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गाय को नारा नहीं, चारा देना होगाः शंकराचार्य
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:51 AM IST
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सम्मेलन में शंकराचार्य वासुुदेवानंद सरस्वती का उद्बोधन
- फोटो : अमर उजाला
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शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि गाय को मां कहने से काम नहीं चलेगा। मां जैसा व्यवहार भी करना होगा। गाय को नारा नहीं, चारा देना होगा। प्रत्येक व्यक्ति नहीं बल्कि 10 मनुष्य मिलकर एक गाय के संरक्षण का संकल्प ले लें तो एक भी गाय सड़कों पर कूड़े के ढेर पर नहीं जाएगी।
शंकराचार्य सोमवार को कानपुर में मां गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान समिति की ओर से त्रिपाठी गेस्ट हाउस पनकी में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब गाय माता मंदिर होना चाहिए। तब ही लोगों को गाय से प्रेम होगा। उन्होंने कहा कि गंगा को उत्तराखंड में बांधों ने कैद कर रखा है।
जब तक उन बांधों से जल नहीं छोड़ा जाता, तब तक गंगा की धारा अविरल नहीं होगी। इस अवसरपर गाय संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। सम्मेलन में रामजी त्रिपाठी, संजय दीक्षित, सुरेंद्र सिंह,आनंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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शंकराचार्य सोमवार को कानपुर में मां गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान समिति की ओर से त्रिपाठी गेस्ट हाउस पनकी में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब गाय माता मंदिर होना चाहिए। तब ही लोगों को गाय से प्रेम होगा। उन्होंने कहा कि गंगा को उत्तराखंड में बांधों ने कैद कर रखा है।
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जब तक उन बांधों से जल नहीं छोड़ा जाता, तब तक गंगा की धारा अविरल नहीं होगी। इस अवसरपर गाय संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। सम्मेलन में रामजी त्रिपाठी, संजय दीक्षित, सुरेंद्र सिंह,आनंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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