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Salary Fraud: क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी बिना हस्ताक्षर उठा रहे वेतन, सीडीओ ने जांच में पकड़ा फर्जीवाड़ा
Tue, 20 Sep 2022 05:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Tue, 20 Sep 2022 05:00 PM IST
सार
क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात अनिल तिवारी ने डेढ़ साल तक बिना कार्यालय आए फ्री का वेतन लिया। मामला उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान सामने आया, जिससे विभाग में खलबली मच गई है। सीडीओ ने जिला युवा कल्याण अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी अनिल तिवारी डेढ़ साल से बिना हस्ताक्षर के प्रतिमाह करीब 85 हजार रुपये वेतन निकाल रहे हैं। वर्तमान में उनके पास उन्नाव का जिला युवा कल्याण अधिकारी का प्रभार है, लेकिन मूल तैनाती कानपुर जिले में है। बिना हस्ताक्षर वेतन नहीं निकाला जा सकता।
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सीडीओ सुधीर कुमार ने कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया, तो फर्जीवाड़ा सामने आया। सीडीओ ने जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उन्होंने बताया कि अनिल के उन्नाव का प्रभार संभालने के बाद से अब तक यहां के कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर में न उनका नाम लिखा गया।
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उन्होंने न ही हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, प्रत्येक माह 85 हजार रुपये वेतन निकाला जाता रहा। नियम के तहत कर्मचारी की मूल तैनाती स्थल पर बिना उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए वेतन नहीं निकाला जा सकता। यह बड़ा फर्जीवाड़ा है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अलग-अलग कार्यालयों के उपस्थिति रजिस्टर चेक करने के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिना हस्ताक्षर के वेतन निकालना वित्तीय अनियमितता है। जांच कराने के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -सुधीर कुमार, सीडीओ