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पड़ताल : गोशालाएं आबाद फिर भी सड़क के सहारे गोवंश
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फोटो 22 पड़ताल। कासगंज में रेल वे स्टेशन के निकट प टरियों पर विचरण करते निराश्रित गोवंश। संवाद
कासगंज। जिले में सड़कों से लेकर रेलवे लाइनों तक खुलेआम घूम रहे गोवंश जहां एक ओर वाहन चालकों के लिए बड़े सड़क हादसों का सबब बन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रेलवे ट्रैक पर इनकी मौजूदगी रेल संचालन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है। जिले में प्रशासनिक दावों के विपरीत गोशालाएं इस समस्या से पूरी तरह निजात दिलाने में नाकाम साबित हो रही हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में 21 गोशालाएं संचालित हैं जिनमें सात कान्हा गोशालाओं में 1,500, छह बृहद गोशालाओं में 2,208 और आठ अस्थायी गोशालाओं में 3,192 गोवंश संरक्षित हैं। इसके बावजूद मुख्य मार्ग, बाजार, खेत और रेलवे ट्रैक के आसपास इनका जमावड़ा आम बात है।
इससे न केवल वाहन चालकों की जान जोखिम में रहती है बल्कि खेतों में खड़ी फसलें तबाह होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसलों की रखवाली के लिए किसानों को रातों में खेतों पर ही पहरा देना पड़ रहा है।
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केस 1 : बुधवार सुबह 10:16 बजे कासगंज रेलवे स्टेशन के पास तीन निराश्रित गोवंश रेलवे लाइनों के बीच घूमते दिखे। ट्रैक के नजदीक इनका विचरण ट्रेन संचालन और गोवंश दोनों के लिए बड़ा जोखिम है।
केस 2 :
भिटौना बिजली घर के पास फोरलेन मार्ग पर बुधवार को सुबह 11:57 बजे गोवंशों के झुंड ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक सामने आने से तेज रफ्तार वाहनों और विशेषकर दोपहिया चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहीं।
केस 3 : सोरोंजी मार्ग पर नगला खंजी के पास फोरलेन पर बुधवार को दोपहर 2:37 बजे घूम रहे गोवंशों के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर घूमते गोवंशों से लोग बचकर निकलते दिखे।
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लोगों की बात
-जिले में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए गोशालाएं संचालित हैं। इसके बाद भी सड़कों पर घूमते रहते हैं। इन्हें गोशाला में पहुंचाना चाहिए ताकि राहगीरों को परेशानी न हो। - अशोक कुमार, अधिवक्ता
-निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थल में संरक्षित करना चाहिए। दो दिन पूर्व एक बाइक सवार युवक गोवंश से टकरा कर घायल हो गया था। सड़क पर घूमते गोवंशों से खतरा बना रहता है। - मंजीत कुमार निवासी प्रहलादपुर सोरोंजी
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वर्जन :
- जिले में 21 गोशालाएं हैं जिनमें 6 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। निराश्रित गोवंशों की जानकारी मिलती है तो उन्हें खंड विकास अधिकारी व अधिशासी अधिकारी को सूचना भेजकर गोशाला में संरक्षित किया जाता है। -डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीवीओ कासगंज
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प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में 21 गोशालाएं संचालित हैं जिनमें सात कान्हा गोशालाओं में 1,500, छह बृहद गोशालाओं में 2,208 और आठ अस्थायी गोशालाओं में 3,192 गोवंश संरक्षित हैं। इसके बावजूद मुख्य मार्ग, बाजार, खेत और रेलवे ट्रैक के आसपास इनका जमावड़ा आम बात है।
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इससे न केवल वाहन चालकों की जान जोखिम में रहती है बल्कि खेतों में खड़ी फसलें तबाह होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसलों की रखवाली के लिए किसानों को रातों में खेतों पर ही पहरा देना पड़ रहा है।
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केस 1 : बुधवार सुबह 10:16 बजे कासगंज रेलवे स्टेशन के पास तीन निराश्रित गोवंश रेलवे लाइनों के बीच घूमते दिखे। ट्रैक के नजदीक इनका विचरण ट्रेन संचालन और गोवंश दोनों के लिए बड़ा जोखिम है।
केस 2 :
भिटौना बिजली घर के पास फोरलेन मार्ग पर बुधवार को सुबह 11:57 बजे गोवंशों के झुंड ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक सामने आने से तेज रफ्तार वाहनों और विशेषकर दोपहिया चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहीं।
केस 3 : सोरोंजी मार्ग पर नगला खंजी के पास फोरलेन पर बुधवार को दोपहर 2:37 बजे घूम रहे गोवंशों के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर घूमते गोवंशों से लोग बचकर निकलते दिखे।
लोगों की बात
-जिले में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए गोशालाएं संचालित हैं। इसके बाद भी सड़कों पर घूमते रहते हैं। इन्हें गोशाला में पहुंचाना चाहिए ताकि राहगीरों को परेशानी न हो। - अशोक कुमार, अधिवक्ता
-निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थल में संरक्षित करना चाहिए। दो दिन पूर्व एक बाइक सवार युवक गोवंश से टकरा कर घायल हो गया था। सड़क पर घूमते गोवंशों से खतरा बना रहता है। - मंजीत कुमार निवासी प्रहलादपुर सोरोंजी
वर्जन :
- जिले में 21 गोशालाएं हैं जिनमें 6 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। निराश्रित गोवंशों की जानकारी मिलती है तो उन्हें खंड विकास अधिकारी व अधिशासी अधिकारी को सूचना भेजकर गोशाला में संरक्षित किया जाता है। -डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीवीओ कासगंज

फोटो 22 पड़ताल। कासगंज में रेल वे स्टेशन के निकट प टरियों पर विचरण करते निराश्रित गोवंश। संवाद

फोटो 22 पड़ताल। कासगंज में रेल वे स्टेशन के निकट प टरियों पर विचरण करते निराश्रित गोवंश। संवाद

फोटो 22 पड़ताल। कासगंज में रेल वे स्टेशन के निकट प टरियों पर विचरण करते निराश्रित गोवंश। संवाद

फोटो 22 पड़ताल। कासगंज में रेल वे स्टेशन के निकट प टरियों पर विचरण करते निराश्रित गोवंश। संवाद