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कुत्ते के काटने का असर: युवक को पानी से लगने लगा डर...ऐसी हरकतें देख कांप गए घरवाले, फिर तड़प-तड़प कर गई जान
Fri, 11 Apr 2025 06:39 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 11 Apr 2025 06:39 PM IST
सार
युवक की मौत जिस तरह हुई उसे देखकर हर कोई हैरान है। मरने से पहले उसका अंदाज पूरी तरह बदल गया था। उसे पानी से डर लग रहा था, मुंह से अधिक लार गिरा रहा था। उसकी ये हालत देख घरवाले भी कांप गए।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कासगंज के नगला मोती में कुत्ता काटने के छह माह बाद एक युवक के शरीर में रेबीज फैल गया। इससे उसकी मौत हो गई। युवक ने कुत्ता के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
नगला मोती निवासी सुरेश (30) पुत्र लटूरी अपने घर पर चारपाई पर बैठा हुआ था। इसी बीच गांव के कुत्ते आपस में लड़ने लगे। जब उसने भगाने की कोशिश की तो एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने को उसने गंभीरता से नहीं लिया। उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। जब उसकी तबियत बिगड़ी तो परिजन उसे बृहस्पतिवार रात जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे अलीगढ़ ले गए, लेकिन रेबीज की वजह से चिकित्सकों ने भर्ती करने से मना कर दिया। वापस लौटते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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नगला मोती निवासी सुरेश (30) पुत्र लटूरी अपने घर पर चारपाई पर बैठा हुआ था। इसी बीच गांव के कुत्ते आपस में लड़ने लगे। जब उसने भगाने की कोशिश की तो एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने को उसने गंभीरता से नहीं लिया। उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। जब उसकी तबियत बिगड़ी तो परिजन उसे बृहस्पतिवार रात जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे अलीगढ़ ले गए, लेकिन रेबीज की वजह से चिकित्सकों ने भर्ती करने से मना कर दिया। वापस लौटते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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युवक की मौत के बाद परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों को जानकारी दी। इसके बाद चिकित्सकों ने भाई रमेश, भाभी पूजा, पत्नी सरिता, छोटा भाई नेम सिंह, भतीजा ओमवीर, बहनोई संजीव को रेबीज की वैक्सीन लगाई। युवक की मौत की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि रेबीज काफी खतरनाक बीमारी होती है। यदि किसी व्यक्ति के यह बीमारी फैल जाए तो इसका इलाज संभव नहीं हो पाता। वाहक जानवर के काटने पर वैक्सीन लगवानी चाहिए।
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आठ माह की गर्भवती है पत्नी
मृतक युवक सुरेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी एक साल पहले सरिता से हुई थी। वर्तमान में वह आठ माह की गर्भवती है। भाई रमेश ने बताया कि कुत्ता काटने पर सुरेश ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
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मृतक युवक सुरेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी एक साल पहले सरिता से हुई थी। वर्तमान में वह आठ माह की गर्भवती है। भाई रमेश ने बताया कि कुत्ता काटने पर सुरेश ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
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यह हैं रेबीज के लक्षण
-काटने वाली जगह पर दर्द और सुन्नता .
-बुखार और सिरदर्द .
-अचानक बीमार महसूस होना .
-बेचैनी, भ्रम और हिंसक व्यवहार .
-मुंह से बहुत ज्यादा लार आना .
-गले की मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन और निगलने, बोलने, और सांस लेने में परेशानी .
-हाइड्रोफोबिया (पानी का डर) और एरोफोबिया (हवा का डर)
-काटने वाली जगह पर दर्द और सुन्नता .
-बुखार और सिरदर्द .
-अचानक बीमार महसूस होना .
-बेचैनी, भ्रम और हिंसक व्यवहार .
-मुंह से बहुत ज्यादा लार आना .
-गले की मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन और निगलने, बोलने, और सांस लेने में परेशानी .
-हाइड्रोफोबिया (पानी का डर) और एरोफोबिया (हवा का डर)
इन जानवरों से फैलता है रेबीज
कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़, रैकून, कोयोट, लोमड़ी
जानवर के काटने पर यह करें
-जख्म को अच्छी तरह से साबुन से धोएं
-जख्म पर टीसेप्टिक लोशन या क्रीम लगाएं
-एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं
कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़, रैकून, कोयोट, लोमड़ी
जानवर के काटने पर यह करें
-जख्म को अच्छी तरह से साबुन से धोएं
-जख्म पर टीसेप्टिक लोशन या क्रीम लगाएं
-एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं