भाई की लाश के साथ पांच दिन रही बहन: घर में मिला अरुण का शव, दरवाजे के पीछे थी हेमलता; बदबू आने पर हुआ खुलासा
फॉरेंसिक टीम ने जांच कर शव पांच दिन पुराने होने की आशंका जताई। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह ने हेमलता से जानकारी करने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ नहीं बोलीं। पुलिस ने उनकी हालत देखते हुए उन्हें हैलट अस्पताल भेजा।
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यूपी के कानपुर स्थित लाजपत नगर के केसी अपार्टमेंट के फ्लैट में रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मी के पांच दिन पुराने शव के साथ उनकी बहन बंद मिलीं। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस पूछताछ में बहन कुछ नहीं बोलीं। वह गहरे सदमें में थीं। उन्हें हैलट अस्पताल के बाद वन स्टाप सेंटर भिजवाया गया है।
नहीं खुला था कई दिनों से फ्लैट का दरवाजा
केसी अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मचारी अरुण कुमार मलिक (69) अपनी बहन हेमलता के साथ रहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके फ्लैट का दरवाजा नहीं खुल रहा था। शनिवार देर रात उनके कमरे से तेज बदबू आ रही थी। पड़ोसियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। फोन भी मिलाया, लेकिन कॉल नहीं गई। किसी तरह की प्रतिक्रिया न होने पर पुलिस को सूचना दी गई।
दरवाजा तोड़कर घर में घुसी पुलिस
एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह, एसीपी स्वरूपनगर शिखर कुमार, नजीराबाद इंस्पेक्टर पवन सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम बुलवाई गई। पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा। अंदर घुसते ही जमीन पर अरुण कुमार मलिक का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। उनकी बहन हेमलता दूसरे कमरे में दरवाजे के पीछे थीं।
बिहार के रहने वाले थे अरुण
फॉरेंसिक टीम ने जांच कर शव पांच दिन पुराने होने की आशंका जताई। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह ने हेमलता से जानकारी करने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ नहीं बोलीं। पुलिस ने उनकी हालत देखते हुए उन्हें हैलट अस्पताल भेजा। वहां जांच कर वन स्टाप सेंटर ले गए। नजीराबाद इंस्पेक्टर ने बताया कि अरुण कुमार मूलरूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले थे। घर में पीडब्ल्यूडी के साथ एयरफोर्स को उनका पुराना आईडी कार्ड मिला है।