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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   Relief materials distributed in flood-affected areas; demand raised for the construction of damaged roads and culverts.

Kasganj News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बांटी गई राहत सामग्री, टूटी सड़कों और पुलिया के निर्माण की मांग

Tue, 11 Aug 2026 11:10 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:10 PM IST
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Relief materials distributed in flood-affected areas; demand raised for the construction of damaged roads and culverts.
फोटो 32- नगला हंसी का जलमग्न इलाका ।स्रोत संवाद
कासगंज। गंगा नदी में उफान के बाद आई बाढ़ से जिले के पटियाली तहसील क्षेत्र के करीब 20 गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी कम नहीं हुई हैं। निचले इलाकों में स्थित इन गांवों के खादर मार्ग, खेत और चारागाह जलमग्न होने से गांवों का आपसी संपर्क कटा हुआ है।
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लोग नाव के सहारे आवागमन करने को विवश हैं। इस बीच स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) प्रणय सिंह मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। प्रभावित गांवों में नगला हंसी और मूंझखेड़ा के अलावा नगला नरपत, नगला खना, राजेपुर कुर्रा, नगला जयकिशन, नगला दिपी और नगला दुर्जन सहित कुल 20 गांव शामिल हैं।
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डीएम ने स्वास्थ्य, पशुपालन, सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखें। इसके साथ ही एसडीएम पटियाली आतिश कुमार को आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल और गोतखोरों की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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डीएम ने नाव पर पहुंचकर सुनी फरियाद
डीएम प्रणय सिंह ने पटियाली इलाके के नगला हंसी, मूंझखेड़ा समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। नगला हंसी और मूंझखेड़ा में जब डीएम पहुंचे, तो वे खुद नाव के जरिए ग्रामीणों से मिलने गए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राशन की किट वितरित कीं। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए बताया कि पिछली बाढ़ में टूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त पुलिया अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं, जिस पर डीएम ने बाढ़ का पानी उतरते ही इनके पुनर्निर्माण का भरोसा दिया।
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जलस्तर में आंशिक कमी, लेकिन फिर बढ़ सकती है चिंता
पिछले 24 घंटों के दौरान बैराजों से गंगा के पानी के डिस्चार्ज में कुछ कमी आई है। नरौरा बैराज से लगभग 25 हजार क्यूसेक पानी कम हुआ है और हरिद्वार से भी प्रवाह घटा है। हालांकि, मंगलवार शाम को हरिद्वार में जलस्तर फिर थोड़ा बढ़ा है, जिससे आगामी दो-तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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चमोली में बादल फटने से बढ़ सकती है चुनौती
उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने की घटना और पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा में दोबारा उफान आने की आशंका गहरा गई है। हालांकि, इस पानी का असर जिले तक पहुंचने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। एहतियात के तौर पर सिंचाई विभाग जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर पूरी तरह अलर्ट पर है।
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वर्जन-
जिले में गंगा के जलस्तर में अब कमी आ रही है। राजस्व प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह से सतर्क है। जलस्तर की निगरानी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री दी गई है। नाव लगाई गईं हैं। स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें भी पहुंच रहीं हैं।- प्रणय सिंह, डीएम, कासगंज

फोटो 32- नगला हंसी का जलमग्न इलाका ।स्रोत संवाद

फोटो 32- नगला हंसी का जलमग्न इलाका ।स्रोत संवाद

फोटो 32- नगला हंसी का जलमग्न इलाका ।स्रोत संवाद

फोटो 32- नगला हंसी का जलमग्न इलाका ।स्रोत संवाद

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