फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   kasjang news no diet day

Kasganj News: कम खाना नहीं, सही खाना है असली हेल्थ मंत्र

Wed, 06 May 2026 02:37 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। सोशल मीडिया के ट्रेंड और तुरंत वजन घटाने के दबाव ने ''क्रैश डाइटिंग'' को लोकप्रिय बना दिया है लेकिन इसके गंभीर दुष्परिणाम भी तेजी से सामने आ रहे हैं। बिना समझे अपनाई गई सख्त डाइटिंग शरीर को कमजोर तो कर ही रही है, साथ ही कई बीमारियों को जन्म दे रही है। कम खाने से नहीं, बल्कि सही और संतुलित खाने से ही सेहत दुरुस्त रहती है।
विज्ञापन


फिटनेस आज परफेक्ट बॉडी प्रोजेक्ट की तरह देखी जाने लगी है, जहां सिर्फ वजन कम करना ही सफलता का पैमाना बन गया है। इसी सोच ने खासतौर पर महिलाओं को डाइटिंग के ऐसे चक्र में धकेल दिया है, जहां वे जरूरी पोषण की जगह वजन घटाने को प्राथमिकता दे रही हैं। स्लिम दिखना और स्वस्थ रहना दो अलग अवधारणाएं हैं लेकिन अक्सर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं। इस भ्रम के चलते कई महिलाएं बिना विशेषज्ञ की सलाह के कठोर डाइटिंग शुरू कर देती हैं। स्वस्थ शरीर के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का संतुलित मात्रा में सेवन बेहद जरूरी है। इसके साथ नियमित व्यायाम से ही शरीर मजबूत और सक्रिय बनता है।
विज्ञापन


क्रैश डाइटिंग के दुष्प्रभाव
इस तरह की अंधाधुंध डाइटिंग से एनीमिया, अत्यधिक कमजोरी, बालों का झड़ना और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। लगातार ''परफेक्ट दिखने'' के दबाव से चिंता, आत्म-संदेह और आत्मविश्वास में कमी आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस 1:
25 वर्षीय देविका ने वजन कम करने के लिए सख्त डाइटिंग शुरू की, जिससे उसे कमजोरी, बाल झड़ना और चक्कर आने की समस्या हुई। जांच में एनीमिया का पता चला। डॉक्टर की सलाह पर संतुलित आहार अपनाने से वह पूरी तरह स्वस्थ हो गईं।

केस 2:
27 वर्षीय आरती ने भी सख्त डाइटिंग की, जिससे उनकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ा। बाद में डॉक्टरों के मार्गदर्शन में संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या अपनाकर वह अब शारीरिक और मानसिक रूप से पहले से कहीं बेहतर महसूस कर रही हैं।

गर्भावस्था में डाइटिंग खतरनाक
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजु के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान डाइटिंग करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस समय महिला के शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। गर्भवती महिलाएं अगर डाइटिंग करेंगी तो उनमें एनीमिया का खतरा बढ़ जाएगा। शिशु के विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। कम वजन, कमजोरी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।


इस तरह से करें भोजन
-नाश्ता
अंकुरित अनाज, ओट्स पोहा, उपमा
फल: सेब, केला, खीरा
--------------
-लंच
रागी रोटी, ब्राउन चावल, दाल , पनीर, अंडा, हरी सब्जियां, सलाद, दही या छाछ।
-----------
-डिनर
हल्का भोजन: सब्जी रोटी, सूप, दाल।

संतुलित लें आहार
शरीर को भूखा रखकर नहीं, बल्कि सही और संतुलित आहार से ही स्वस्थ बनाया जा सकता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का संतुलित सेवन बेहद जरूरी है। इसके साथ नियमित व्यायाम भी शरीर को मजबूत और सक्रिय बनाए रखता है।
-डॉ.शिखा मिश्रा, डाइटीशियन, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed