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राजकीय सम्मान से सिपाहियों का अंतिम संस्कार
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टिपटिया गांव में सिपाही रीता कुशवाहा को अंतिम सलाती देते पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद। उन्नाव सफीपुर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले जिले के दो सिपाहियों का शनिवार को राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। महिला सिपाही रीता कुशवाहा को नानामऊ और कृष्णेंद्र को कालपी घाट पर मुखाग्नि दी गई।
असालतगंज टिपटिया निवासी प्रभाकांत उर्फ जितेंद्र कुशवाहा की पत्नी रीता कुशवाहा (25) सिपाही थी। वर्तमान में इनकी तैनाती उन्नाव में थी। इनकी शादी 2019 हुई थी। रीता अपने पति प्रभाकांत के साथ सफीपुर में रहती थी। प्रभाकंात शिक्षक की तैयारी कर रहे हैं। इनके डेढ़ वर्ष की बेटी आराध्या है। शुक्रवार शाम उन्नाव में दूध का टैंकर पीआरवी वाहन पर पलट गया था। इसमें दबकर दो महिला सिपाही व एक पुरुष सिपाही की मौत हो गई थी। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद रीता का शव गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। सीओ विजयेंद्र दुबे, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। घाट पर पति ने मुखाग्नि दी।
गांव की युवतियों के लिए प्ररेणा थीं रीता
सिपाही रीता जब भी छुट्टी पर आती थी तो युवतियां उनसे टिप्स लेती थी। साथ ही उनके अनुभव पूछती थी। इस पर रीता अपनी बहादुरी के किस्से सुनाया करती थी। इस वजह से वह युवतियाें की प्रेरणा स्रोत बन गई थी।
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इकलौते पुत्र थे कृष्णेंद्र
कानपुर देहात। उन्नाव हादसे में जैनपुर निवासी कृष्णेंद्र यादव (40) की भी मौत हुई है। वह शिवशंकर यादव के इकलौते पुत्र थे। 2006 में पुलिस भर्ती हुए थे। वह बतौर हेड कांस्टेबल यूपी 112 में उन्नाव में तैनात थे। शुक्रवार रात सफीपुर नौबतपुर में पीआरवी वैन में ड्यूटी पर थे। वहां टैंकर पलटने से दबकर वैन में ही उनकी मौत हो गई थी। शनिवार को शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पिता शिवशंकर, मां विमला, पत्नी राजकुमारी बुरी तरह से बिलखती रहीं। उसके दो बच्चे राज (9) रोहन (7) हैं। शव आने से पहले ही जवान के घर सीओ अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर विनोद पांडेय, जैनपुर चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार पहुंचे गए थे। परिजनों को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे। पुलिस लाइन से पहुंचे जवानों ने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। कालपी घाट पर यमुना नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया। चचेरे भाई दीपक ने मुखाग्नि दी। मृतक के घर रिश्तेदारों व आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ लगी रही।
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असालतगंज टिपटिया निवासी प्रभाकांत उर्फ जितेंद्र कुशवाहा की पत्नी रीता कुशवाहा (25) सिपाही थी। वर्तमान में इनकी तैनाती उन्नाव में थी। इनकी शादी 2019 हुई थी। रीता अपने पति प्रभाकांत के साथ सफीपुर में रहती थी। प्रभाकंात शिक्षक की तैयारी कर रहे हैं। इनके डेढ़ वर्ष की बेटी आराध्या है। शुक्रवार शाम उन्नाव में दूध का टैंकर पीआरवी वाहन पर पलट गया था। इसमें दबकर दो महिला सिपाही व एक पुरुष सिपाही की मौत हो गई थी। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद रीता का शव गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। सीओ विजयेंद्र दुबे, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। घाट पर पति ने मुखाग्नि दी।
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गांव की युवतियों के लिए प्ररेणा थीं रीता
सिपाही रीता जब भी छुट्टी पर आती थी तो युवतियां उनसे टिप्स लेती थी। साथ ही उनके अनुभव पूछती थी। इस पर रीता अपनी बहादुरी के किस्से सुनाया करती थी। इस वजह से वह युवतियाें की प्रेरणा स्रोत बन गई थी।
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इकलौते पुत्र थे कृष्णेंद्र
कानपुर देहात। उन्नाव हादसे में जैनपुर निवासी कृष्णेंद्र यादव (40) की भी मौत हुई है। वह शिवशंकर यादव के इकलौते पुत्र थे। 2006 में पुलिस भर्ती हुए थे। वह बतौर हेड कांस्टेबल यूपी 112 में उन्नाव में तैनात थे। शुक्रवार रात सफीपुर नौबतपुर में पीआरवी वैन में ड्यूटी पर थे। वहां टैंकर पलटने से दबकर वैन में ही उनकी मौत हो गई थी। शनिवार को शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पिता शिवशंकर, मां विमला, पत्नी राजकुमारी बुरी तरह से बिलखती रहीं। उसके दो बच्चे राज (9) रोहन (7) हैं। शव आने से पहले ही जवान के घर सीओ अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर विनोद पांडेय, जैनपुर चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार पहुंचे गए थे। परिजनों को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे। पुलिस लाइन से पहुंचे जवानों ने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। कालपी घाट पर यमुना नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया। चचेरे भाई दीपक ने मुखाग्नि दी। मृतक के घर रिश्तेदारों व आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ लगी रही।