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Kasganj News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, गिरोह का सरगना लखनऊ से गिरफ्तार

Sun, 24 May 2026 11:02 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 11:02 PM IST
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Lakhs of rupees were defrauded in the name of getting a job in the Railways, the gang leader was arrested from Lucknow.Lakhs of rupees were defrauded in the name of getting a job in the Railways, the gang leader was arrested from Lucknow.
फोटो47ठगी करने वाले गिरोह का सरगना वेद प्रकाश। स्रोत: पुलिस मीडिया सेल
कासगंज। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना को पुलिस ने रविवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता था। इस गिरोह ने कई बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने 20 सितंबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी गांव नरौली निवासी दिनेश कुमार की तहरीर पर हुई थी। इसमें हरदोई निवासी वेदप्रकाश, लखनऊ के मडियांव में गांव ककौली निवासी कृष्णा देवी, बुद्धसरन निवासी सुरेश चंद्र और आलाेक नगर निवासी राजवीर सिंह को आरोपी बनाया गया था।
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दिनेश का आरोप था कि नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी वेदप्रकाश से हुई थी। वेदप्रकाश ने उसे बताया कि लखनऊ सचिवालय में उसके कई रिश्तेदार तैनात हैं। वह किसी भी बेरोजगार की सरकारी नौकरी लगवा सकता है। दिनेश उसकी बातों में आ गया और अपने ममेरे भाई नगला ररिया निवासी विकास कुमार, गोकनी थाना मारहरा जिला एटा निवासी दो सालों दिनेश सिंह व राकेश कुमार और थाना कुरावली जिला मैनपुरी निवासी रिश्तेदार ध्रुव कुमार की नौकरी के लिए बात की।
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28 लाख रुपये की वसूली की
28 जुलाई 2013 को आरोपी वेदप्रकाश अपने साथी राजवीर सिंह के साथ दिनेश के घर आया। राजवीर को सचिवालय में तैनात बताया गया था। आरोपियों ने नौकरी पक्की करने के नाम पर पहले एक लाख रुपये एडवांस लिए। उन्होंने सभी पीड़ितों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी ले लिए थे। बाद में रेलवे कोलकाता में टीटीई पद पर भर्ती कराने के नाम पर दिनेश और विकास से 8-8 लाख रुपये की मांग की।
ध्रुव और राकेश से 6-6 लाख रुपये मांगे गए थे। पीड़ितों ने किस्तों में आरोपियों को कुल 28 लाख रुपये सौंप दिए। शातिरों ने चारों को कोलकाता बुलाकर फर्जी मेडिकल कराया। कुछ दिनों बाद उन्हें रेलवे में टीटीई पद के फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए।
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सर्विलांस में मिली लखनऊ में होने की जानकारी
काफी समय बीतने के बाद भी जब जॉइनिंग नहीं हुई, तब पीड़ितों को ठगी का पता चला। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी वेदप्रकाश की तलाश कर रही थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी लखनऊ में छिपा है। पुलिस टीम ने लखनऊ के मोहल्ला भदरू बंगला बाजार से वेदप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।
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वर्जन
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना वेदप्रकाश को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उसने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर जिले के युवाओं से ठगी की थी। गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। -ओपी सिंह, एसपी
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