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बदल गई तस्वीर, संवर गया परौंख
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डेरापुर। राष्ट्रपति के 27 जून को अपने पैतृक गांव आने का कार्यक्रम तय है। इसको लेकर परौंख की तस्वीर बदल गई है। स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, आंबेडकर पार्क आदि स्थल संवर गए हैं। कुछ दिन पहले जिन स्थानों पर कूड़े के ढेर दिखते थे अब साफ सफाई हो गई है। गांव की बदली तस्वीर व राष्ट्रपति के आने की खुशी लोगों के चेहरे पर नजर आ रही है।
राष्ट्रपति का कार्यक्रम तय हुआ तो एक बार फिर से अफसर परौंख गांव की ओर दौड़ पड़े। गांव स्थित कॉलेज को रंग रोगन कर अच्छी तरह सजाया गया है। परौंख उच्च माध्यमिक विद्यालय में टाइल्स लग गए हैं। वायरिंग का काम पूरा करा लिया गया है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार है। वहीं पथरीदेवी मंदिर, रहनिया चौक में इंटरलॉकिंग कराई गई है।
राष्ट्रपति का पैतृक आवास जो अब मिलन केंद्र है, उसे सुसज्जित किया गया है। आंगनबाड़ी व एएनएम सेंटर को भी मुख्यमार्ग से इंटलाकिंग कराकर जोड़ा गया है। गांवों में शेड्यूल की बिजली आपूर्ति हो रही है। गलियां भी अब साफ सुथरी नजर आ रही हैं। परौंख गांव में जलनिगम की टंकी से पूरे गांव व मजरों में 974 घरों में जलापूर्ति हो रही है। टूटी करीब दो सौ टोटियां फिर से लगाई गई हैं।
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राष्ट्रपति बनने पर हुए ये काम
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद परौंख गांव के हालत बदले। जिला स्तरीय अफसरों की चौपाल लगी और विकास का खाका तैयार किया गया। कई काम कराए गए। टंकी बनी, स्कूल संवरा और एक लेन सड़क को दो लेन में कराया गया। छह कमरों में संचालित वीरांगना झलकारी बाई इंटर कॉलेज में 14 कमरे, दो प्रयोगशाला, बड़ा हाल, प्रधानाचार्य कक्ष बनकर तैयार हो गए। स्टेट बैंक, बहुउद्देश्यीय भवन का भी निर्माण कराया गया।
ये काम अभी बाकी
डेरापुर कस्बे में सेंगुर नदी पर बना पुल संकरा है। हालांकि इसको चौड़ा कराने का प्रस्ताव कुछ दिन पूर्व बना है। वहीं रूरा से डेरापुर को जोड़ने वाली सड़क के दोहरीकरण का काम मंजूरी मिलने के बाद भी अटका है।
चमक उठा रहनियां चौक
डेरापुर। परौंख में रहनिया चौक पर गंदगी और जलभराव रहता था। अब चौक की तस्वीर बदल गई है। पूरे मैदान पर इंटरलॉकिंग कराई गई है। वहीं जलनिकासी के लिए नाली बनाई गई हैं। अब चमक उठे रहनियां चौक को देखकर लोग खुश हैं।
किसी कार्यक्रम का नहीं लगता शुल्क
डेरापुर। राष्ट्रपति के दान दिए पैतृक आवास की भूमि पर मिलन केेंद्र बना है। राज्यसभा सांसद रहते उन्होंने निधि देकर इसे बनवाया था। कुछ माह पूर्व करीब दस लाख से प्रथम तल पर निर्माण कराया गया है। शादी कार्यक्रम या अन्य कार्यक्रमों पर मिलन केंद्र निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। ग्राम प्रधान संग्राम सिंह ने बताया कि मिलन केंद्र से बहुत सहूलियत है।
बहुउद्देशीय भवन से मिली सहूलियत
डेरापुर। बहुउद्देशीय भवन से महिला समूूह को सहूलियत मिली है। यह भवन करीब 50 लाख की लागत से बना है। यहां प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के तहत एक कक्ष में सोलर लाइट असेंबलिंग यूनिट चलाई जा रही है। रोजगार मिलने से समूह की आमदनी बढ़ गई है। भवन का परिसर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी उपलब्ध है।
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राष्ट्रपति का कार्यक्रम तय हुआ तो एक बार फिर से अफसर परौंख गांव की ओर दौड़ पड़े। गांव स्थित कॉलेज को रंग रोगन कर अच्छी तरह सजाया गया है। परौंख उच्च माध्यमिक विद्यालय में टाइल्स लग गए हैं। वायरिंग का काम पूरा करा लिया गया है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार है। वहीं पथरीदेवी मंदिर, रहनिया चौक में इंटरलॉकिंग कराई गई है।
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राष्ट्रपति का पैतृक आवास जो अब मिलन केंद्र है, उसे सुसज्जित किया गया है। आंगनबाड़ी व एएनएम सेंटर को भी मुख्यमार्ग से इंटलाकिंग कराकर जोड़ा गया है। गांवों में शेड्यूल की बिजली आपूर्ति हो रही है। गलियां भी अब साफ सुथरी नजर आ रही हैं। परौंख गांव में जलनिगम की टंकी से पूरे गांव व मजरों में 974 घरों में जलापूर्ति हो रही है। टूटी करीब दो सौ टोटियां फिर से लगाई गई हैं।
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राष्ट्रपति बनने पर हुए ये काम
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद परौंख गांव के हालत बदले। जिला स्तरीय अफसरों की चौपाल लगी और विकास का खाका तैयार किया गया। कई काम कराए गए। टंकी बनी, स्कूल संवरा और एक लेन सड़क को दो लेन में कराया गया। छह कमरों में संचालित वीरांगना झलकारी बाई इंटर कॉलेज में 14 कमरे, दो प्रयोगशाला, बड़ा हाल, प्रधानाचार्य कक्ष बनकर तैयार हो गए। स्टेट बैंक, बहुउद्देश्यीय भवन का भी निर्माण कराया गया।
ये काम अभी बाकी
डेरापुर कस्बे में सेंगुर नदी पर बना पुल संकरा है। हालांकि इसको चौड़ा कराने का प्रस्ताव कुछ दिन पूर्व बना है। वहीं रूरा से डेरापुर को जोड़ने वाली सड़क के दोहरीकरण का काम मंजूरी मिलने के बाद भी अटका है।
चमक उठा रहनियां चौक
डेरापुर। परौंख में रहनिया चौक पर गंदगी और जलभराव रहता था। अब चौक की तस्वीर बदल गई है। पूरे मैदान पर इंटरलॉकिंग कराई गई है। वहीं जलनिकासी के लिए नाली बनाई गई हैं। अब चमक उठे रहनियां चौक को देखकर लोग खुश हैं।
किसी कार्यक्रम का नहीं लगता शुल्क
डेरापुर। राष्ट्रपति के दान दिए पैतृक आवास की भूमि पर मिलन केेंद्र बना है। राज्यसभा सांसद रहते उन्होंने निधि देकर इसे बनवाया था। कुछ माह पूर्व करीब दस लाख से प्रथम तल पर निर्माण कराया गया है। शादी कार्यक्रम या अन्य कार्यक्रमों पर मिलन केंद्र निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। ग्राम प्रधान संग्राम सिंह ने बताया कि मिलन केंद्र से बहुत सहूलियत है।
बहुउद्देशीय भवन से मिली सहूलियत
डेरापुर। बहुउद्देशीय भवन से महिला समूूह को सहूलियत मिली है। यह भवन करीब 50 लाख की लागत से बना है। यहां प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के तहत एक कक्ष में सोलर लाइट असेंबलिंग यूनिट चलाई जा रही है। रोजगार मिलने से समूह की आमदनी बढ़ गई है। भवन का परिसर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी उपलब्ध है।