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कासगंज में बुखार की दहशत: युवक की माैत, गांव में कई लोग बीमार; स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डाला डेरा
Thu, 29 Oct 2026 08:31 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 29 Oct 2026 08:31 PM IST
सार
युवक की प्लेटलेट्स गिरकर महज 42 हजार तक पहुंच गई थीं और डॉक्टर ने डेंगू की आशंका जताई थी। बुधवार को हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ रेफर किया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक ने रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। युवक की माैत से परिवार में कोहराम मच गया।
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युवक का फाइल फोटो और गांव में बीमार अन्य लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
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कासगंज के गांव इटउआ में बुखार आने के बाद हिम्मत सिंह (28) पुत्र गीतम सिंह की बुधवार को मौत हो गई। गांव के कई अन्य लोगों के भी बुखार की चपेट में होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजकर हालात का जायजा लिया।
मृतक हिम्मत सिंह को छह दिन पहले तेज बुखार आया था। उसे 26 अक्तूबर को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था जहां इलाज चल रहा था। भाई प्रवीन के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर उसकी प्लेटलेट्स गिरकर महज 42 हजार तक पहुंच गई थीं और डॉक्टर ने डेंगू की आशंका जताई थी।
बुधवार को हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ रेफर किया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से पत्नी पिंकी और तीन मासूम बच्चों समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गाैरी (10), आराध्या (8), शिवानी (14), ज्ञान सिंह (50), अंशु (18) और रवींद्र (35) सहित कई अन्य लोग भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। कुछ लोगों को चार दिन जबकि कुछ को आठ से 15 दिन से बुखार आने की बात सामने आई है। ग्रामीण कमल सिंह, संजय, नीरज, ज्ञान सिंह ने जांच शिविर लगाने और फॉगिंग कराने की मांग की है।
गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
युवक की मौत की सूचना पर डॉ. पीएस वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इटउआ गांव पहुंचकर परिजन व ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली। कुछ मरीजों का परीक्षण भी किया गया। इसमें ऑप्टो अरुण कुमार, एचआई उमाशंकर पांडेय, भानुप्रताप और बीपीएम सुशील कुमार शामिल रहे।
युवक की मौत के मामलों की जांच के लिए टीम गांव भेजी गई थी। प्रारंभिक तौर पर युवक को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था जो उसकी मौत का मुख्य कारण बना। -डॉ. अजय कुमार, सीएमओ
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मृतक हिम्मत सिंह को छह दिन पहले तेज बुखार आया था। उसे 26 अक्तूबर को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था जहां इलाज चल रहा था। भाई प्रवीन के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर उसकी प्लेटलेट्स गिरकर महज 42 हजार तक पहुंच गई थीं और डॉक्टर ने डेंगू की आशंका जताई थी।
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बुधवार को हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ रेफर किया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से पत्नी पिंकी और तीन मासूम बच्चों समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गाैरी (10), आराध्या (8), शिवानी (14), ज्ञान सिंह (50), अंशु (18) और रवींद्र (35) सहित कई अन्य लोग भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। कुछ लोगों को चार दिन जबकि कुछ को आठ से 15 दिन से बुखार आने की बात सामने आई है। ग्रामीण कमल सिंह, संजय, नीरज, ज्ञान सिंह ने जांच शिविर लगाने और फॉगिंग कराने की मांग की है।
गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
युवक की मौत की सूचना पर डॉ. पीएस वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इटउआ गांव पहुंचकर परिजन व ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली। कुछ मरीजों का परीक्षण भी किया गया। इसमें ऑप्टो अरुण कुमार, एचआई उमाशंकर पांडेय, भानुप्रताप और बीपीएम सुशील कुमार शामिल रहे।
युवक की मौत के मामलों की जांच के लिए टीम गांव भेजी गई थी। प्रारंभिक तौर पर युवक को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था जो उसकी मौत का मुख्य कारण बना। -डॉ. अजय कुमार, सीएमओ