ठेकेदार को जिंदा फूंकने का मामला: सांस थमने से पहले बोला-मुझे गालियां देकर खदेड़ा, पीटा और आग लगा दी
श्याम नगर में लेबर ठेकेदार को जलाकर मार दिया गया। उसे उर्सला में भर्ती कराया गया था, जहां पुलिस ने बयान का वीडियो बनाया। उसने सांस थमने से चंद मिनट पहले बयान दिए थे।
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कई सालों से मेरा पैसा बाकी था। जब जब मैं पैसा मांगता था तब बिल्डर शैलेंद्र दुत्कार देता था। आज भी हम पैसे लेने के लिए गए थे। जब हम उसके घर के भीतर गए तो पहले गालियां देकर खदेड़ा और पलक झपकते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया। पीटा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे राजेंद्र आग से झुलसे। सबसे पहले उनको कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनको उर्सला रेफर कर दिया गया। इस दौरान पुलिस ने उनके बयान का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में राजेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिल्डर शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव से उनको 18 लाख रुपये लेने थे।
इसी को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था लेकिन वह पैसे देने को तैयार नहीं हो रहा था। मैं लगातार पैसे मांग रहा था। आज (बुधवार) को शैलेंद्र ने कुछ पैसे देने के लिए घर बुलाया था। जब मैं वहां पहुंचा तो दरवाजा बंद कर मुझे पीटा गया और राघवेंद्र तिवारी के साथ मिलकर मुझे जला दिया।
बयान देने के चंद मिनट बाद राजेंद्र ने दम तोड़ दिया। अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने बताया कि यह बयान बेहद अहम हैं। कोर्ट में सबसे मजबूत साक्ष्य यही बयान साबित होंगे। पुलिस ने अपनी जांच में वीडियो बयान शामिल कर लिया है।
दो नाम और सामने आए
बयान के दौरान राजेंद्र ने राघवेंद्र तिवारी का जिक्र किया। उसकी भी मौजूदगी वहां बताई है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। यही नहीं पुलिस को जानकारी हुई है कि अस्पताल तक पहुंचाने में कोई पप्पू ठेकेदार भी साथ में था। वह कौन है और क्या उसकी भूमिका वारदात में है। इसके बारे में पुलिस पता कर रही है। डीसीपी ने बताया कि जिस किसी की भी भूमिका पाई गई उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। राघवेंद्र तिवारी को दबोच लिया गया है।