उसके घर आकर नकद लिए।
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काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी, तो नरेंद्र ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि 19 मई 2025 को जब उसने फोन कर अपनी रकम वापस मांगी, तो लोकेश और वीरेंद्र आगबबूला हो गए। उन्होंने पीड़ित को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और रुपये लौटाने से साफ मना करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। डरे-सहमे पीड़ित ने बैंक स्टेटमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के साथ पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। सीओ आशीष शर्मा ने बताया कि एसएसपी के आदेशानुसार लोकेश चौधरी और वीरेंद्र चौधरी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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