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खाना खाते समय भी उंगलियां फोन या की-बोर्ड पर, ऐसा करने से होगा बड़ा नुकसान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 05:30 PM IST
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सोशल मीडिया के इस युग में मनुष्य इतना व्यस्त हो गया है कि वह एक-एक सेकेंड का उपयोग कर रहा है। सुबह से शाम तक कंप्यूटर, मोबाइल में व्यस्त रहने के बाद खाना खाते समय भी उंगलियां फोन पर रहती हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। दिमाग को कुछ आराम देना चाहिए। इससे पुरानी सूचनाओं का अध्ययन होता है। ये बातें आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कही।
वह डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच), कानपुर में ‘स्वस्थ्य जीवन शैली’ विषय पर आयोजित सेमिनार में को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज कल युवा वर्ग कंप्यूटर, मोबाइल, ईयरफोन का बहुत प्रयोग कर रहा है। स्वास्थ्य के प्रति कोई सजग नहीं है। सुबह उठना, व्यायाम, खाली पेट पानी का सेवन भी कोई नहीं करता।
स्वास्थ्य के प्रति सभी को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नींद लंबी नहीं गहरी लेनी चाहिए। पूरी रात सोने के बाद भी लोगों को सुस्ती आती है, जबकि महज चार से पांच घंटे की गहरी नींद लेने के बाद इंसान पूरे दिन एक्टिव रहता है। इस मौके पर निदेशक प्रो. बिपिन कुमार त्रिपाठी, विनय तिवारी, डॉ. अनोखेलाल पाठक, डॉ. श्रीनाथ द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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वह डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच), कानपुर में ‘स्वस्थ्य जीवन शैली’ विषय पर आयोजित सेमिनार में को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज कल युवा वर्ग कंप्यूटर, मोबाइल, ईयरफोन का बहुत प्रयोग कर रहा है। स्वास्थ्य के प्रति कोई सजग नहीं है। सुबह उठना, व्यायाम, खाली पेट पानी का सेवन भी कोई नहीं करता।
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स्वास्थ्य के प्रति सभी को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नींद लंबी नहीं गहरी लेनी चाहिए। पूरी रात सोने के बाद भी लोगों को सुस्ती आती है, जबकि महज चार से पांच घंटे की गहरी नींद लेने के बाद इंसान पूरे दिन एक्टिव रहता है। इस मौके पर निदेशक प्रो. बिपिन कुमार त्रिपाठी, विनय तिवारी, डॉ. अनोखेलाल पाठक, डॉ. श्रीनाथ द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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