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कान्हा की नगरी में बनेगा नया सेंट्रल म्यूजियम
Mathura
Updated Sat, 28 Dec 2013 05:41 AM IST
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मथुरा। कान्हा की नगरी में नया सेंट्रल म्यूजियम शीघ्र ही अस्तित्व में आने जा रहा है। मथुरा में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक व कलाप्रेमियों को लुभाने के लिए संस्कृति मंत्रालय इससे सहमत हो गया है। उसने प्रदेश सरकार से इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मांगा है। नये केंद्रीय संग्रहालय का निर्माण नेशनल हाइवे अथवा यमुना एक्सप्रेस वे पर होगा।
देश-विदेश के पर्यटक मथुरा में कान्हा के सुप्रसिद्ध मंदिर और धार्मिक स्थल तो देखने आते हैं। साथ ही मथुरा में बिखरी पड़ी बौद्ध एवं जैन संप्रदाय की ऐतिहासिक कलाकृतियां देखने की ललक भी बरबस उन्हें अपनी ओर खींचती है। लेकिन वर्तमान राजकीय संग्रहालय की दुर्दशा विशेष रूप से कलाप्रेमियों का मन खट्टा कर देती है। इस समस्या से व्यथित कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने यह मसला केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के समक्ष उठाते हुए मथुरा में केंद्रीय संग्रहालय खोले जाने की मांग की। इस मामले में उन्होंने शुक्रवार को संस्कृति सचिव रविंद्र सिंह से दिल्ली जाकर मुलाकात की। संस्कृति सचिव ने इस मसले पर रुचि दिखाते हुए डीएम विशाल चौहान से वार्ता की। उन्होंने डीएम से केंद्रीय संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रदेश सरकार के माध्यम से इसका प्रस्ताव भिजवाने को कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रस्ताव मिलते ही संग्रहालय निर्माण के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
पुराने संग्रहालय की बेशकीमती मूर्तियां बढ़ाएंगी शोभा
मथुरा (ब्यूरो)। संस्कृति सचिव ने सुझाव दिया है कि राजकीय संग्रहालय मेें रखी बेशकीमती और दुर्लभ मूर्तियों को नए केंद्रीय संग्रहालय में रखवा दिया जाए। यही नहीं राजकीय संग्रहालय के स्टोर रूम में पड़ी मूर्तियों को इसी संग्रहालय में सजाया जाए।
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एनएचटू अथवा एक्सप्रेस हाइवे पर बनेगा म्यूजियम
मथुरा (ब्यूरो)। नया केंद्रीय संग्रहालय संभवत: नेशनल हाइवे टू अथवा यमुना एक्सप्रेस वे पर बनेगा। इसके पीछे सोच यह है कि आगरा अथवा दिल्ली की ओर जाता पर्यटक सड़क से गुजरते हुए इसके प्रति आकर्षित हो।
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देश-विदेश के पर्यटक मथुरा में कान्हा के सुप्रसिद्ध मंदिर और धार्मिक स्थल तो देखने आते हैं। साथ ही मथुरा में बिखरी पड़ी बौद्ध एवं जैन संप्रदाय की ऐतिहासिक कलाकृतियां देखने की ललक भी बरबस उन्हें अपनी ओर खींचती है। लेकिन वर्तमान राजकीय संग्रहालय की दुर्दशा विशेष रूप से कलाप्रेमियों का मन खट्टा कर देती है। इस समस्या से व्यथित कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने यह मसला केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के समक्ष उठाते हुए मथुरा में केंद्रीय संग्रहालय खोले जाने की मांग की। इस मामले में उन्होंने शुक्रवार को संस्कृति सचिव रविंद्र सिंह से दिल्ली जाकर मुलाकात की। संस्कृति सचिव ने इस मसले पर रुचि दिखाते हुए डीएम विशाल चौहान से वार्ता की। उन्होंने डीएम से केंद्रीय संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रदेश सरकार के माध्यम से इसका प्रस्ताव भिजवाने को कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रस्ताव मिलते ही संग्रहालय निर्माण के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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पुराने संग्रहालय की बेशकीमती मूर्तियां बढ़ाएंगी शोभा
मथुरा (ब्यूरो)। संस्कृति सचिव ने सुझाव दिया है कि राजकीय संग्रहालय मेें रखी बेशकीमती और दुर्लभ मूर्तियों को नए केंद्रीय संग्रहालय में रखवा दिया जाए। यही नहीं राजकीय संग्रहालय के स्टोर रूम में पड़ी मूर्तियों को इसी संग्रहालय में सजाया जाए।
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एनएचटू अथवा एक्सप्रेस हाइवे पर बनेगा म्यूजियम
मथुरा (ब्यूरो)। नया केंद्रीय संग्रहालय संभवत: नेशनल हाइवे टू अथवा यमुना एक्सप्रेस वे पर बनेगा। इसके पीछे सोच यह है कि आगरा अथवा दिल्ली की ओर जाता पर्यटक सड़क से गुजरते हुए इसके प्रति आकर्षित हो।