फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   lakhimpur kheri violence: Samyukt Kisan morcha going to hold a meeting after Lakhimpur Kheri incident

लखीमपुर खीरी हिंसा: सरकार आंदोलन को बदनाम करने का कितना भी प्रयास करे, कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे किसान संगठन

Mon, 04 Oct 2021 02:35 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 04 Oct 2021 02:35 PM IST
सार

वरिष्ठ किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा, केंद्र की मोदी सरकार एक तनाशाह सरकार है। इसी सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा दलित, आदिवासी और मुस्लिम मरे। केंद्र की भाजपा सरकार हमारे आंदोलन को धर्म जात के आधार पर तोड़ने की लाख कोशिशें करे, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके...

विज्ञापन
lakhimpur kheri violence: Samyukt Kisan morcha going to hold a meeting after Lakhimpur Kheri incident
किसानों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मचे बवाल के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। किसान संगठन और भाजपा सरकार भी आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं। किसान संगठन एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार और देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ एक निर्णायक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। किसानों ने राज्यों के संगठनों को अलर्ट पर रहने और प्रदेशस्तर पर तैयारी करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। आगामी रणनीति को लेकर सोमवार शाम को संयुक्त किसान मोर्चा एक बैठक भी करने जा रहा है।

विज्ञापन


अमर उजाला से चर्चा करते हुए भारतीय किसान यूनियन (असली, अराजनैतिक) के अध्यक्ष हरपाल सिंह बिलारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे और उनके समर्थकों ने ये प्री-प्लान मर्डर किया है। गृह राज्य मंत्री ने दो दिन पहले ही पंचायत के अपने एक भाषण में कहा था कि, 'हम दो घंटे में किसानों को सबक सीखा सकते हैं।' मंत्री के बेटे ने पहले किसानों को टक्कर मारी फिर गोलियां चलाई। जब किसानों ने लड़कों को पकड़ लिया तो स्थानीय पुलिस वालों ने उन्हें बचा लिया। संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े किसान नेता लखीमपुर खीरी में पहुंचना शुरू हो गए हैं। हम लोग तय करेंगे आगे की रणनीति क्या होगी। भाजपा के लोग क्या कर रहे हैं इससे हमें कोई लेना-देना नहीं हैं, लेकिन एक मंत्री का लड़का लोगों को मार रहा है। देश में आज किसान नहीं बल्कि भाजपा, आरएसएस और उससे जुड़े लोग अराजकता फैला रहे हैं। विपक्ष द्वारा इस मसले पर राजनीति करने पर बिलारी ने कहा, ये आंदोनल किसानों का है। इस आंदोलन को लीड किसान नेता कर रहे हैं, न कि विपक्षी दल। लेकिन ये तय हो गया है कि अब किसान योगी सरकार के खिलाफ निर्णायक फैसला करके ही दम लेंगे।
विज्ञापन


वरिष्ठ किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा, केंद्र की मोदी सरकार एक तनाशाह सरकार है। इसी सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा दलित, आदिवासी और मुस्लिम मरे। केंद्र की भाजपा सरकार हमारे आंदोलन को धर्म जात के आधार पर तोड़ने की लाख कोशिशें करे, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसलिए सरकार की ये लाइन तय है, किसानों को मारकर रास्ते से हटाया जाए। इसी सिलसिले में पहले हरियाणा में किसानों पर लाठी चार्ज किया। इसमें एक किसान की मौत हो गई। इसके बाद असम में तीन किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद यूपी में इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया। अन्य राज्यों में भी चल रहे किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए भाजपा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे सकती है। ये सरकार कितना भी जुल्म करे, कितना भी बदनाम करे, कितने भी किसानों की हत्या करे लेकिन हम अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हर हाल में जारी रखेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

देशभर में प्रदर्शन पर उतरे किसान

लखीमपुर खीरी कांड में किसानों की मौत से गुस्साए संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन का एलान किया है। मोर्चा के मुताबिक देशभर में जिलाधिकारियों और आयुक्तों के कार्यालयों के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा हैं। किसान संगठनों की मांग है कि घटना की जांच उत्तर प्रदेश प्रशासन की जगह सुप्रीम कोर्ट के पदस्थ न्यायाधीश से करवाई जाए। किसान राष्ट्रपति से भी केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।

ये है पूरा मामला

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के गांव में वार्षिक कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी शामिल होना था। इसी दौरान किसान डिप्टी सीएम का विरोध करने के लिए पहुंचे थे। ऐसा आरोप है कि इस दौरान कथित तौर पर अजय मिश्रा के समर्थकों ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसमें छह किसानों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे पर किसानों को गाड़ी से कुचलने की कोशिश करने के आरोप लग रहे हैं। कुछ किसान संगठनों ने फायरिंग करने का आरोप भी लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed