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‘कमल’ खिलाने को बेताब सपा-बसपा के कई सांसद
अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 12 Oct 2013 08:13 AM IST
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आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों के बाहुबली नेता भाजपा उम्मीदवार के रूप में नजर आएं तो चौंकने की जरूरत नहीं है। सपा, बसपा, कांग्रेस के कई रसूखदार और बाहुबली नेता व कुछ सांसद भाजपा से लगातार संपर्क साधे हुए हैं।
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सूबे में जनाधार बढ़ाने के लिए कसमसा रही भारतीय जनता पार्टी को उनके रसूख पर भरोसा होने लगा है। इसका संकेत खुद भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह दे चुके हैं।
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पिछले दिनों काशी क्षेत्र की बैठक में हिस्सा लेने आए मोदी के सिपहसालार अमित शाह ने चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन के कामकाज की समीक्षा की थी।
इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के बाद देश में भाजपा के पक्ष में माहौल बनने लगा है।
इसका नतीजा है कि कई दलों के दिग्गज नेता लगातार संपर्क कर रहे हैं। उनमें से कुछ की उम्मीदवारी पर विचार किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में पार्टी 50 से 60 सीट जीतना चाहती है। यह अकेले दम पर पूरा नहीं हो सकता। ऐसे में बागियों पर उसकी निगाह लगी हुई है।
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इतना जरूर है कि इनको टिकट देने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच रायशुमारी जरूर करेगी। उनकी भावनाओं को तरजीह दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि गाजीपुर के सपा के एक चर्चित नेता टिकट न मिलने की स्थिति में पाला बदल सकते हैं। चंदौली के एक बसपा नेता भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। वह कई बार दिल्ली जाकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के करीब माने जाने वाले सपा, बसपा और कांग्रेस के कई दिग्गज और जिताऊ किस्म के नेताओं को अमित शाह से भी मिलवाया गया है।
इसमें मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर और गोंडा के कई बाहुबली नेता भाजपा के सीधे संपर्क में हैं। यह भी गौर करने वाली बात है कि ज्यादातर नेता एक ही जाति के बताए जाते हैं।