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Kasganj News: सेवानिवृत्त दरोगा ने पोते के साथ खुद को कमरे में किया बंद, हाईवोल्टेज ड्रामा
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फोटो 41 कासगंज के पवसरा में बच्चे को कमरे में कैद करने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पूछ
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कासगंज। गांव पवसरा में मंगलवार सुबह हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। सेवानिवृत्त दरोगा बाबूराम राजपूत (67) ने पोते को इस डर से एक कमरे में बंद कर लिया कि पिता उसे जयपुर न लेकर चला जाए। पोते को बंधक बनाने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिचितों के जरिए घर का गेट खुलवाने का प्रयास किया लेकिन पूर्व दरोगा ने इन्कार कर दिया। रात तक अधिकारी उन्हें मानने में जुटे रहे।
कोतवाली पुलिस को सुबह करीब 10 बजे यूपी-112 पर दो सूचनाएं मिलीं। पहली सूचना देते हुए जयपुर से आए अविनाश राजपूत ने बताया कि उनके पिता उन्हें बेटे से बात नहीं करने दे रहे। इसके कुछ ही देर बाद उनके सेवानिवृत्त पिता बाबूराम राजपूत ने डायल-112 पर कॉल कर अपने ही बेटे अविनाश से जान का खतरा जताया।
सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र, सीओ सदर आंचल चौहान और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एसएन चौहान पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। खिड़की के जरिए बाबूराम से बात की तो उन्होंने साफ कह दिया कि वह पोते दिग्विजय सिंह को बेटे और बहू के साथ जयपुर नहीं जाने देंगे।
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जांच में सामने आया कि बाबूराम वर्ष 2019 में एचसीपी के पद से पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। पत्नी सुशीला देवी की वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे और दो बेटियां थीं। बड़े बेटे राजेश कुमार की वर्ष 2009 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। राजेश की मौत के बाद उनकी पत्नी ममता देवी ने वर्ष 2013 में अपने देवर अविनाश से विवाह कर लिया था। 9 अप्रैल 2013 को ममता देवी ने पुत्र दिग्विजय सिंह को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान ममता की मौत हो गई थी। जुलाई 2014 में अविनाश ने ममता देवी के मामा की लड़की लक्ष्मी देवी से दूसरा विवाह कर लिया था। उनकी एक 5 वर्षीय पुत्री निकिता है। अविनाश राजपूत जयपुर में शशि इंजिकोन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्लांट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वह पत्नी लक्ष्मी देवी एवं पुत्री निकिता के साथ जयपुर में रहते हैं।
बाबूराम ने वर्ष 2023 में पोते का सीपी इंटरनेशनल स्कूल, फर्रुखाबाद में प्रवेश कराया गया था। वह हॉस्टल में रहकर कक्षा आठ में पढ़ाई कर रहा है। करीब एक माह पहले बाबूराम पोते को हॉस्टल से घर ले आए थे। पूछताछ में पता चला कि बाबूराम का अपनी पत्नी और बड़े बेटे की मौत के बाद अपने पोते से गहरा लगाव है। वह पोते को अपने पास ही रखना चाहते हैं और अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा भी जीवित रहते उसके नाम कर चुके हैं।
व्हाट्सएप मैसेज में पोते ने कहा- मैं सुरक्षित हूं
हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान जयपुर से आए पिता अविनाश ने कमरे के अंदर बंद अपने बेटे से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया। उसने मैसेज कर बताया कि वह अंदर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे बाबा से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि बुजुर्ग रोज शाम 7:30 बजे मंदिर जाते हैं, उस समय गेट खुलने की संभावना है।
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सादे कपड़ों में पुलिस तैनात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बाबूराम के घर के सामने और आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। परिचितों के जरिए उनसे गेट खुलवाने और समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार आगामी कदम उठाएंगे।
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वर्जन
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने बेटे के जयपुर से पहुंचने पर पोते को चले जाने के डर से घर के कमरे में अपने साथ बंद कर लिया है। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारियों को भेजा गया था। बुजुर्ग को समझाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास जारी है। बाबा को पोते से काफी लगाव है इसलिए वह उसे बेटे के साथ जयपुर नहीं भेजना चाहते हैं। फिलहाल, प्रयास जारी है, जल्द ही समझा-बुझाकर बच्चे को बाबा के साथ बाहर निकलवा लिया जाएगा।
-ओपी सिंह, एसपी
कोतवाली पुलिस को सुबह करीब 10 बजे यूपी-112 पर दो सूचनाएं मिलीं। पहली सूचना देते हुए जयपुर से आए अविनाश राजपूत ने बताया कि उनके पिता उन्हें बेटे से बात नहीं करने दे रहे। इसके कुछ ही देर बाद उनके सेवानिवृत्त पिता बाबूराम राजपूत ने डायल-112 पर कॉल कर अपने ही बेटे अविनाश से जान का खतरा जताया।
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सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र, सीओ सदर आंचल चौहान और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एसएन चौहान पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। खिड़की के जरिए बाबूराम से बात की तो उन्होंने साफ कह दिया कि वह पोते दिग्विजय सिंह को बेटे और बहू के साथ जयपुर नहीं जाने देंगे।
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जांच में सामने आया कि बाबूराम वर्ष 2019 में एचसीपी के पद से पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। पत्नी सुशीला देवी की वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे और दो बेटियां थीं। बड़े बेटे राजेश कुमार की वर्ष 2009 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। राजेश की मौत के बाद उनकी पत्नी ममता देवी ने वर्ष 2013 में अपने देवर अविनाश से विवाह कर लिया था। 9 अप्रैल 2013 को ममता देवी ने पुत्र दिग्विजय सिंह को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान ममता की मौत हो गई थी। जुलाई 2014 में अविनाश ने ममता देवी के मामा की लड़की लक्ष्मी देवी से दूसरा विवाह कर लिया था। उनकी एक 5 वर्षीय पुत्री निकिता है। अविनाश राजपूत जयपुर में शशि इंजिकोन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्लांट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वह पत्नी लक्ष्मी देवी एवं पुत्री निकिता के साथ जयपुर में रहते हैं।
बाबूराम ने वर्ष 2023 में पोते का सीपी इंटरनेशनल स्कूल, फर्रुखाबाद में प्रवेश कराया गया था। वह हॉस्टल में रहकर कक्षा आठ में पढ़ाई कर रहा है। करीब एक माह पहले बाबूराम पोते को हॉस्टल से घर ले आए थे। पूछताछ में पता चला कि बाबूराम का अपनी पत्नी और बड़े बेटे की मौत के बाद अपने पोते से गहरा लगाव है। वह पोते को अपने पास ही रखना चाहते हैं और अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा भी जीवित रहते उसके नाम कर चुके हैं।
व्हाट्सएप मैसेज में पोते ने कहा- मैं सुरक्षित हूं
हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान जयपुर से आए पिता अविनाश ने कमरे के अंदर बंद अपने बेटे से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया। उसने मैसेज कर बताया कि वह अंदर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे बाबा से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि बुजुर्ग रोज शाम 7:30 बजे मंदिर जाते हैं, उस समय गेट खुलने की संभावना है।
सादे कपड़ों में पुलिस तैनात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बाबूराम के घर के सामने और आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। परिचितों के जरिए उनसे गेट खुलवाने और समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार आगामी कदम उठाएंगे।
वर्जन
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने बेटे के जयपुर से पहुंचने पर पोते को चले जाने के डर से घर के कमरे में अपने साथ बंद कर लिया है। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारियों को भेजा गया था। बुजुर्ग को समझाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास जारी है। बाबा को पोते से काफी लगाव है इसलिए वह उसे बेटे के साथ जयपुर नहीं भेजना चाहते हैं। फिलहाल, प्रयास जारी है, जल्द ही समझा-बुझाकर बच्चे को बाबा के साथ बाहर निकलवा लिया जाएगा।
-ओपी सिंह, एसपी

फोटो 41 कासगंज के पवसरा में बच्चे को कमरे में कैद करने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पूछ

फोटो 41 कासगंज के पवसरा में बच्चे को कमरे में कैद करने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पूछ