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Kanpur: आईआईटी ने तैयार की विशेष कोटिंग, कम होगा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रदूषण, जानें क्या होंगे फायदे
Thu, 31 Aug 2023 04:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Thu, 31 Aug 2023 04:26 PM IST
सार
Kanpur News: प्रो. कुमार वैभव ने बताया कि वाईफाई, सेल फोन टाॅवर, रडार, डायग्नोस्टिक चिकित्सा उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व संचार प्रणालियों से पर्यावरण में निरंतर विद्युत चुंबकीय विकिरण (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें) तेजी से निकल रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रदूषण को कम करने के लिए आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने विशेष कोटिंग तैयार की है। इस कोटिंग का इस्तेमाल माइक्रोवेव या खिड़की के शीशे पर किया जा सकता है। इसकी मदद से 90 फीसदी से अधिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों को अवशोषित किया जा सकता है। इस तकनीक का सबसे अधिक फायदा चिकित्सा व रक्षा क्षेत्र के अलावा वाणिज्यिक भवनों को होगा।
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संस्थान को तकनीक का पेटेंट भी मिल गया है। आईआईटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की वरिष्ठ शोधार्थी डॉ. काजल चौधरी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रो. जे रामकुमार, भौतिकी विभाग के प्रो. एस अनंतरामकृष्ण, सामग्री इंजीनियरिंग आईआईएससी बंगलूरू के प्रो. प्रवीण सी राममूर्ति व कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव की देखरेख में शोध किया गया है।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि अभी तक इंडियन टिन ऑक्साइड से तैयार पॉलीइथाइलीन शीट्स का इस्तेमाल हो रहा है, जिसका परिणाम बेहतर नहीं है। आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें वातावरण को प्रदूषित कर रही हैं। यह तकनीक पर्यावरण को प्रदूषण से सुरक्षित रखेगी। प्रो. कुमार वैभव ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक व संचार प्रणालियों से पर्यावरण में निरंतर विद्युत चुंबकीय विकिरण तेजी से निकल रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
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