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एसडीएम सदर व यूपीसीडा के एई ने क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए दो गांवों में देखी भूमि
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क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए भूमि देखते एसडीएम व अन्य। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
रनियां (कानपुर देहात)। खानचंद्रपुर गांव में खुले में डंप क्रोमियम कचरे के निस्तारण के लिए यूपीसीडा को तीस बीघा भूमि की जरूरत है। मंगलवार को एसडीएम सदर ने यूपीसीडा के एई की मौजूदगी में खानचंद्रपुर व किशरवल गांव में भूमि देखी। क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए भूमि जल्द तय की जाएगी।
अकबरपुर तहसील के खानंचद्रपुर में मटियामऊ रोड किनारे छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप है। इसकी वजह से भूगर्भ जल दूषित हो गया है। एनटीजी ने कचरा डंप करने वाली फैक्टरियों के संचालकों 280 करोड़ जुर्माना लगाया है। अभी जुर्माना राशि की वसूली नहीं हो सकी है।
एनजीटी ने राज्य सरकार को क्रोमियम कचरा निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसपर यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। कानपुर आईआईटी के दिशा निर्देशन में क्रोमियम कचरा निस्तारण करने की कार्ययोजना बनाई गई है। करीब तीस बीधा भूमि की जरूरत है।
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यहां पर कंक्रीट की दीवार व प्लास्टिक सीट बिछाकर क्रोमियम का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद ऊपरी सतह पर पौधे लगाए जाएंगे। मंगलवार को जरूरत की भूमि की तलाश शुरू की गई। एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला, तहसीलदार रणविजय सिंह व यूपीसीडा के सहायक अभियंता आरके गुप्ता ने रनियां नगर पंचायत के खानचंद्रपुर में क्रोमियम कचरा डंप स्थल से करीब पांच किमी दूर हाईवे किनारे खाली पड़ी भूमि देखी।
इसके बाद करीब आठ किमी दूर स्थित किशरवल गांव में ऊसर भूमि देखी गई। इन दोनों स्थानों पर पर्याप्त भूमि है। हालांकि क्रोमियम कचरा निस्तारण किस भूमि पर किया जाए इसको लेकर अभी सहमति नहीं बनी है।
एसडीएम सदर ने बताया कि दो गांवों की भूमि देखी गई है। जल्द क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए भूमि चिंहित की जाएगी। इसके बाद यूपीसीडा काम शुरू कराएगा। भूमि तलाश के दौरान लेखपाल प्रदीप गौड, सुरेश यादव भी रहे।
आईआईटी कानपुर के परामर्श से क्रोमियम कचरा का निस्तारण किया जाना है। इसके लिए जरूरी भूमि की तलाश की जा रही है। चिंहित भूमि पर गड्ढा खोदकर कंक्रीट की मोटी दीवार बनाई जाएगी। इसके बाद प्लास्टिक सीट बिछाकर क्रोमियम कचरा शिफ्ट किया जाएगा। सबसे ऊपरी तरफ हरियाली उगाई जाएगी। - आरके गुप्ता, सहायक अभियंता यूपीसीडा
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अकबरपुर तहसील के खानंचद्रपुर में मटियामऊ रोड किनारे छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप है। इसकी वजह से भूगर्भ जल दूषित हो गया है। एनटीजी ने कचरा डंप करने वाली फैक्टरियों के संचालकों 280 करोड़ जुर्माना लगाया है। अभी जुर्माना राशि की वसूली नहीं हो सकी है।
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एनजीटी ने राज्य सरकार को क्रोमियम कचरा निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसपर यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। कानपुर आईआईटी के दिशा निर्देशन में क्रोमियम कचरा निस्तारण करने की कार्ययोजना बनाई गई है। करीब तीस बीधा भूमि की जरूरत है।
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यहां पर कंक्रीट की दीवार व प्लास्टिक सीट बिछाकर क्रोमियम का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद ऊपरी सतह पर पौधे लगाए जाएंगे। मंगलवार को जरूरत की भूमि की तलाश शुरू की गई। एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला, तहसीलदार रणविजय सिंह व यूपीसीडा के सहायक अभियंता आरके गुप्ता ने रनियां नगर पंचायत के खानचंद्रपुर में क्रोमियम कचरा डंप स्थल से करीब पांच किमी दूर हाईवे किनारे खाली पड़ी भूमि देखी।
इसके बाद करीब आठ किमी दूर स्थित किशरवल गांव में ऊसर भूमि देखी गई। इन दोनों स्थानों पर पर्याप्त भूमि है। हालांकि क्रोमियम कचरा निस्तारण किस भूमि पर किया जाए इसको लेकर अभी सहमति नहीं बनी है।
एसडीएम सदर ने बताया कि दो गांवों की भूमि देखी गई है। जल्द क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए भूमि चिंहित की जाएगी। इसके बाद यूपीसीडा काम शुरू कराएगा। भूमि तलाश के दौरान लेखपाल प्रदीप गौड, सुरेश यादव भी रहे।
आईआईटी कानपुर के परामर्श से क्रोमियम कचरा का निस्तारण किया जाना है। इसके लिए जरूरी भूमि की तलाश की जा रही है। चिंहित भूमि पर गड्ढा खोदकर कंक्रीट की मोटी दीवार बनाई जाएगी। इसके बाद प्लास्टिक सीट बिछाकर क्रोमियम कचरा शिफ्ट किया जाएगा। सबसे ऊपरी तरफ हरियाली उगाई जाएगी। - आरके गुप्ता, सहायक अभियंता यूपीसीडा