{"_id":"5aedbc4c4f1c1b60098b85f5","slug":"shivpal-singh-yadav-angery-at-government-programme-in-etawah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इटावा में शिवपाल को आया गुस्सा, जिला प्रशासन ने उखड़वाया तंबू-कनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावा में शिवपाल को आया गुस्सा, जिला प्रशासन ने उखड़वाया तंबू-कनात
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 05 May 2018 07:52 PM IST
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कार्यक्रम में समर्थकों के साथ पहुंचे विधायक शिवपाल सिंह यादव।
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इटावा में एक कार्यक्रम के दौरान सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव को गुस्सा आ गया। कार्यक्रम में उन्हें बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। इटावा ताखा ब्लाक में शनिवार को ग्राम स्वराज योजना के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और कैशल विकास मेले का आयोजन किया था। प्रशासन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के लिए बुलावा भाजपा नेता मनीष यादव पतरे को भेज दिया गया तो दूसरी तरफ बीडीओ ने क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव को बतौर मुख्य अतिथि बुलावा भेज दिया। कार्यक्रम में विधायक शिवपाल के आने की भनक लगते ही तंबू-कनात उखाड़ दिए गए गए। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आईं महिलाओं को वापस कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे शिवपाल ने कहा कि प्रशासन पक्षपात कर रहा है। लोगों को जबरन पंडाल से हटाया गया।
जिला प्रशासन ने भाजपा नेता मनीष यादव पतरे को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। उधर, खंड विकास अधिकारी ताखा धर्मवीर सिंह यादव ने क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जयराज सिंह एवं ब्लाक प्रमुख उर्मिला देवी कठेरिया को भी आमंत्रित कर दिया। सपा नेता और क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह को मुख्य अतिथि बनाने की सूचना खंड विकास अधिकारी ने उच्च अधिकारी को नहीं दी। अचानक भाजपा और सपा नेताओं के एक ही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचने की सूचना पर प्रशासन ने टकराव की आशंका पर कार्यक्रम निरस्त कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए तंबू-कानत, स्टाल हटवाए गए। कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को भी पुलिस बुलाकर बाहर कर दिया गया। इसी बीच कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव भी पहुंच गए। उनके पहुंचने की सूचना पर उप जिलाधिकारी चकरनगर मोहम्मद कमर, क्षेत्राधिकारी चकरनगर उत्तम कुमार, कोतवाल भरथना जेपी पाल, प्रभारी थानाध्यक्ष ऊसराहार छोटेलाल व पुलिस बल वहां पहुंच गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी दी। शिवपाल ने मुख्य विकास अधिकारी पर कार्यक्रम को निरस्त कराने का आरोप लगाया। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सीडीओ के निर्देश पर कार्यक्रम निरस्त किया गया है, जनपद स्तरीय अधिकारियों ने किसे आमंत्रित किया था इसकी उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी। इसीलिए उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों को बुलावा भेजा था। मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि खंड विकास अधिकारी ताखा को ब्लाक प्रमुख को आमंत्रण करने को कहा गया था। साथ ही जनपद स्तर से भी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण दिए गए थे। दोनों दलों के नेताओं के पहुंचने से टकराव की स्थिति में कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया है।
व्यापक स्तर पर की गई थी तैयारी
खंड विकास कार्यालय पर आयोजित कौशल विकास मेले की तैयारियां काफी बड़े पैमाने पर की गई थी। बडे़ टेंट व्यवसायी छदामीलाल टेंट हाउस को टेंट लगाने के लिए कहा गया था। बड़ा पंडाल भी बनाया गया था। कूलर और साउंड समेत खाने-पीने की व्यवस्था के साथ प्रचार प्रसार पर भी पैसा खर्च किया गया था।
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जिला प्रशासन ने भाजपा नेता मनीष यादव पतरे को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। उधर, खंड विकास अधिकारी ताखा धर्मवीर सिंह यादव ने क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जयराज सिंह एवं ब्लाक प्रमुख उर्मिला देवी कठेरिया को भी आमंत्रित कर दिया। सपा नेता और क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह को मुख्य अतिथि बनाने की सूचना खंड विकास अधिकारी ने उच्च अधिकारी को नहीं दी। अचानक भाजपा और सपा नेताओं के एक ही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचने की सूचना पर प्रशासन ने टकराव की आशंका पर कार्यक्रम निरस्त कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए तंबू-कानत, स्टाल हटवाए गए। कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को भी पुलिस बुलाकर बाहर कर दिया गया। इसी बीच कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव भी पहुंच गए। उनके पहुंचने की सूचना पर उप जिलाधिकारी चकरनगर मोहम्मद कमर, क्षेत्राधिकारी चकरनगर उत्तम कुमार, कोतवाल भरथना जेपी पाल, प्रभारी थानाध्यक्ष ऊसराहार छोटेलाल व पुलिस बल वहां पहुंच गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी दी। शिवपाल ने मुख्य विकास अधिकारी पर कार्यक्रम को निरस्त कराने का आरोप लगाया। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सीडीओ के निर्देश पर कार्यक्रम निरस्त किया गया है, जनपद स्तरीय अधिकारियों ने किसे आमंत्रित किया था इसकी उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी। इसीलिए उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों को बुलावा भेजा था। मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि खंड विकास अधिकारी ताखा को ब्लाक प्रमुख को आमंत्रण करने को कहा गया था। साथ ही जनपद स्तर से भी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण दिए गए थे। दोनों दलों के नेताओं के पहुंचने से टकराव की स्थिति में कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया है।
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व्यापक स्तर पर की गई थी तैयारी
खंड विकास कार्यालय पर आयोजित कौशल विकास मेले की तैयारियां काफी बड़े पैमाने पर की गई थी। बडे़ टेंट व्यवसायी छदामीलाल टेंट हाउस को टेंट लगाने के लिए कहा गया था। बड़ा पंडाल भी बनाया गया था। कूलर और साउंड समेत खाने-पीने की व्यवस्था के साथ प्रचार प्रसार पर भी पैसा खर्च किया गया था।
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दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्यक्रम किया निरस्त
कार्यक्रम के लिए सजाया गया पंडाल व बिछाई गई कुर्सियां।
विधायक शिवपाल सिंह ने कहा कि उन्हें ब्लाक प्रमुख ताखा ने आमंत्रित किया था। स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के नाते वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, परंतु सीडीओ ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्यक्रम को निरस्त कर दिया। उन्होंने भाजपा नेता मनीष यादव पतरे का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग कुछ नहीं हैं, उन्हें मुख्य अतिथि बनाया जा रहा है। वह स्थानीय जनप्रतिनिधि हैं। अपने क्षेत्र के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आया था। इसके लिए ऊपर से निर्देश आ रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी पक्षपात कर रहे हैं, यह रवैया ठीक नहीं है। इसके बाद शिवपाल सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी को फोन करके आपत्ति भी जताई। कार्यक्रम के निरस्त होने के वाद शिवपाल सिंह समर्थकों सहित वापस चले गए। उनके साथ ध्रुव कुमार यादव, जयराज सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य रामवीर सिंह यादव, सीमा यादव, विमला यादव सहित तमाम नेता मौजूद थे।
सीडीओ ने दी थी सूचना
आनन-फानन में सजावट हटाता कर्मी।
भाजपा नेता मनीष यादव पतरे का कहना था कि उनको मुख्य विकास अधिकारी से सूचना मिली थी, जिसके बाद वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रास्ते में विधायक शिवपाल सिंह के आने की सूचना मिली जिस पर उन्होंने दोनों लोगों के शामिल होने पर कोई आपत्ति नहीं की थी। बाद में उन्हें कार्यक्रम के निरस्त होने की सूचना दी गई।
क्या था कार्यक्रम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका एवं कौशल विकास दिवस पर आयोजित समारोह में विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगाकर मेले का आयोजन किया गया था। समारोह में विकासखंड ताखा के 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह की 200 से अधिक महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। ब्लाक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत भी किया जाना था, जबकि सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी मेले में ग्रामीणों को दी जानी थी।
क्या था कार्यक्रम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका एवं कौशल विकास दिवस पर आयोजित समारोह में विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगाकर मेले का आयोजन किया गया था। समारोह में विकासखंड ताखा के 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह की 200 से अधिक महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। ब्लाक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत भी किया जाना था, जबकि सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी मेले में ग्रामीणों को दी जानी थी।
पहले भी विवाद पैदा कर चुके हैं ताखा बीडीओ
कार्यक्रम निरस्त होने पर वापस जातीं महिलाएं।
खंड विकास अधिकारी ताखा धर्मवीर सिंह यादव इससे पहले भी क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव एवं भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे को आमंत्रित करके आयोजन को विवादित कर चुके हैं। विकास खंड ताखा में 21 मार्च को सामूहिक विवाह के लिए आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे को भी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर दिया गया था लेकिन समारोह वाले दिन जब जिलाध्यक्ष को जानकारी हुई तो फिर वह समारोह में नहीं गए। जबकि दूसरी ओर से फिर विधायक शिवपाल सिंह यादव ने भी कार्यक्रम में शिरकत नहीं की और पूरा समारोह बिना अतिथियों के ही निपट गया। उस समय भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल राज वर्मा ने भी इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी थी।