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Kanpur News: मूसानगर में खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही यमुना

Fri, 01 Aug 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 01 Aug 2025 12:37 AM IST
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Yamuna flowing one and a half meter above the danger mark in Musanagar
पड़ाव गांव में नाव से जाने के लिए खड़े ग्रामीण। - फोटो : संवाद
मूसानगर (कानपुर देहात)। मूसानगर में यमुना खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। मनकी पुल पर खतरे का निशान 107 मीटर है। जबकि यमुना का पानी 108.50 मीटर तक पहुंच गया है। इससे 15 गांव के करीब 14 हजार ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर दहशत है। जिन गांवों तक पानी अंदर पहुंचा वहां लोग सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं। इधर देर शाम जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पथार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
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यमुना का जल स्तर बढ़ने से बुधवार को आढ़न-पथार, पड़ाव, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट की पुलियां डूब गई थी। वहीं गुरुवार शाम चार बजे तक जल स्तर 108.50 मीटर पहुंचा तो क्योटरा बांगर, मुसरिया की पुलिया भी डूब गई। क्षेत्र की छह पुलिया डूबने से आढ़न पथार, पड़ाव, मुसरिया, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सूर्यपुर, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, सिमरिया, रसूलपुर, भुंडा, चतुरीपुरवा, कुंभापुर, क्योटरा बांगर और चपरघटा गांव का संपर्क टूट गया। पथार गांव के अंदर तक पानी पहुंचा तो रामऔतार, बाबू, छोटे, रामसजीवन के घर आधे डूब गए। इधर बिजली के खंभे कई फिट डूबने से गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। ग्रामीण मवेशियों के साथ घर के सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
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आढ़न-पथार और क्योटरा सबसे ज्यादा प्रभावित
मूसानगर। यमुना का जलस्तर बढ़ने से नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ के हालात हो गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी आढ़न-पथार व क्योटरा गांव में है। ये तीनों गांव टापू बन गए हैं। गांव के सैकड़ों लोगों की 150 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। गांव के कई हैंडपंप भी डूब गए। इससे पीने के पानी की समस्या भी हो गई है। यहां के ग्रामीण कृषि पर आधारित हैं। किसान रूप कुमार, मलखान बाबू आदि ने बताया कि फसल डूबने से मवेशियों के चारे के लिए परेशानी है। घरों तक पानी पहुंचने लगा है। अब वह लोग मवेशी व सामान ऊंचाई वाले स्थान पर सुरक्षित कर रहे हैं। वहीं रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। (संवाद)
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आवागमन के लिए चलाई गईं नौ नाव
छह गांव की पुलिया डूबने व आस-पास के गांवों का आपस में संपर्क टूटने से आवाजाही में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए नौ नाव चलवाई हैं। इसी से लोगों को बारी-बारी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। चपरघटा, मुसरिया, क्योटरा बांगर और पथार गांव के लोग इसी से आवाजाही कर रहे हैं। इधर चपरघटा का पुराना पुल भी डूब गया है। लोगों को जरूरत पर ही आने जाने की अपील की गई है।

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12 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप, बढ़ी परेशानी
मूसानगर। कृपालपुर उपकेंद्र से 11केवी सुल्तनापुर फीडर जुड़ा है। इससे 12 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। यमुना का जल स्तर बढ़ने के बाद आढ़न-पथार, क्योटरा गांव में पानी पहुंचा तो बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर डूब गए। इस पर सुल्तनापुर फीडर से जुड़े नयापुरवा, पथार, आढ़न, मुसरिया, चपरघटा, नगीना बांगर, क्योटरा बांगर, गौरी, सुल्तनापुर, अकबराबाद, बम्हरौली घाट, कट्टापुरवा की आबादी बंद कर दी गई। करीब 10 हजार लोग प्रभावित है। जेई प्रमोद यादव ने बताया कि पानी बढ़ने व खतरे को देखते हुए बिजली आपूर्ति बंद की गई है। (संवाद)
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