{"_id":"a07dd236-e799-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"lucknow-artist-portrays-100-years-of-cinema-on-canvas","type":"story","status":"publish","title_hn":"इन्होंने पेंटिंग में रंग दिए सिनेमा के सौ साल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन्होंने पेंटिंग में रंग दिए सिनेमा के सौ साल
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 08 Jul 2013 12:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस अंजुमन में आपको आना है बार-बार... गीत गाती हुई उमराव जान या फिर गोमती के किनारे बाजी लगाते हुए शतरंज के खिलाड़ी।
विज्ञापन
हिंदी सिनेमा के सौ सालों के सफर के साथ लखनऊ से जुड़ी कुछ फेमस फिल्मों को रंगों से कैनवस पर उतारा है शहर के प्रसिद्ध आर्टिस्ट शरद पाण्डेय ने।
एक पेंटिंग में सिनेमा के सौ साल
बॉलीवुड हिंदी सिनेमा के सौ साल का जश्न मना रहा है। इसके इतिहास में लखनऊ का योगदान भी कम नहीं है। 1913 से 2013 तक के इस सफर में दादा साहेब फाल्के के साथ लखनऊ में शूट हुई ‘पा’ तक का जिक्र है।
हर दौर को बखूबी उकेरा
जहां हम खड़े होते हैं लाइन वहीं से शुरू होती है... अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार के एक्शन सीन के साथ यह फेमस डायलॉग। पुष्पा को पुकारते हुए राजेश खन्ना या फिर वन टू का फोर करते अनिल कपूर। हर दौर की फिल्मों को शरद ने अपने कैनवस पर बखूबी उतारा है।
विज्ञापन
इन्हें देखते ही हर फिल्म जेहन में ताजा हो जाती है। इसके अलावा 1913 से 40 तक के सफर को भी शरद ने रंगों में ढाला है।
17 जुलाई को लगेगी प्रदर्शनी
शरद पाण्डेय ‘सौ का सिनेमा’ नाम से तैयार इस कलेक्शन को 17 जुलाई को कैसरबाग स्थित लाल बारादरी में प्रदर्शित करने की तैयारी कर रहे हैं।
‘सौ का सिनेमा’ के बाद शरद का अगला पेंटिंग कलेक्शन ‘सिनेमा हॉल’ होगा, जिसमें उस दौर का जिक्र होगा जब टिकट की जगह लोगों के हाथों में मुहर लगती थी और टिकट खिड़की खुलने का लोग घंटों इंतजार किया करते थे।
विज्ञापन