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महंगाई का असर : बकरा बाजारों में रौनक कम, दाम ज्यादा

Sun, 24 May 2026 10:59 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 10:59 PM IST
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Impact of inflation: Goat markets are less lively, prices are higher
फोटो32गंजडुंडवारा में ईद पर्व के लिए पशु पैंठ में बकरा खरीदते लोग। संवाद
सहावर/गंजडुंडवारा। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के लिए सहावर और गंजडुंडवारा में तैयारियां तेज हो गई हैं। दोनों कस्बों में कुर्बानी के बकरों के बाजार पूरी तरह सज चुके हैं। इस बार खरीदारों को बकरों के दामों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है।
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सहावर के रेलवे रोड स्थित नकाशा मैदान में विभिन्न नस्लों के बकरे उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष 12 से 15 हजार रुपये में मिलने वाले बकरों की बिक्री इस साल 22 से 25 हजार रुपये में हो रही है।
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खरीदारों का कहना है कि महंगाई के कारण कुर्बानी का बजट बिगड़ गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस महंगाई से सुन्नत-ए-इब्राहिमी अदा करना मुश्किल हो रहा है। तोतापारी, बरबरी और पंजाबी नस्ल के बकरों की मांग सबसे अधिक है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, बाजारों में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
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पशु व्यापारियों के अनुसार, चारे, चोकर और बकरों की देखरेख का खर्च काफी बढ़ गया है। परिवहन किराया भी महंगा हुआ है, जिससे बकरों की लागत में वृद्धि हुई है। इन सभी कारणों से बकरों के दाम में इजाफा हुआ है।
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बिक्री रही धीमी
गंजडुंडवारा में सहावर रोड स्थित ढपाली दरगाह के पास नकाशा बाजार लगा है। यहां बकरों की कीमत 15 हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक है। नगर पालिका परिषद के ठेकेदार जुम्मन कुरैशी ने बताया कि आवक अच्छी रही, पर ऊंची कीमतों से बिक्री धीमी है। व्यापारी आमिर कुरैशी और प्रीतम सिंह ने सीमित खरीदारी की बात कही। पशुपालक रामसेवक ने बताया कि उचित खरीदार नहीं मिले, जिससे उनके बकरे नहीं बिक सके।




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सोमवार की पैठ ही बाकी
ईद-उल-अजहा का त्योहार आगामी 27 या 28 मई को मनाया जा सकता है। गंजडुंडवारा का नकाशा बाजार 18 मई से लगाया जा रहा है। जुम्मन कुरैशी के अनुसार, ईद-उल-अजहा की खरीद-फरोख्त के लिए सोमवार की पैठ ही बाकी है। खरीदारों की जेब पर महंगाई का असर साफ दिख रहा है जिससे खरीद-फरोख्त की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
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