फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Two banks sent 15 fake notes of Rs 2000 to RBI, even currency chest of banks not detect it, report on managers

UP: दो बैंकों ने आरबीआई भेजे 2000 के नकली नोट, बैंकों की करेंसी चेस्ट भी नहीं पकड़ पाई, प्रबंधकों पर रिपोर्ट

Wed, 19 Jun 2024 09:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 19 Jun 2024 09:15 AM IST
सार

Kanpur News: नकली नोट मिलने के मामले में बैंक कर्मचारियों और अफसरों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। दरअसल, बैंक की शाखाओं में नकदी जमा होने के बाद संबंधित बैंक की करेंसी चेस्ट में भेजी जाती है। यहां हर नोट की छंटाई की जाती है। नकली नोट या खराब नोट की जांच की जाती है।

विज्ञापन
Two banks sent 15 fake notes of Rs 2000 to RBI, even currency chest of banks not detect it, report on managers
सांकेतिक - फोटो : free pik

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा में दो हजार के 15 नकली नोट जमा हुए हैं। ये नोट पंजाब नेशनल बैंक की आजादनगर शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा की गुमटी नंबर पांच की शाखा की ओर से जमा कराए गए थे। पुलिस ने इस मामले में दोनों शाखा प्रबंधकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन

भारतीय रिजर्व बैंक के दावा प्रबंधक आईपीएस गहलोत ने बताया कि शहर के बैंकों में जमा होने वाली राशि को रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा में रखा जाता है। फरवरी में जब नोटों की गिनती हुई तो पता चला कि बैंक ऑफ बड़ौदा की गुमटी शाखा की ओर से दो हजार के सात और पीएनबी की आजादनगर शाखा की ओर से आठ नोट नकली जमा हुए हैं। इसके बाद उन्होंने नवाबगंज और नजीराबाद थाने में शाखा प्रबंधकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

विज्ञापन

जांच के लिए गठित की गई विशेष टीम
आईपीएस गहलोत ने बताया कि एक विशेष टीम इस बात की जानकारी कर रही है कि बैंकों में नकली नोट कैसे जमा हो गए। इसमें किसकी लापरवाही है। कहीं बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से तो ऐसा नहीं हुआ है। पुलिस ने भी इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन

जाली नोटों की एजेंसियों से जांच कराने की मांग
आईपीएस गहलोत ने शिकायती पत्र में जाली नोटों की जांच की मांग की है। उन्होंने महाप्रबंधक बैंक नोट प्रेस नासिक, महाप्रबंधक करेंसी नोट प्रेस, नोट प्रेस मुद्रण प्रेस प्रतिभूति छपाई मुद्राणालय एवं फोरेंसिक से जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जाली नोटों का डाटा एनसीआरबी की साइट पर अपडेट करने के साथ ही इसका यूनिक आईडी नंबर भी पुलिस को दिया है।

विज्ञापन

पांच माह पहले कोतवाली पुलिस ने पकड़ा था गैंग, जांच ठंडे बस्ते में
पांच महीने पहले कोतवाली पुलिस ने दो हजार के नोटों को बदलने वाले गैैंग का खुलासा किया था। इसके बाद जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया। कानपुर, लखनऊ और दूसरे प्रदेशों का नेटवर्क इन गैंग के साथ जुड़ा होने के न सिर्फ संकेत मिले थे, बल्कि उसके साक्ष्य भी मिले थे। इसके बाद भी मामले में पुलिस शांत बैठी है। इस संबंध में बात करने पर डीसीपी पूर्वी एसके सिंह ने बताया कि मामले में कोतवाली पुलिस अभी भी जांच कर रही है, कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैैं। कुछ लोगों को बयान दर्ज करने का नोटिस जारी किया गया है।

बैंकों की करेंसी चेस्ट नहीं पकड़ पाई नकली नोट
नकली नोट मिलने के मामले में बैंक कर्मचारियों और अफसरों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। दरअसल, बैंक की शाखाओं में नकदी जमा होने के बाद संबंधित बैंक की करेंसी चेस्ट में भेजी जाती है। यहां हर नोट की छंटाई की जाती है। नकली नोट या खराब नोट की जांच की जाती है। इसके बाद नोट आरबीआई की करेंसी चेस्ट भेजे जाते हैं। बैंकों की करेंसी चेस्ट में नकली नोटों का न पकड़ा जाना बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। पांच से ज्यादा नकली नोट मिलने पर बैंक या आरबीआई एफआईआर दर्ज कराता है। पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड पीसी चौधरी का कहना है कि नकली नोट मिलने की जानकारी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed