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Kasganj News: . रेल टिकटों की दलाली करने का एक आरोपी गिरफ्तार
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फोटो20कासगंज आरपीएफ की हिरासत में आरोपी ।स्रोत:आरपीएफ
कासगंज। ई-रेल टिकटों और काउंटर टिकटों की अवैध दलाली के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ ने शनिवार-रविवार की रात कासगंज रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र के पास से एक दलाल को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध टिकट, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरोह के तीन अन्य साथियों की तलाश अभी जारी है।
आरपीएफ व अपराध आसूचना शाखा की संयुक्त टीम ने ताजुद्दीन उर्फ ताजू निवासी नई बस्ती बैरागी पुरवा, तुलसीपुर, जिला बलरामपुर को दबोचा। आरपीएफ प्रभारी नरेश कुमार मीना ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लालकुआं और बरेली सिटी में भी पहले से मामले दर्ज हैं।
उसके पास से निजी आईआरसीटीसी आईडी से बुक की गई ई-टिकटें, आरक्षण केंद्र की टिकटों की छायाप्रतियां, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनमें से छह सामान्य श्रेणी की ई-टिकटें, चार पुरानी ई-टिकटें और आरक्षण केंद्र से जारी सात टिकटों की छायाप्रतियां हैं।
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पूछताछ में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न रेलवे आरक्षण केंद्रों से टिकट बनवाकर बस और ट्रेन के माध्यम से कासगंज भेजते थे। यह गिरोह पर्सनल आईडी का व्यावसायिक इस्तेमाल कर और काउंटर से टिकट बनवाकर यात्रियों को महंगे दामों पर बेचता था। वे हर टिकट पर 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त मुनाफा कमाते थे।
आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साथ ही, इस मामले में वांछित चल रहे जुबैर निवासी बरेली, रियासत उर्फ सज्जाद और अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
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आरपीएफ व अपराध आसूचना शाखा की संयुक्त टीम ने ताजुद्दीन उर्फ ताजू निवासी नई बस्ती बैरागी पुरवा, तुलसीपुर, जिला बलरामपुर को दबोचा। आरपीएफ प्रभारी नरेश कुमार मीना ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लालकुआं और बरेली सिटी में भी पहले से मामले दर्ज हैं।
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उसके पास से निजी आईआरसीटीसी आईडी से बुक की गई ई-टिकटें, आरक्षण केंद्र की टिकटों की छायाप्रतियां, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनमें से छह सामान्य श्रेणी की ई-टिकटें, चार पुरानी ई-टिकटें और आरक्षण केंद्र से जारी सात टिकटों की छायाप्रतियां हैं।
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पूछताछ में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न रेलवे आरक्षण केंद्रों से टिकट बनवाकर बस और ट्रेन के माध्यम से कासगंज भेजते थे। यह गिरोह पर्सनल आईडी का व्यावसायिक इस्तेमाल कर और काउंटर से टिकट बनवाकर यात्रियों को महंगे दामों पर बेचता था। वे हर टिकट पर 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त मुनाफा कमाते थे।
आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साथ ही, इस मामले में वांछित चल रहे जुबैर निवासी बरेली, रियासत उर्फ सज्जाद और अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।